सप्ताहाव्यापी, खेल एवं फिटनेस कार्यक्रम में लोगों ने की सहभागिता
मेरठ, 30 अगस्त 2026। राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में 25 अगस्त से आयोजित सप्ताहव्यापी खेल एवं फिटनेस कार्यक्रमों का रविवार को विभिन्न खेल गतिविधियों के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन प्रातः सात बजे वॉकाथॉन के साथ-साथ वॉलीबॉल और फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग द्वारा आयोजित इस अभियान में विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
राष्ट्रीय खेल दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में राष्ट्रीय खेल दिवस से जुड़े राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत ‘खेलेगा भारत–जीतेगा भारत’ थीम पर खेल एवं फिटनेस गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। अभियान के प्रमुख आयाम ‘ट्रिब्यूट, प्ले एंड मूव’ निर्धारित किए गए हैं।
कुलपति के निर्देशन में सप्ताहभर चला खेल अभियान
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के निर्देशन में शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग द्वारा 25 अगस्त से विभिन्न खेल और फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में खेल भावना को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना रहा।
आयोजन के दौरान अलग-अलग दिनों में वॉकाथॉन, 100 मीटर दौड़, 400 मीटर दौड़, बैडमिंटन, साइकिल रेस, वॉलीबॉल, फुटबॉल, योग और विभिन्न फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया।
वॉकाथॉन ने दिया फिटनेस और सक्रिय जीवनशैली का संदेश
रविवार सुबह आयोजित वॉकाथॉन में विश्वविद्यालय समुदाय ने उत्साह के साथ भाग लिया। वॉकाथॉन के माध्यम से नियमित पैदल चलने, शारीरिक सक्रियता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया।
आयोजकों ने कहा कि दैनिक जीवन में छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियों को शामिल करके व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रह सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों को नियमित रूप से सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया गया।
वॉलीबॉल और फुटबॉल में दिखी टीम भावना
वॉलीबॉल और फुटबॉल प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, अनुशासन, आपसी सहयोग, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
खेल मैदान में खिलाड़ियों ने अपनी टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने के साथ खेल भावना का परिचय दिया। विश्वविद्यालय परिसर में खेल गतिविधियों के आयोजन से विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों में उत्साह का माहौल रहा।
‘खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं’
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि खेल केवल प्रतियोगिता में जीत हासिल करने या पदक प्राप्त करने तक सीमित नहीं हैं। खेल स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और सकारात्मक जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार हैं।
आयोजकों के अनुसार, नियमित खेलकूद से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों का विकास होता है। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय में खेल गतिविधियों को नियमित रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
‘एक घंटा खेल के मैदान में’ पर दिया गया जोर
राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 से जुड़े अभियान में ‘एक घंटा खेल के मैदान में’ को विशेष महत्व दिया गया है। इसके माध्यम से लोगों को प्रतिदिन खेल अथवा किसी शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उच्च शिक्षण संस्थानों से भी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित सप्ताहभर की गतिविधियों को इसी व्यापक उद्देश्य के अनुरूप आयोजित किया गया।
फिट इंडिया और स्वस्थ भारत का संदेश
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ‘फिट इंडिया’, ‘स्वस्थ भारत’ और ‘खेलेगा भारत–जीतेगा भारत’ के संदेश को विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय समुदाय तक पहुंचाया गया।
विश्वविद्यालय का प्रयास रहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस को केवल एक औपचारिक आयोजन के रूप में न मनाकर इसे नियमित शारीरिक गतिविधि और सक्रिय जीवनशैली के प्रति जागरूकता के अवसर में बदला जाए।
प्रो. दिनेश कुमार ने बताया खेल गतिविधियों का उद्देश्य
कार्यक्रम के दौरान प्रो. दिनेश कुमार, प्रोफेसर इंचार्ज, शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में खेल एवं फिटनेस गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना नहीं है, बल्कि खेल को उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना भी है।
उन्होंने कहा कि नियमित खेलकूद विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे किसी न किसी खेल अथवा शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाएं।
शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
कार्यक्रमों में डॉ. ओमपाल, डॉ. गुलाब सिंह सहित शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें नियमित रूप से खेल एवं फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
विश्वविद्यालय समुदाय की भागीदारी ने सप्ताहभर चले खेल अभियान को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
दैनिक जीवन में खेलों को शामिल करने का संकल्प
समापन अवसर पर विश्वविद्यालय समुदाय ने खेल एवं फिटनेस को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा अधिकाधिक विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों से जोड़ने का संकल्प लिया।
आयोजकों ने कहा कि ‘खेलेगा भारत–जीतेगा भारत’ केवल एक खेल अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ, सक्रिय और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास है।
खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध सीसीएसयू
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में खेल एवं शारीरिक फिटनेस की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन, खेल भावना और सकारात्मक सोच को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।
सप्ताहभर चले इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ यह संदेश भी दिया गया कि स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि आवश्यक है।