बाढ़ पीड़ितों को राहत चेक सौंपते उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई और जमीनी निरीक्षण, तीन पीड़ितों को 1.20-1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता; दो लाभार्थियों को भूमि आवंटन प्रमाणपत्र
चित्रकूट । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने मंदाकिनी नदी की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और जमीनी निरीक्षण किया तथा बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और नुकसान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रामायण मेला परिसर में आयोजित राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में प्रभावित लोगों को राशन किट एवं अन्य राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए मकानों के प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने मुकेश, लल्लू और चुन्नीलाल को 1 लाख 20 हजार रुपये प्रति व्यक्ति के चेक सौंपे। इसके अलावा राम सूरज और सूरज कली को भूमि आवंटन प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा
राहत सामग्री वितरण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार पूरी मजबूती के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और किसी भी पीड़ित को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसान, व्यापारी और सामान्य वर्ग सहित प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
नुकसान का सर्वे जारी, अन्य प्रभावितों को भी मिलेगी सहायता
प्रशासन की ओर से बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और बाढ़ प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

रामायण मेला परिसर में हुआ राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम
मुख्यमंत्री के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के बाद रामायण मेला परिसर में राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां उन्होंने मंच से प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान की और उनसे बातचीत कर बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके पुनर्वास और राहत के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने वाले लोगों के लिए आर्थिक सहायता तथा पात्र लोगों को भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
बाढ़ पीड़ितों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
मुख्यमंत्री से तत्काल राहत मिलने के बाद बाढ़ प्रभावित लोगों ने उनका आभार जताया। सीतापुर मलकाना क्षेत्र की रहने वाली रानी और मंजू ने बताया कि बाढ़ के कारण उनका घर डूब गया और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों राशन किट मिलने से उन्हें तत्काल राहत मिली है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने नया मकान बनवाने का भरोसा भी दिया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन की राहत व्यवस्था का किया उल्लेख
कटरा गूजर गांव की रहने वाली आशा ने बताया कि बाढ़ में उनका मकान भी प्रभावित हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से बाढ़ के शुरुआती दौर से ही खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही थी। उनके अनुसार, संकट की स्थिति में प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई गई। एक अन्य बाढ़ प्रभावित ज्ञान सिंह ने बताया कि उनका कच्चा मकान बाढ़ में ढह गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें राशन किट मिली है और मकान बनवाने का आश्वासन भी दिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वयं प्रभावित लोगों के बीच पहुंचने को लेकर आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण और राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान, राहत कार्यों और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही पुनर्वास और राहत कार्यों में तेजी लाने तथा जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाने को प्राथमिकता देने को कहा।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास पर जोर
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर मुख्यमंत्री ने राहत व्यवस्था की स्थिति जानी। प्रशासन द्वारा नुकसान का सर्वे जारी है और सर्वे के आधार पर अन्य पात्र प्रभावित परिवारों को भी नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और राहत कार्यों से संबंधित जानकारी साझा की। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को राहत, आर्थिक सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।