कैंट प्रशासन की बैठक में शामिल राज्यसभा सांसद डॉ॰ लक्ष्मी कांत वाजपेयी एवं सीईओ जाकिर हुसैन
8 सितंबर से चार विशेषज्ञ डॉक्टर सप्ताह में दो दिन कैंट जनरल अस्पताल में देंगे ओपीडी सेवाएं, टेलीमेडिसिन और जनऔषधि केंद्र से भी मरीजों को मिलेगा लाभ
मेरठ । मेरठ कैंट स्थित कैंट जनरल अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में अब सांसद, कैंट बोर्ड प्रशासन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) मेरठ के चिकित्सक एक साथ आगे आए हैं। लंबे समय से डॉक्टरों और चिकित्सा सुविधाओं की कमी से जूझ रहे इस ऐतिहासिक अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कैंट बोर्ड के सीईओ जाकिर हुसैन और आईएमए मेरठ के पदाधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराने और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से प्रभावित थी चिकित्सा व्यवस्था
कैंट जनरल अस्पताल मेरठ का एक पुराना और महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र रहा है, लेकिन पिछले काफी समय से पर्याप्त चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं होने के कारण यहां ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को कई बार उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। विशेष रूप से स्त्री एवं प्रसूति रोग से संबंधित मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, लगभग एक दशक से अस्पताल में गायनिक ऑपरेशन नहीं हो पाए थे और ऐसे मामलों में मरीजों को तत्काल अन्य अस्पतालों के लिए रेफर किया जाता रहा। अस्पताल की इस स्थिति को सुधारने के लिए कैंट बोर्ड के सीईओ जाकिर हुसैन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं होंगी उपलब्ध
अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए आईएमए मेरठ के सहयोग से चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इन चिकित्सकों द्वारा कैंट जनरल अस्पताल में सप्ताह में दो दिन ओपीडी में मरीजों को देखा जाएगा। अस्पताल में उपलब्ध होने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों में डॉ. अंकिता चौधरी (चर्म रोग विशेषज्ञ), डॉ. सुधाकर जैन (हड्डी रोग विशेषज्ञ), डॉ. सुमित उपाध्याय (नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ) और डॉ. मानिक जैन (प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ) शामिल हैं।
8 सितंबर से मंगलवार और शुक्रवार को होगी विशेषज्ञ ओपीडी
कैंट बोर्ड प्रवक्ता जयपाल सिंह तोमर के अनुसार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओपीडी सेवा 8 सितंबर 2026 से शुरू की जाएगी। मरीजों को यह सुविधा प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक कैंट जनरल अस्पताल में उपलब्ध रहेगी। इस व्यवस्था से त्वचा, हड्डी, नाक-कान-गला तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग से संबंधित मरीजों को स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श मिल सकेगा। इससे मरीजों को छोटे-बड़े उपचार के लिए अन्य अस्पतालों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।

1892 में डिस्पेंसरी से शुरू हुआ था अस्पताल
बैठक में कैंट बोर्ड के एई पीयूष गौतम ने अस्पताल के इतिहास और वर्तमान सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छावनी परिषद का जनरल अस्पताल मेरठ की सबसे पुरानी चिकित्सा सुविधाओं में शामिल है। इसकी शुरुआत वर्ष 1892 में एक डिस्पेंसरी के रूप में हुई थी। इसके बाद वर्ष 1950 में इसे बेडेड अस्पताल के रूप में विकसित किया गया। अस्पताल में ओपीडी के साथ-साथ ऑपरेशन थिएटर, पुरुष एवं महिला वार्ड, नेत्र वार्ड, यूनानी सेंटर और डॉट सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सांसद निधि से उपलब्ध कराए गए चिकित्सीय उपकरण
अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी द्वारा सांसद निधि के माध्यम से आवश्यक चिकित्सीय उपकरण उपलब्ध कराने की पहल भी की गई है। इसका उद्देश्य कैंट अस्पताल में आने वाले नागरिकों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अस्पताल प्रशासन और आईएमए के सहयोग से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध होने के बाद इन संसाधनों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग किए जाने की उम्मीद है।
अस्पताल में स्थापित होगा जनऔषधि केंद्र
सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि कैंट अस्पताल शहर के प्रमुख और केंद्रीय क्षेत्र बेगमपुल के पास स्थित है। अस्पताल की स्थिति में सुधार के साथ यहां जनऔषधि केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसके माध्यम से मरीजों को उचित मूल्य पर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। जनऔषधि केंद्र शुरू होने से अस्पताल में उपचार कराने आने वाले मरीजों को दवाओं के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें किफायती दरों पर दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
टेलीमेडिसिन सुविधा भी शुरू, अब तक 140 मरीजों को मिला लाभ
कैंट जनरल अस्पताल में टेलीमेडिसिन सेवा भी शुरू की जा चुकी है। इसके माध्यम से मेरठ के मरीज दिल्ली कैंट अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से चिकित्सा परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। बताया गया कि अब तक करीब 140 मरीज टेलीमेडिसिन सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। इस सुविधा को अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आईएमए ने हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
आईएमए मेरठ के पदाधिकारी डॉ. ऋषि भाटिया ने कहा कि उनका जन्म भी इसी अस्पताल में हुआ है, इसलिए कैंट अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के लिए सहयोग करना उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि आईएमए मेरठ के चिकित्सक आगे भी कैंट बोर्ड के सीईओ और अस्पताल प्रशासन के साथ मिलकर आवश्यक सहयोग करते रहेंगे। आईएमए की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्णय को अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
कैंट जनरल अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर आयोजित बैठक में राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कैंट बोर्ड के सीईओ जाकिर हुसैन, एई पीयूष गौतम, कैंट अस्पताल के चिकित्सक डॉ. असीम रस्तोगी, कार्यालय अधीक्षक जयपाल सिंह तोमर, विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अंकिता चौधरी, डॉ. सुधाकर जैन, डॉ. सुमित उपाध्याय और डॉ. मानिक जैन सहित आईएमए मेरठ की पदाधिकारी डॉ. मनीषा त्यागी और डॉ. ऋषि भाटिया मौजूद रहे।
मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद
कैंट जनरल अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित ओपीडी, टेलीमेडिसिन सेवा, जनऔषधि केंद्र और सांसद निधि से उपलब्ध कराए गए चिकित्सीय उपकरणों के जरिए अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं शुरू होने से कैंट और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा परामर्श मिलने की उम्मीद है।कैंट बोर्ड प्रशासन, सांसद और आईएमए के संयुक्त प्रयासों से ऐतिहासिक कैंट अस्पताल को आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।