मांगों के निस्तारण के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना स्थल को किया खाली
छह घंटे चली मैराथन वार्ता में किसानों की समस्याओं पर हुआ मंथन, मंडलायुक्त ने अधिकारियों को प्राथमिकता से समाधान के निर्देश दिए
मेरठ । भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की ओर से एक सितंबर को कमिश्नरी गेट के सामने आयोजित महापंचायत और घेराव का आंदोलन दो सितंबर की सुबह तक जारी रहा। देर रात मंडलायुक्त भानु गोस्वामी के नेतृत्व में प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों के साथ किसानों के 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की करीब छह घंटे तक मैराथन वार्ता चली। वार्ता में किसानों की बिजली, खाद, गन्ना भुगतान, सड़क, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, सिंचाई और अन्य स्थानीय समस्याओं पर विस्तार से मंथन किया गया। सुबह अधिकारियों की ओर से किसानों के बीच समस्याओं के समाधान और आश्वासन की घोषणा किए जाने के बाद भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान दोबारा इसी ताकत के साथ कमिश्नरी पहुंचेंगे।
राकेश टिकैत के आह्वान पर शुरू हुआ था आंदोलन
भाकियू मेरठ जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के आह्वान पर एक सितंबर को कमिश्नरी गेट के सामने किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था। इसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राकेश टिकैत ने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन के साथ वार्ता की मांग उठाई और कहा कि वार्ता मंडलायुक्त के नेतृत्व में होनी चाहिए। ऐसा नहीं होने की स्थिति में 72 घंटे तक धरना जारी रखने की बात कही गई थी। महापंचायत के बाद किसानों ने अपनी मांगों के समाधान के लिए अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान कर दिया। किसान मंडलायुक्त के नेतृत्व में वार्ता कराने की मांग पर अड़े रहे। किसानों के लगातार दबाव के बाद देर रात मंडलायुक्त भानु गोस्वामी ने प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए आमंत्रित किया।
25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के सामने रखीं समस्याएं
भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में 25 सदस्यीय किसान प्रतिनिधिमंडल कमिश्नरी सभागार पहुंचा। यहां मंडलायुक्त भानु गोस्वामी की अध्यक्षता में करीब छह घंटे तक वार्ता हुई। बैठक में अपर मंडलायुक्त अमित कुमार, प्रभारी जिलाधिकारी नूपुर गोयल, पुलिस कप्तान बी.बी. मूर्ति, ऊर्जा प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता, मेडा वीसी संजय मीणा, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, पुलिस अधीक्षक शहर विनायक गोपाल भोसले, अपर जिलाधिकारी शहर बृजेश सिंह, एडीएम प्रशासन, जिला गन्ना अधिकारी, उप गन्ना आयुक्त समेत जिले के करीब 30 अधिकारी मौजूद रहे। वार्ता के दौरान मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की जायज समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शिकायतों के समाधान में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
बिजली के बढ़े लोड की छह माह के आधार पर होगी जांच
किसानों ने बिजली के बढ़े हुए लोड और उससे संबंधित बिलों की समस्या अधिकारियों के सामने रखी। इस पर आश्वासन दिया गया कि जिन उपभोक्ताओं का लोड पिछले कुछ महीनों में बढ़ा है, उनके मामलों की पिछले छह माह के आधार पर जांच की जाएगी। जांच में लोड अनुचित पाए जाने पर उसे कम किया जाएगा। पेनल्टी के रूप में जमा कराई गई धनराशि को सिक्योरिटी में समायोजित करने और बिल में एडजस्ट करने की बात भी कही गई। किसानों ने बिजली से जुड़ी अन्य समस्याओं को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया।
ट्रांसफार्मर और तार चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई का आश्वासन
किसानों ने ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद कई दिनों तक उसे नहीं बदले जाने और ग्रामीण क्षेत्रों में तार चोरी की घटनाओं की समस्या उठाई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि फुंका हुआ ट्रांसफार्मर दो से तीन दिन के भीतर बदलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसमें देरी होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। तार चोरी की घटनाओं के बाद एक सप्ताह के भीतर नए तार डाले जाने का आश्वासन दिया गया। इसके साथ ही तार और स्टार्टर चोरी के मामलों में किसानों की तहरीर पर संबंधित थानों में रिपोर्ट दर्ज किए जाने की बात भी कही गई। जर्जर बिजली के तारों को बदलने का भी आश्वासन दिया गया।
खाद समितियों की जांच अपर मंडलायुक्त करेंगे
खाद समितियों में खाद वितरण और ब्याज वसूली से संबंधित शिकायतों को भी किसानों ने गंभीरता से उठाया। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी अपर मंडलायुक्त अमित कुमार को दी गई है। किसानों के अनुसार तीन प्रतिशत से अधिक ब्याज वसूले जाने की शिकायतों की जांच कर अतिरिक्त वसूली वापस कराने का आश्वासन दिया गया है। किसानों को नियमानुसार डीएपी खाद उपलब्ध कराने के लिए भी प्रशासन ने आश्वासन दिया। डीएपी की उपलब्धता की निगरानी मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से किए जाने की बात कही गई।
किनौनी चीनी मिल के भुगतान को लेकर भी आश्वासन
गन्ना किसानों की समस्याओं पर हुई वार्ता में किनौनी चीनी मिल के बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया कि नए पेराई सत्र की शुरुआत से कम से कम दस दिन पहले हर संभव प्रयास करते हुए किसानों का भुगतान कराया जाएगा। बुजुर्ग और असहाय किसानों की समस्याओं को देखते हुए दूर गन्ना डालने वाले किसानों के बॉन्ड परिवर्तन से संबंधित मामले को भी उठाया गया। इसके समाधान के लिए जिला गन्ना अधिकारी स्तर से लखनऊ में संबंधित अधिकारियों के समक्ष मामला रखने की बात कही गई।
पांच तालाबों की सफाई, स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा सुविधाओं पर भी सहमति
किसानों की मांग पर पांच नए तालाबों की सफाई कराने का आश्वासन दिया गया। नारंगपुर स्थित आयुष्मान मंदिर में चिकित्सक की व्यवस्था कराने की बात कही गई। इसके अलावा पशु चिकित्सालयों में दवाओं की उपलब्धता दुरुस्त करने और लंपी रोग से बचाव के लिए वैक्सीनेशन को प्राथमिकता देने का आश्वासन भी दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पशुपालन से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर करने की मांग को किसानों ने प्रमुखता से उठाया था।
जाटोली और नंगला ताशी में नाला पुनर्निर्माण की मांग पर सहमति
जाटोली और नंगला ताशी में नाला पुनर्निर्माण का मामला भी वार्ता में उठा। अधिकारियों ने दोनों क्षेत्रों में नाले के पुनर्निर्माण की कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके साथ ही खराब हालत वाली ग्रामीण सड़कों को चालू वित्तीय वर्ष में बनवाने की बात कही गई।
तालाब में मछली पालन को लेकर किसानों को आश्वासन
लहरा गांव में तालाब में मछली पालन को लेकर किसानों की ओर से उठाई गई आपत्ति पर भी चर्चा हुई। किसानों का कहना था कि वहां पहले कभी मछली पालन नहीं हुआ। वार्ता में आगे भी वहां मछली पालन नहीं किए जाने का आश्वासन दिया गया। खटकी गांव में तीन वर्ष पुराने पारिवारिक विवाद से संबंधित मामले में गुंडा एक्ट लगाए जाने की मांग पर भी किसानों ने अपनी बात रखी। इस पर नियमानुसार कार्रवाई और मामले की समीक्षा का आश्वासन दिया गया।
पुराने पट्टों के मुकदमों के जल्द निस्तारण का आश्वासन
वीर नगर क्षेत्र में वर्षों पुराने पट्टों से संबंधित मुकदमों का मामला भी बैठक में उठाया गया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामलों का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर जल्द कराने की कार्रवाई की जाएगी। किसानों की शासन स्तर की समस्याओं को भी चिन्हित कर विस्तृत पत्र के माध्यम से शासन को भेजने पर सहमति बनी।
किसानों की मांग पर शासन स्तर पर भी पैरवी होगी
किसानों की ओर से प्रमुख सचिव गन्ना से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने की मांग रखी गई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि नए पेराई सत्र के शुरू होने से पहले किसानों के प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख सचिव गन्ना से मुलाकात सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा। रात्रि में एक फेस ट्यूबवेल लाइट और टॉप बोरर तितली की रोकथाम के लिए लाइट लगाने संबंधी सुझावों पर भी चर्चा हुई। जिला कृषि अधिकारी और जिला गन्ना अधिकारी के सुझावों के आधार पर शासन को पत्र भेजने की बात कही गई। ऊर्जा प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता की ओर से भी इस मामले में पैरवी किए जाने का आश्वासन दिया गया।
किसानों के बीच अधिकारियों ने की समाधान की घोषणा
करीब छह घंटे चली वार्ता रात लगभग 12:30 बजे समाप्त हुई। वार्ता के बाद भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने मंडलायुक्त भानु गोस्वामी का धन्यवाद किया और कहा कि वार्ता में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को इन सभी समस्याओं के समाधान की जानकारी अ धिकारियों की ओर से धरनास्थल पर दी जानी चाहिए।इस पर मंडलायुक्त ने सहमति जताई। इसके बाद अपर जिलाधिकारी शहर ने सुबह किसानों के बीच पहुंचकर सभी घोषणाएं करने की बात कही।
रातभर कमिश्नरी के बाहर डटे रहे किसान
अधिकारियों की घोषणा का इंतजार करते हुए किसानों ने आंदोलन समाप्त नहीं किया। किसान खाना खाने के बाद भी कमिश्नरी कार्यालय के सामने डटे रहे। सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ करीब एक हजार किसान रातभर धरनास्थल पर मौजूद रहे। किसानों ने सड़क पर ही रात बिताई। सुबह करीब सात से आठ बजे के बीच अपर जिलाधिकारी शहर बृजेश सिंह और पुलिस अधीक्षक शहर विनायक गोपाल भोसले किसानों के बीच पहुंचे और वार्ता में तय किए गए समाधान एवं आश्वासनों की जानकारी किसानों को दी।
समाधान नहीं हुआ तो फिर कमिश्नरी पहुंचेंगे किसान : अनुराग चौधरी
अधिकारियों की ओर से आश्वासन मिलने के बाद भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने किसानों से आंदोलन स्थगित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासनों के अनुसार समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान दोबारा पूरी ताकत के साथ कमिश्नरी पहुंचेंगे। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी किसानों का आभार जताया। इसके बाद धरना स्थगित कर टेंट हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। हालांकि करीब नौ बजे तक किसान मंडलायुक्त कार्यालय के सामने मौजूद रहे। भाकियू नेताओं ने कहा कि किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन किया है और अब अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वार्ता में दिए गए आश्वासनों को धरातल पर लागू कराया जाए।
ये पदाधिकारी और किसान रहे मौजूद
आंदोलन और वार्ता के दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के साथ जगत सिंह, देशपाल, अनूप, सत्येंद्र, हर्ष चाहल, रामफल शर्मा, नरेश मवाना, मोनू टिकरी, सुनील, सत्ते, अभिषेक, महिपाल, जसबीर, मनोज समेत बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।