लिफ्ट में लगी आग के दौरान बचाव कार्य करते सुरक्षाकर्मी
मेरठ। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के रिठानी मेट्रो स्टेशन पर सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब स्टेशन पर लिफ्ट के ऊपर लगे सोलर पैनल में अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद मौके पर धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग की लपटें भी नजर आने लगीं। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग स्टेशन पर लिफ्ट नंबर-1 के ऊपर लगाए गए सोलर पैनल के विद्युत उपकरण में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। आग की चपेट में आने से सोलर पैनल के साथ लिफ्ट से संबंधित कुछ उपकरण और एसी को भी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय लिफ्ट खाली थी, जिसके कारण किसी यात्री या कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है।
दोपहर करीब 1:40 बजे दिखाई दिया धुआं
बताया गया कि सोमवार दोपहर करीब 1:40 बजे रिठानी मेट्रो स्टेशन पर लिफ्ट के ऊपर लगे सोलर पैनल से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में धुएं के बीच आग की लपटें दिखाई देने लगीं। स्टेशन पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल स्थिति को संभालते हुए अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की।

घटना की सूचना मिलते ही एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स) के जवान मौके पर पहुंचे और स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली। एसएसएफ की टीम ने तत्काल एनसीआरटीसी के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद आग बुझाने के लिए अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल शुरू किया गया।
परतापुर से पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम
आग की सूचना मिलने पर परतापुर से फायर ब्रिगेड की टीम भी तत्काल रिठानी मेट्रो स्टेशन पहुंची। एसएसएफ के जवानों और दमकल कर्मियों ने संयुक्त रूप से आग बुझाने का अभियान चलाया। करीब 15 मिनट की कार्रवाई के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
फायर ब्रिगेड की प्रारंभिक जांच में सोलर पैनल से जुड़े विद्युत उपकरण में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना गया है। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
आग के कारण दो मेट्रो ट्रेनें स्टेशन पर नहीं रुकीं
स्टेशन पर अचानक धुआं और आग दिखाई देने के बाद सुरक्षा के दृष्टिकोण से मेरठ मेट्रो की दो ट्रेनों को रिठानी स्टेशन पर नहीं रोका गया। आग पर काबू पाने और स्थिति का जायजा लेने के दौरान स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई।
एनसीआरटीसी के जनसंपर्क अधिकारी पुनात वत्स के अनुसार, घटना के बाद स्थिति को जल्द ही सामान्य कर दिया गया। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन और परिचालन से जुड़े कर्मचारियों को सतर्क रखा गया।
दोपहर 1:55 बजे यातायात किया गया सुचारू
एनसीआरटीसी के मुताबिक, घटना के बाद मेट्रो परिचालन को सामान्य करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की गई और दोपहर 1:55 बजे यातायात सुचारू कर दिया गया। इसके बाद मेट्रो कॉरिडोर पर ट्रेनों का परिचालन निर्धारित समय के अनुसार जारी रहा।
अधिकारियों के मुताबिक, घटना से मेट्रो कॉरिडोर के सामान्य परिचालन पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों को विशेष रूप से सतर्क रखा गया।
लिफ्ट खाली होने से टला बड़ा हादसा
घटना के समय लिफ्ट खाली होने के कारण किसी यात्री के प्रभावित होने की सूचना नहीं है। आग से मुख्य रूप से लिफ्ट के ऊपर लगाए गए सोलर पैनल, विद्युत उपकरण और एसी से संबंधित हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा कर्मियों की तत्परता और दमकल टीम की समय पर पहुंच के कारण आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया।
घटना की जांच जारी
एनसीआरटीसी अधिकारियों के अनुसार, आग लगने की वास्तविक वजह जानने के लिए जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका सामने आई है, लेकिन विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही आग के सही कारण और नुकसान का स्पष्ट आकलन हो सकेगा।
फिलहाल रिठानी मेट्रो स्टेशन पर स्थिति सामान्य है और मेट्रो सेवाएं निर्धारित समय के अनुसार संचालित की जा रही हैं।