मेरठ बंद आवाहन करते शैंकी वर्मा
शास्त्रीनगर, जागृति विहार और माधवपुरम में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में मेरठ बंद का आह्वान, व्यापारियों ने बाजारों में जनसंपर्क कर मांगा सहयोग
मेरठ । शास्त्रीनगर, जागृति विहार और माधवपुरम को लेकर चल रहे विवाद तथा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में संयुक्त मेरठ बचाओ संघर्ष समिति की ओर से बुधवार को मेरठ बंद का आह्वान किया गया है। बंद को सफल बनाने के लिए मंगलवार को समिति से जुड़े लोगों और व्यापारियों ने शहर से लेकर देहात तक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। विभिन्न बाजारों में प्रचार वाहनों के माध्यम से व्यापारियों और आम लोगों से बंद में सहयोग की अपील की गई। इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी मेरठ बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। आईएमए से जुड़े चिकित्सकों की बुधवार को ओपीडी बंद रखने की बात कही गई है। हालांकि अस्पतालों में भर्ती मरीजों का उपचार जारी रहेगा और आपातकालीन यानी इमरजेंसी सेवाएं भी लगातार संचालित होती रहेंगी।
आईएमए ने बंद को दिया समर्थन, ओपीडी रहेगी बंद
आईएमए अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी के अनुसार नर्सिंग होम एसोसिएशन की ओर से मेरठ बंद को समर्थन दिए जाने के बाद आईएमए ने भी बंद के समर्थन का निर्णय लिया है। आईएमए से जुड़े चिकित्सकों को इस संबंध में लगातार संदेश भेजकर जानकारी दी गई है। बुधवार को निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में नियमित ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहने की बात कही गई है। हालांकि मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। पहले से भर्ती मरीजों का इलाज भी नियमित रूप से चलता रहेगा।
राकेश टिकैत बोले- जनता को उजाड़ने के बजाय बसाने का काम करे प्रशासन
मेरठ में आयोजित महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी इस मुद्दे को लेकर प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश की आड़ में मेरठ की जनता को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। राकेश टिकैत ने सेंट्रल मार्केट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले सेंट्रल मार्केट को बर्बाद कर दिया गया और अब अस्पतालों पर कार्रवाई की बात सामने आ रही है। उन्होंने प्रशासन से जनता को उजाड़ने के बजाय बसाने की दिशा में काम करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अस्पतालों पर कार्रवाई की गई या उन्हें परेशान किया गया तो किसान संगठन बड़े आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
आंदोलन को कई संगठनों का समर्थन
मेरठ बंद के समर्थन में विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के सामने आने का दावा किया गया है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन ने इसे मेरठ को उजड़ने से बचाने के लिए शहरवासियों का आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को मामले में उचित नीति बनाकर जनता को राहत देनी चाहिए। वहीं भारतीय किसान यूनियन धन सिंह कोतवाल के प्रदेश अध्यक्ष नितेश पंवार ने कहा कि यह केवल व्यापारियों की लड़ाई नहीं है, बल्कि रोजगार और आम लोगों से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने आंदोलन में किसान समाज की भागीदारी की बात कही। राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन त्यागी ने भी बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। वहीं प्राइवेट इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबूराम जारव ने भी नर्सिंग होम एसोसिएशन और अन्य संगठनों के समर्थन की जानकारी दी।
बाजारों में प्रचार, व्यापारियों से बंद सफल बनाने की अपील
बंद से एक दिन पहले मंगलवार को संयुक्त मेरठ बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े लोगों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में जनसंपर्क अभियान चलाया। समिति की अलग-अलग टीमें प्रचार वाहनों और वाहनों के काफिले के साथ बाजारों में पहुंचीं और व्यापारियों से बुधवार के बंद में सहयोग करने की अपील की। समिति से जुड़े लोगों ने शास्त्रीनगर, जागृति विहार, सूरजकुंड, बेगमपुल, आबूलेन, हनुमान चौक, खैरनगर, सेंट्रल मार्केट, तेजगढ़ी, पीवीएस रोड, हापुड़ चुंगी, आरटीओ रोड, गढ़ रोड, बच्चा पार्क, कचहरी रोड और पीएल शर्मा रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क किया। कोचिंग संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों से भी आंदोलन में सहयोग करने की अपील की गई।
तीन टीमों ने संभाली जनसंपर्क की जिम्मेदारी
संघर्ष समिति की ओर से जनसंपर्क अभियान के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। एक टीम का नेतृत्व सुदीप जैन, दूसरी का रविंद्र गुर्जर और तीसरी टीम का नेतृत्व विजय राव द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई। जनसंपर्क अभियान में नितेश पंवार, आशु खरबंदा, निमित्त जैन, राहुल मलिक, विपिन भड़ाना, अंकित पहलवान, अंकुर जागर, मिनहाज रिजवी, अज्जू पंडित समेत कई लोग शामिल रहे।
रविंद्र गुर्जर बोले- यह लड़ाई रोजी-रोटी और रोजगार की है
समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने कहा कि मेरठ बंद किसी राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि के खिलाफ नहीं है। उनके अनुसार यह आंदोलन लोगों की रोजी-रोटी और रोजगार से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शास्त्रीनगर, जागृति विहार और माधवपुरम के लोगों की समस्याओं को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
टेंट लगाने को लेकर पुलिस और समिति के लोगों में नोकझोंक
आवास एवं विकास परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के लिए लगाए गए टेंट को लेकर भी मंगलवार को पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर टेंट हटवा दिया। इसके बाद समिति के लोगों ने अधिकारियों से बातचीत की। समिति की ओर से बुधवार को आवास एवं विकास परिषद कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की है।
पुलिस अलर्ट, प्रमुख मार्गों और बाजारों में तैनाती
मेरठ में बंद और प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के अनुसार आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बुधवार को कानून-व्यवस्था, शांति और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मुख्य मार्गों और प्रमुख बाजारों में पुलिस बल तैनात रहेगा। सीओ और एसपी स्तर के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखेंगे।
स्कूलों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं, कई निजी स्कूलों ने भेजे संदेश
मेरठ बंद को लेकर स्कूलों के संबंध में प्रशासन अथवा शिक्षा विभाग की ओर से छुट्टी का कोई आदेश जारी नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि शहर के कुछ निजी स्कूलों की ओर से अभिभावकों को बुधवार को स्कूल बंद रहने के संदेश भेजे गए हैं। ब्रह्मपुरी और माधवपुरम क्षेत्र के कुछ निजी स्कूलों में बुधवार को अवकाश रखने की जानकारी है। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से स्कूलों की छुट्टी के संबंध में किसी आधिकारिक आदेश से इनकार किया गया है।
कई व्यापारिक संगठनों ने बंद से दूरी बनाई
मेरठ बंद को लेकर व्यापारिक संगठनों में एकराय नहीं बन सकी है। कुछ व्यापारिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया है, जबकि कई संगठनों ने बाजार खुले रखने का निर्णय लिया है। सराफा व्यापार एसोसिएशन नील गली के अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल, महामंत्री दिनेश कुमार रस्तोगी और कोषाध्यक्ष मुकुल अग्रवाल ने बाजार बंद में शामिल नहीं होने की बात कही है। इसी तरह बुलियन ट्रेड एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने संयुक्त व्यापार संघ के निर्णय का समर्थन किए जाने की बात कही। रिठानी बाजार अध्यक्ष सुनील वर्मा, खंदक बाजार एसोसिएशन अध्यक्ष अंकुर गोयल और महामंत्री नीलकमल रस्तोगी ने भी बुधवार को बाजार खुले रखने की जानकारी दी है। संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री दलजीत सिंह के अनुसार कोटला, कबाड़ी बाजार और वैली बाजार खुले रहेंगे।
संयुक्त व्यापार संघ ने समर्थन वापस लेने की बात कही
व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि जागृति विहार, शास्त्रीनगर और माधवपुरम के लोगों के प्रति व्यापारियों की संवेदनाएं हैं और वे उनके साथ हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों को देखते हुए बंद के कारण व्यापारियों और आम लोगों को परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि दो दिन बाद जन्माष्टमी का पर्व है और ऐसे समय में शहर को बंद रखने से व्यापार पर असर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त व्यापार संघ की ओर से बंद से समर्थन वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
बेगमपुल में साप्ताहिक अवकाश, सामान्य रूप से खुलने वाली दुकानें खुलेंगी
सदर व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील दुआ ने भी बाजार खुलने की बात कही है। वहीं बेगमपुल व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष पुनीत शर्मा के अनुसार बुधवार को बेगमपुल बाजार का साप्ताहिक अवकाश रहता है। हालांकि जिन दुकानों के सामान्य रूप से साप्ताहिक अवकाश के दिन खुलने की परंपरा है, वे दुकानें खुली रहेंगी।
अजय गुप्ता बोले- व्यापारियों के हित में दोनों संगठन एकजुट
संयुक्त व्यापार संघ से जुड़े अजय गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों के हित में दोनों व्यापारिक संगठन एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि शास्त्रीनगर के व्यापारियों के मुद्दे को लेकर वर्ष 2025 से संघर्ष चल रहा है और 9 अप्रैल 2026 को भी सफल बंद किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी इस मुद्दे को विभिन्न स्तरों पर उठा रहे हैं। उनके अनुसार कुछ माह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ दौरे के दौरान भी शास्त्रीनगर, जागृति विहार और माधवपुरम के लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया था।
आज क्या रहेगा खास?
बुधवार को मेरठ बंद के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में बाजारों की स्थिति अलग-अलग रह सकती है। जहां कुछ व्यापारिक संगठनों ने बाजार बंद रखने का समर्थन किया है, वहीं कई बाजारों ने खुले रहने की घोषणा की है। निजी चिकित्सकों की ओपीडी बंद रहने की बात कही गई है, लेकिन अस्पतालों में इमरजेंसी और भर्ती मरीजों का उपचार जारी रहेगा। पुलिस ने कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की है।