विशेष अभियान के तहत स्कूली वाहनों की सघन चेकिंग करती ट्रैफिक पुलिस
स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की जांच, चालक-परिचालक के सत्यापन से लेकर अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक उपचार पेटिका तक की हुई पड़ताल
मेरठ । स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मेरठ यातायात पुलिस ने दो दिवसीय विशेष अभियान चलाकर स्कूली वाहनों की व्यापक जांच की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के आदेश एवं पुलिस अधीक्षक यातायात के निर्देशन में 2 और 3 सितंबर 2026 को चलाए गए इस अभियान के दौरान शहर के विभिन्न स्कूलों में संचालित कुल 124 स्कूली बसों और वाहनों की चेकिंग की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और स्कूली वाहनों में शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराना रहा।

विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर यातायात पुलिस ने की वाहनों की जांच
अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक यातायात राजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में यातायात पुलिस की टीम ने विभिन्न स्कूलों में संचालित स्कूली बसों और अन्य वाहनों का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान के.एल. इंटरनेशनल स्कूल, दीवान पब्लिक स्कूल, गार्गी गर्ल्स स्कूल, एमआईईटी पब्लिक स्कूल, सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल, सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल और बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर सहित कई विद्यालयों के वाहनों की जांच की गई। पुलिस टीम ने केवल वाहनों के दस्तावेज ही नहीं देखे, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के लिए वाहनों में उपलब्ध आवश्यक उपकरणों और वाहन संचालन से जुड़े कर्मचारियों की भी जांच की। अभियान के दौरान चालक, सहायक एवं अन्य संबंधित स्टाफ के सत्यापन की स्थिति भी देखी गई।
फिटनेस, परमिट और बीमा समेत दस्तावेजों की हुई जांच
यातायात पुलिस द्वारा स्कूली वाहनों की जांच के दौरान वाहन का वैध पंजीकरण, परमिट, फिटनेस प्रमाण-पत्र, बीमा और प्रदूषण प्रमाण-पत्र की स्थिति देखी गई। इसके साथ ही वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होने तथा निर्धारित अनुभव से संबंधित मानकों की भी जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि स्कूली वाहन में नियुक्त चालक एवं सहायक का आवश्यक सत्यापन कराया गया हो और वे निर्धारित वर्दी में हों। वाहन पर संबंधित विद्यालय का नाम तथा आवश्यक हेल्पलाइन अथवा संपर्क नंबर अंकित है या नहीं, इसकी भी जांच की गई।
प्राथमिक उपचार पेटिका और अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता पर विशेष जोर
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई। चेकिंग के दौरान प्राथमिक उपचार पेटिका, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास सहित अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और स्थिति का सत्यापन किया गया। यातायात पुलिस ने यह भी देखा कि वाहन में सही नंबर प्लेट लगी है या नहीं तथा बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से वाहन के दरवाजे और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं ठीक स्थिति में हैं या नहीं।
निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर रहेगी नजर
अभियान के दौरान स्कूली वाहनों में निर्धारित सीट क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने के संबंध में भी जांच की गई। यातायात पुलिस ने स्कूल प्रशासन और वाहन संचालकों को निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं को न बैठाया जाए। इसके अलावा बच्चों के वाहन में चढ़ने और उतरने के दौरान विशेष सावधानी बरतने तथा वाहन के दरवाजों को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए। चालक और सहायक को बच्चों की सुरक्षा से संबंधित निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन करने के लिए कहा गया।
नियमों का उल्लंघन मिलने पर होगी वैधानिक कार्रवाई
यातायात पुलिस ने स्कूल प्रशासन, वाहन स्वामियों और चालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि विद्यालयी वाहनों के संचालन में शासन द्वारा निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी वाहन में मोटर वाहन अधिनियम अथवा संबंधित नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित वाहन के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार जारी रहेगा अभियान
मेरठ यातायात पुलिस के इस विशेष अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना और विद्यालयी वाहनों के संचालन में सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू कराना है। 124 वाहनों की जांच के माध्यम से पुलिस ने स्कूल प्रशासन, वाहन संचालकों और चालकों को यह संदेश दिया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यातायात पुलिस ने सभी संबंधित विद्यालयों एवं स्कूली वाहन संचालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस और सुरक्षा उपकरणों को अद्यतन रखें तथा बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन करें।