बालेराम बृजभूषण सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित खेल महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी
मेरठ, 30 अगस्त 2026। हॉकी के जादूगर और भारत रत्न मेजर ध्यानचंद की जयंती एवं राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में पंख हौसलों की उड़ान संस्था (पंजी.) के तत्वावधान में आयोजित द्वितीय खेल महोत्सव के अंतर्गत रविवार को बालेराम बृजभूषण सरस्वती विद्या मंदिर, मेरठ में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शूटिंग, योग, बास्केटबॉल, स्केटिंग, खो-खो, नृत्य और गायन सहित कुल सात प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं, जिनमें विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा प्रतिभाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना रहा। प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों और प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
खेल युवाओं की प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम: डॉ. लक्ष्मीकान्त वाजपेयी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकान्त वाजपेयी ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस द्वितीय खेल महोत्सव में शामिल होकर उन्हें प्रसन्नता हो रही है।
उन्होंने पंख हौसलों की उड़ान संस्था की अध्यक्ष भावना शर्मा और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्था ने खेल, योग और भारतीय संस्कृति से जुड़े नृत्य एवं गायन को एक मंच पर लाकर बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान किया है।
डॉ. वाजपेयी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने पूरी दुनिया को भारत की खेल प्रतिभा का परिचय कराया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि संसाधन सीमित होने के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है।

‘हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण है खेल भावना’
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए डॉ. लक्ष्मीकान्त वाजपेयी ने कहा कि जीवन में हार और जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना है। उन्होंने कहा कि खो-खो भारतीय ग्रामीण परिवेश और मिट्टी से जुड़ा खेल है, जबकि योग भारत की प्राचीन परंपरा और ऋषियों की देन है। वहीं बास्केटबॉल और स्केटिंग जैसे खेल युवाओं को वैश्विक खेल समुदाय से जोड़ते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया और अभिभावकों से भी आग्रह किया कि बच्चों को प्रतिदिन कुछ समय खेल के मैदान में जरूर भेजें।
मोबाइल की आदत से बच्चों को दूर रखने में खेलों की भूमिका
डॉ. वाजपेयी ने वर्तमान समय में बच्चों में बढ़ती मोबाइल निर्भरता का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों को सक्रिय रखने और उन्हें खेलों से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि खेल का मैदान बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन से समय निकालकर नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें।
खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रयास सराहनीय: डॉ. मयंक अग्रवाल
कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि डॉ. मयंक अग्रवाल, चेयरमैन आईआईएमटी विश्वविद्यालय मेरठ ने संस्था द्वारा खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने पंख हौसलों की उड़ान संस्था की अध्यक्ष भावना शर्मा एवं उनकी टीम को आयोजन के लिए बधाई दी और खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अशोक शर्मा ने आयोजन के लिए दी बधाई
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत समन्वयक अशोक शर्मा ने भी खेल महोत्सव के आयोजन की सराहना की। उन्होंने भावना शर्मा और उनकी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ना समाज और राष्ट्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। खेल प्रतिभाओं को उचित मंच और प्रोत्साहन मिलने से वे आगे चलकर उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
प्रतियोगिता अध्यक्ष ने अतिथियों और कोच-रेफरी का किया स्वागत
प्रतियोगिता अध्यक्ष डॉ. जे.बी. चिकारा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी कोच और रेफरी का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी खेल प्रतियोगिता को सफल बनाने में खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रशिक्षकों, निर्णायकों और आयोजन टीम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
22 से 25 खेलों का होगा आयोजन, पांच हजार खिलाड़ियों के शामिल होने का लक्ष्य
कार्यक्रम की संयोजक एवं संस्था की अध्यक्ष भावना शर्मा ने बताया कि द्वितीय खेल महोत्सव के अंतर्गत मेरठ जनपद के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लगभग 22 से 25 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि पूरे आयोजन में लगभग 5000 खिलाड़ियों के प्रतिभाग करने की संभावना है। खेल महोत्सव का समापन 20 से 22 सितंबर 2026 के बीच चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में प्रस्तावित है।
भावना शर्मा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
सात प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने दिखाया उत्साह
30 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में स्केटिंग, खो-खो, योग, बास्केटबॉल, शूटिंग, नृत्य और गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने अपनी-अपनी विधाओं में उत्साह के साथ प्रतिभाग किया।
आयोजकों के अनुसार, खेल प्रतियोगिताओं के साथ नृत्य और गायन को भी महोत्सव का हिस्सा बनाया गया, जिससे विद्यार्थियों को खेलों के अलावा सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का भी अवसर मिला।
ये अतिथि और पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. मयंक अग्रवाल (आईआईएमटी यूनिवर्सिटी), अशोक शर्मा (प्रांत समन्वयक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), निमेष वशिष्ठ (प्रांत संयोजक, बजरंग दल), डॉ. जे.बी. चिकारा (वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रतियोगिता अध्यक्ष), राहुल गुप्ता (उपाध्यक्ष, महानगर भाजपा), अनिकेत (महानगर प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), विनय (महानगर संगठन मंत्री, विहिप) उपस्थित रहे।
इसके अलावा कृष्ण कुमार शर्मा (जिला समन्वयक, बालेराम बृजभूषण सरस्वती विद्या मंदिर), प्रभात गुप्ता (प्रधानाचार्य), ऋषिपाल (प्रदेश अध्यक्ष, योगा एसोसिएशन) तथा श्री मुकंद वल्लभ शर्मा (संरक्षक, पंख हौसलों की उड़ान संस्था) सहित विभिन्न खेलों के कोच और रेफरी मौजूद रहे।
आयोजन में इनका रहा विशेष सहयोग
द्वितीय खेल महोत्सव के आयोजन को सफल बनाने में खेल निदेशक अशोक त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष जौनी चौधरी (कोच शूटिंग), कार्यक्रम संयोजक नीरज सोम, उपाध्यक्ष विनीत त्यागी, महिला समन्वयक दीपशिखा त्यागी, कृष्ण कुमार कन्हैया, पराग त्यागी, कवित पाल, प्रिया, धीरज, अंकुर, मो. नईम, चांदनी नेगी, ओमकार, गौरव चतुर्वेदी, संजय सैनी, जयप्रकाश, राहुल, अभिषेक राणा एवं अनुज कुमार योगी (कोच योगा), सोहनपाल, रजनीश मित्तल, शोभा शर्मा और नितिन सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
युवा प्रतिभाओं को मंच देने का प्रयास
आयोजकों ने कहा कि खेल महोत्सव का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। विभिन्न खेलों के माध्यम से प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है।
मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ ही राष्ट्रीय खेल दिवस के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाने का काम किया।