हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मिला केंद्रीय संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल
अर्जुन राम मेघवाल को सौंपा ज्ञापन, बोले—मुकदमों के बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार गंभीर, हर सप्ताह हो रही बैठकें
मेरठ । पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चली आ रही हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। इसी क्रम में केंद्रीय संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की स्थायी बेंच स्थापित किए जाने की मांग प्रमुखता से रखी।
हाईकोर्ट बेंच को लेकर मंत्री ने दिया आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों के मुताबिक, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की आवश्यकता को लेकर सकारात्मक रुख व्यक्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जल्द हाईकोर्ट बेंच मिलने की दिशा में सरकार गंभीरता से काम कर रही है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, मंत्री ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुकदमों का लगातार बढ़ता दबाव एक महत्वपूर्ण विषय है। इसी को देखते हुए सरकार हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है।
हर सप्ताह हो रही हैं बैठकें
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हाईकोर्ट बेंच से जुड़े विषय पर नियमित रूप से बैठकें की जा रही हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि मंत्री की ओर से हर सप्ताह इस मुद्दे पर बैठक होने की बात कही गई है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत अधिवक्ताओं में उम्मीद जगी है।
विधानसभा चुनाव से पहले आंदोलन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले जाने की तैयारी
हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर संघर्ष समिति अब आंदोलन को सोशल मीडिया के माध्यम से और व्यापक स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही है। समिति के अनुसार, विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल अभियान शुरू किया जाएगा।
फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर चलेगा अभियान
संघर्ष समिति अगले सप्ताह से फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब समेत प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी में है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर की भी मदद ली जाएगी। समिति का मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से हाईकोर्ट बेंच की मांग को व्यापक जनसमर्थन दिलाया जा सकता है। इसके जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस मांग से जुड़े मुद्दों और आम लोगों की अपेक्षाओं को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा।
पश्चिमी यूपी के 22 जिलों की आवाज सोशल मीडिया पर होगी बुलंद
प्रस्तावित डिजिटल अभियान के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अलग-अलग वर्गों के लोगों की बात सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से सामने रखी जाएगी। इसमें अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों, व्यापारियों, किसानों, युवाओं और समाज के अन्य वर्गों की हाईकोर्ट बेंच को लेकर राय एवं अपेक्षाओं को प्रमुखता देने की तैयारी है। संघर्ष समिति का उद्देश्य इस मांग को केवल अधिवक्ताओं के आंदोलन तक सीमित न रखकर इसे व्यापक जनमुद्दा बनाना है। समिति आम लोगों की भागीदारी के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को मजबूती से उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।
लंबे समय से चली आ रही है हाईकोर्ट बेंच की मांग
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग लंबे समय से चली आ रही है। अधिवक्ताओं और विभिन्न संगठनों का तर्क है कि पश्चिमी यूपी के लोगों को न्याय के लिए प्रयागराज तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना से क्षेत्र के लोगों को न्यायिक सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सकेगी। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री से हुई मुलाकात और उनके आश्वासन के बाद संघर्ष समिति ने आंदोलन को नए सिरे से गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में सोशल मीडिया अभियान के जरिए इस मांग को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में जन-जन तक पहुंचाने की योजना है।