कार्यक्रम को सजीव प्रसारण के द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया संबोधित
मेरठ। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए बुधवार का दिन उम्मीद और राहत लेकर आया। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में नई व्यवस्थाओं और सुविधाओं की घोषणा की गई। साथ ही यूपी कॉस (UP Kaush) पोर्टल और वेबसाइट की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण मेरठ के लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (एलएलआरएम) के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में मौजूद आउटसोर्स कर्मचारियों ने सरकार की घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा कि नई डिजिटल व्यवस्था से वेतन, बीमा, ईपीएफ-ईएसआईसी और सेवाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
एलएलआरएम सभागार में कर्मचारियों ने देखा मुख्यमंत्री का कार्यक्रम
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद और विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए घोषित नई व्यवस्थाओं की जानकारी कर्मचारियों ने ध्यानपूर्वक सुनी।

कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों के बीच वेतन भुगतान, बीमा और डिजिटल व्यवस्था को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। कर्मचारियों का कहना था कि यदि सेवाओं से जुड़ी जानकारी और भुगतान प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शी तरीके से संचालित होती है तो इससे उन्हें अपनी सेवा संबंधी जानकारी हासिल करने में आसानी होगी।
यूपी कॉस पोर्टल से वेतन और सेवाओं में पारदर्शिता की उम्मीद
सांसद अरुण गोविल ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी स्वास्थ्य समेत कई विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों की सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में इन कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके हितों को सुरक्षित करने के लिए पारदर्शी व्यवस्था जरूरी थी। उन्होंने यूपी कॉस पोर्टल को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचने के साथ ईपीएफ-ईएसआईसी और बीमा जैसी सुविधाओं से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। उनके अनुसार डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ने के साथ कर्मचारियों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा।
कर्मचारियों की मेहनत से स्वास्थ्य सेवाएं रहती हैं सुचारू
कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की मेहनत से स्वास्थ्य समेत कई विभागों की सेवाएं लगातार सुचारू रूप से संचालित होती हैं। सरकार ने कर्मचारियों की कार्यक्षमता और सेवाओं के साथ-साथ उनके भविष्य की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया है।
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी किसी भी संस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने इन कर्मचारियों के हितों और सम्मान को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं में बदलाव किया है।
विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज ने यूपी कॉस को डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। वहीं सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद ने कहा कि बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी सुविधाओं का लाभ कर्मचारियों के साथ उनके परिवारों को भी मिलेगा।
बीमा और मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाओं से बढ़ेगा सुरक्षा का भरोसा
मुख्यमंत्री की ओर से आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि के साथ बीमा, मातृत्व अवकाश और अन्य सुविधाओं की घोषणा की गई। इन व्यवस्थाओं को लेकर कर्मचारियों में खासा उत्साह देखा गया। कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी के दौरान मिलने वाली आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा परिवार की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

विशेष रूप से बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को कर्मचारी परिवार के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अब सेवा के साथ भविष्य की सुरक्षा को लेकर भी भरोसा मजबूत होगा।
सीधे बैंक खाते में वेतन मिलने से राहत की उम्मीद
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में कर्मचारियों के बीच सबसे अधिक चर्चा वेतन भुगतान की डिजिटल व्यवस्था और बैंक खातों में सीधे भुगतान को लेकर रही। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद वेतन भुगतान की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और पारदर्शी होगी।
मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत राजन सैनी ने कहा कि पहले आउटसोर्स कर्मचारियों को कम मानदेय में काम करना पड़ता था और बीमा जैसी सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं थीं। उन्होंने कहा कि सरकार की नई पहल से कर्मचारियों की स्थिति में बदलाव आने की उम्मीद है। वेतन के साथ सुरक्षा की व्यवस्था होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

डिजिटल पोर्टल से सेवा संबंधी जानकारी एक जगह मिलने की उम्मीद
सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल में कार्यरत रोहित गुप्ता ने कहा कि यूपी कॉस पोर्टल और वेबसाइट शुरू होने से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। वेतन सीधे बैंक खाते में आने और बीमा की सुविधा मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने वाली पहल बताया।
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत अर्जुन यादव ने कहा कि यूपी कॉस का गठन आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव है। उनके अनुसार वेतन, छुट्टी, फंड और सेवा से जुड़े मामलों की जानकारी एक ही डिजिटल व्यवस्था में उपलब्ध होने से कर्मचारियों को अपनी सेवाओं और सुविधाओं के बारे में अधिक स्पष्टता मिल सकेगी।
महिला कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण पहल
कर्मचारी हर्षिता चौधरी ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को अपनी सेवाओं और सुविधाओं से जुड़े कामों के लिए अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत कम होगी। उन्होंने कहा कि समय से वेतन मिलने और बीमा जैसी सुविधाओं से परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहूलियत होगी। मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाओं को भी उन्होंने महिला कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मेरठ के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आरसी गुप्ता, पीडीडीआरडीए सुनील कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में आउटसोर्स कार्मिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणाओं और नई डिजिटल व्यवस्था के बारे में कर्मचारियों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कर्मचारियों ने सरकार की ओर से घोषित सुविधाओं और यूपी कॉस पोर्टल को लेकर अपनी उम्मीदें साझा कीं।
आउटसोर्स कर्मचारियों को भविष्य की सुरक्षा का भरोसा
मेरठ में आयोजित सजीव प्रसारण कार्यक्रम का मुख्य संदेश कर्मचारियों के लिए रोजगार के साथ सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना रहा। वेतन भुगतान में पारदर्शिता, ईपीएफ-ईएसआईसी, बीमा और अन्य सेवा सुविधाओं को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की पहल से आउटसोर्स कर्मचारियों को अपनी सेवा संबंधी जानकारी और अधिकारों को लेकर अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में मौजूद कर्मचारियों के बीच कार्यक्रम के बाद यही भावना प्रमुखता से सामने आई कि नई व्यवस्थाएं यदि प्रभावी ढंग से लागू होती हैं तो आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ‘नौकरी के साथ भविष्य की सुरक्षा’ का भरोसा और मजबूत होगा।