मृतक शिशु का फाइल फोटो
मेरठ। जनपद के मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव मुरलीपुर में एक सात माह के मासूम बच्चे की मौत का मामला सनसनीखेज मोड़ लेता जा रहा है। इस मामले में बच्चे की मां पर ही उसकी हत्या करने का आरोप लगाया गया है। पति की शिकायत के बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आने की चर्चा है। घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में भारी चर्चा का माहौल है।
पारिवारिक विवाद के बीच हुई मासूम की मौत
जानकारी के अनुसार मुरलीपुर गांव निवासी अनिल तोमर नोएडा स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। उसकी पत्नी मीनाक्षी मूल रूप से मुरादाबाद की रहने वाली बताई जा रही है। परिवार में पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। अनिल का आरोप है कि उसकी पत्नी के दिल्ली के समसपुर बदली निवासी मोहित नामक युवक से संबंध थे, जिसको लेकर दोनों के बीच लगातार कहासुनी और तनाव बना हुआ था।
परिजनों के अनुसार बीते करीब 15 दिनों से घर में विवाद का माहौल था। इसी बीच अनिल नौकरी के सिलसिले में नोएडा में मौजूद था, तभी उसे सूचना मिली कि उसके सात माह के बेटे की अचानक मौत हो गई है।
बेटे की मौत की खबर सुन गांव पहुंचा पिता
मासूम बेटे की मौत की सूचना मिलते ही अनिल तुरंत गांव पहुंचा। गांव पहुंचने के बाद उसने बच्चे की मौत के कारणों की जानकारी जुटानी शुरू की। आरोप है कि जब उसने पत्नी से घटना के बारे में पूछताछ की तो उसका व्यवहार संदिग्ध लगा।
अनिल का कहना है कि बातचीत के दौरान पत्नी ने उसे कथित रूप से धमकी भरे अंदाज में कहा कि “नीले ड्रम वाले मामले को मत भूलना, जैसा मुस्कान ने अपने पति सौरभ के साथ किया था, वैसा ही तेरे साथ भी हो सकता है।” पत्नी की इस कथित टिप्पणी के बाद अनिल का संदेह और बढ़ गया।
पुलिस को दी गई शिकायत
पत्नी के व्यवहार और कथित धमकी के बाद अनिल ने पूरे मामले की जानकारी मुंडाली थाना पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले को गंभीरता से लिया और महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से सभी तथ्यों की पुष्टि अभी नहीं की गई है। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।
शव दफनाने की भी जांच
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बच्चे की मौत के बाद उसके शव को किस परिस्थिति में दफनाया गया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का निर्धारण किया जाएगा।
जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि मासूम की मौत प्राकृतिक थी या फिर किसी साजिश के तहत उसे मौत के घाट उतारा गया। पुलिस घटना से जुड़े हर पहलू को खंगाल रही है।
गांव में चर्चा और लोगों में आक्रोश
घटना के सामने आने के बाद मुरलीपुर गांव सहित पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मां की गोद को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है, उसी पर अपने सात माह के मासूम बेटे की हत्या का आरोप लगना बेहद दुखद और हैरान करने वाला है।
ग्रामीणों के बीच पूरे घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। लोग पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में पति की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। महिला से पूछताछ की जा रही है और सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। यह घटना रिश्तों, पारिवारिक विवाद और मासूम बच्चे की मौत से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मामला बन गई है, जिसने पूरे मेरठ जिले को झकझोर कर रख दिया है।