बरामद तैयार बनी हुई अवैध सिगरेट
मेरठ। जिले के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली सिगरेट बनाने वाली एक फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की छापेमारी में मौके से एक बड़े ब्रांड के नाम पर तैयार की गई लाखों रुपये की नकली सिगरेट, अधबनी सिगरेट, सिगरेट बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, पैकिंग सामग्री, सिगरेट बनाने की मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। कार्रवाई के बाद पुलिस ने अवैध फैक्टरी के संचालन से जुड़े लोगों की तलाश और जांच शुरू कर दी है।
दूधली गांव में सरकारी गौशाला के पास चल रहा था काम
पुलिस के अनुसार, हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के दूधली गांव में ग्राम पंचायत की सरकारी गौशाला के पास स्थित एक भवन में कथित तौर पर नकली सिगरेट बनाने का काम चल रहा था। पुलिस को इस अवैध गतिविधि की जानकारी सिगरेट बनाने वाली कंपनी के मैनेजर रेश् मिश्रा से मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने उन्हें साथ लेकर गुरुवार रात करीब नौ बजे बताए गए भवन पर छापेमारी की।
छापेमारी में बड़ी मात्रा में माल बरामद
पुलिस टीम के फैक्टरी के अंदर पहुंचने पर वहां बड़ी मात्रा में तैयार और अधबनी सिगरेट मिलीं। इसके अलावा सिगरेट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, पैकिंग सामग्री और निर्माण से जुड़े उपकरण भी बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से सिगरेट बनाने वाली मशीन और अन्य सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
बरामद सामग्री को देखकर पुलिस को आशंका है कि यहां बड़े स्तर पर नकली सिगरेट तैयार कर उन्हें ब्रांडेड सिगरेट के नाम और पैकिंग में बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि, बरामद माल की वास्तविक मात्रा और उसकी कीमत का अंतिम आकलन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
रात में मिले चार कर्मचारी, दिन में अधिक लोगों के काम करने की जानकारी
पुलिस कार्रवाई के दौरान फैक्टरी में रात के समय केवल चार कर्मचारी मौजूद मिले। पूछताछ में सामने आया कि दिन के समय यहां काफी संख्या में कर्मचारी काम करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फैक्टरी में कितने लोग काम करते थे और नकली सिगरेट तैयार करने तथा उनकी पैकिंग के बाद सप्लाई का नेटवर्क किस तरह संचालित किया जा रहा था।

दिल्ली निवासी रवि की तलाश में पुलिस
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में इस अवैध फैक्टरी के संचालन से दिल्ली निवासी रवि का नाम सामने आया है। पुलिस अब रवि की तलाश कर रही है। इसके साथ ही भवन किसके स्वामित्व में है, इसे किस आधार पर किराए या अन्य व्यवस्था के तहत इस्तेमाल किया जा रहा था और नकली सिगरेट के निर्माण में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
लाखों रुपये के माल की कीमत का होगा आकलन
सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि पुलिस द्वारा बरामद किए गए तैयार और अधबने उत्पाद, कच्चे माल, पैकिंग सामग्री तथा मशीनरी की वास्तविक कीमत का आकलन जांच के बाद किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान की मात्रा और उसकी बाजार कीमत का विस्तृत मूल्यांकन कराया जा रहा है।
नकली सिगरेट के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
फैक्टरी के भंडाफोड़ के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस नकली सिगरेट के निर्माण, पैकिंग और संभावित सप्लाई से जुड़े लोगों पर है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तैयार माल को किन स्थानों पर भेजा जाता था और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फैक्टरी से बरामद मशीनरी, कच्चे माल और तैयार-अधबने उत्पादों को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।