एससीआरआईईटी और इंस्टीट्यूशन ऑफ़ इंजीनियर्स के बीच किया गया एमओयू
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एससीआरआईईटी) और द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), मेरठ लोकल सेंटर (IEI-MLC) के बीच शैक्षणिक, तकनीकी एवं औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया। इस समझौते का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को उद्योग एवं प्रोफेशनल क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित करना तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों को व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
अकादमिक शिक्षा और उद्योग के बीच दूरी कम करने पर जोर
एमओयू के माध्यम से एससीआरआईईटी के विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ उद्योग जगत की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन, तकनीकी प्रशिक्षण, इंडस्ट्री विजिट, इंटर्नशिप तथा शोध एवं नवाचार से जुड़े अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में दोनों संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।
इस सहयोग से विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक परिस्थितियों में समझने और उसका उपयोग करने का अवसर मिलेगा। साथ ही तकनीकी दक्षता के साथ विद्यार्थियों में व्यावसायिक नैतिकता एवं प्रोफेशनल कौशल विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा- उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगे विद्यार्थी
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय का निरंतर प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के साथ उद्योग एवं प्रोफेशनल जगत की आवश्यकताओं से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), मेरठ लोकल सेंटर के साथ हुआ यह एमओयू विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, तकनीकी कार्यशालाओं, इंडस्ट्री विजिट, इंटर्नशिप तथा शोध एवं नवाचार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि अकादमिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच मजबूत सहयोग से विद्यार्थियों की व्यावहारिक एवं रोजगारपरक दक्षताओं को विकसित किया जा सकता है। इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी एवं औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए तैयार करने में उपयोगी साबित होगी।
विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं में स्थापित होंगे IEI-MLC स्टूडेंट चैप्टर
एमओयू के तहत एससीआरआईईटी की विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं में IEI-MLC स्टूडेंट चैप्टर स्थापित किए जाएंगे। इन चैप्टर के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीकी एवं प्रोफेशनल गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान, तकनीकी कार्यशालाएं, सेमिनार, सिम्पोजियम, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
इंडस्ट्री विजिट और इंटर्नशिप गाइडेंस पर भी रहेगा फोकस
समझौते के तहत विद्यार्थियों के लिए इंडस्ट्री विजिट, कॉरपोरेट मेंटरिंग और इंटर्नशिप गाइडेंस की व्यवस्था किए जाने का प्रावधान है। IEI-MLC अपने कॉरपोरेट नेटवर्क के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग जगत से जोड़ने में सहयोग करेगा।
इस पहल से विद्यार्थियों को विभिन्न औद्योगिक संस्थानों की कार्यप्रणाली, तकनीकी प्रक्रियाओं और प्रोफेशनल वातावरण को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा। वहीं इंटर्नशिप के माध्यम से वे अपने तकनीकी ज्ञान को वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रयोग कर सकेंगे।
शोध और नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन
एमओयू के अंतर्गत शिक्षकों एवं शोधार्थियों को तकनीकी शोध-पत्र प्रकाशित करने तथा संयुक्त शोध एवं कंसल्टेंसी के अवसर तलाशने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। दोनों संस्थाओं के विशेषज्ञ शोध एवं नवाचार से जुड़े विषयों पर आपसी सहयोग के माध्यम से कार्य कर सकेंगे।
एससीआरआईईटी के विद्यार्थियों के उत्कृष्ट अंतिम वर्ष के प्रोजेक्ट और नवाचारों की तकनीकी समीक्षा तथा उनके प्रोत्साहन की दिशा में भी IEI-MLC सहयोग करेगा। इससे विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट को उद्योग एवं तकनीकी विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिल सकेगा।
तकनीकी जर्नल, छात्रवृत्ति और शोध अनुदान से जुड़ने का अवसर
एमओयू के तहत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स की सदस्यता के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थी तकनीकी जर्नल, छात्रवृत्ति तथा शोध एवं विकास से संबंधित अनुदान जैसी सुविधाओं से जुड़ सकेंगे।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उन्हें तकनीकी समुदाय और प्रोफेशनल नेटवर्क से जोड़ना है।
महत्वपूर्ण तकनीकी दिवसों पर होंगे संयुक्त कार्यक्रम
दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से राष्ट्रीय एवं स्थानीय स्तर पर विभिन्न तकनीकी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगी। इनमें सेमिनार, कार्यशालाएं, सिम्पोजियम, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम तथा विभिन्न महत्वपूर्ण दिवसों पर विशेष कार्यक्रम शामिल होंगे।
विश्व इंजीनियरिंग दिवस, विश्व जल दिवस, विश्व पर्यावरण दिवस और इंजीनियर्स डे सहित अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर विद्यार्थियों और शिक्षकों की भागीदारी से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
IEI-MLC ने हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), मेरठ लोकल सेंटर की ओर से इंजी. सुभाष चन्द्र मित्तल ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य तकनीकी ज्ञान और प्रोफेशनल विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने एससीआरआईईटी के साथ इस सहयोग को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए तकनीकी एवं व्यावसायिक विकास से जुड़ी गतिविधियों में सहयोग का भरोसा दिया।
एससीआरआईईटी के निदेशक प्रोफेसर नीरज सिंघल ने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुभवी इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि IEI-MLC विद्यार्थियों के लिए तकनीकी व्याख्यान, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण, इंडस्ट्री विजिट, इंटर्नशिप मार्गदर्शन तथा शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने में हरसंभव सहयोग करेगा।
विश्वविद्यालय और IEI-MLC के प्रतिनिधि रहे मौजूद
एमओयू के अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में प्रो. बीरपाल सिंह, प्रो. मृदुल गुप्ता, प्रो. भूपेंद्र सिंह, प्रो. आर.के. सोनी, डॉ. नीरज सिंघल एवं इंजी. मनीष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। वहीं इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), मेरठ लोकल सेंटर की ओर से इंजी. सुभाष चन्द्र मित्तल एवं इंजी. बी.डी. शर्मा ने सहभागिता की।
विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, उद्योग और शोध के बीच बनेगा मजबूत सेतु
एससीआरआईईटी और IEI-MLC के बीच हुआ यह समझौता तकनीकी शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, इंडस्ट्री विजिट, इंटर्नशिप, कॉरपोरेट मेंटरिंग तथा शोध एवं नवाचार के अवसर मिल सकेंगे।
दोनों संस्थाओं के सहयोग से विद्यार्थियों की तकनीकी, व्यावहारिक और रोजगारपरक दक्षताओं को मजबूत करने के साथ उन्हें तेजी से बदल रही औद्योगिक एवं तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।