सुनील भराला के आवास पर सनातनी संस्कारों से अवगत कराते पंडित राजकुमार शर्मा
मेरठ। सद्गुरु आश्रम, टोंक (राजस्थान) से मेरठ पहुंचे पूज्य पंडित राजकुमार शर्मा जी का पूर्व मंत्री, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला के पल्लवपुरम स्थित आवास पर श्रद्धापूर्वक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर परिवारजनों, श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों ने पूज्य महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान उनके प्रवचन और आशीर्वचन से वातावरण धार्मिक एवं आध्यात्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत रहा।
सनातन धर्म जीवन को सही दिशा देने वाली परंपरा : पंडित राजकुमार शर्मा
प्रवचन के दौरान पंडित राजकुमार शर्मा जी ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को सही दिशा देने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने सत्य, सेवा, त्याग, संयम, करुणा और सदाचार जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने जीवन में नैतिक और मानवीय मूल्यों को अपनाता है तो उसका सकारात्मक प्रभाव परिवार और समाज पर भी पड़ता है। उनके अनुसार वर्तमान समय में भौतिक विकास के साथ आध्यात्मिक और नैतिक विकास पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
बच्चों और युवाओं को संस्कारों से जोड़ने पर जोर
पंडित राजकुमार शर्मा जी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक एवं धार्मिक संस्कार भी दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में ज्ञान, विज्ञान, तप, त्याग और सेवा का समन्वय देखने को मिलता है। परिवारों में यदि धर्म, संस्कार और भारतीय संस्कृति का सकारात्मक वातावरण बनाया जाए तो नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रह सकती है और समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
भगवान श्री परशुराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान
प्रवचन के दौरान भगवान श्री परशुराम के जीवन और आदर्शों का भी स्मरण किया गया। पंडित राजकुमार शर्मा जी ने कहा कि भगवान श्री परशुराम त्याग, तपस्या, शौर्य, धर्मनिष्ठा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक माने जाते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री परशुराम के आदर्शों को केवल धार्मिक आयोजनों और उत्सवों तक सीमित न रखकर उनके जीवन मूल्यों को व्यवहार में उतारना चाहिए। समाज में आपसी भाईचारा, सेवा, सद्भाव और संस्कारों को बढ़ावा देना ही उनके आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पंडित सुनील भराला ने किया स्वागत और सम्मान
इस अवसर पर पंडित सुनील भराला ने पूज्य पंडित राजकुमार शर्मा जी का पुष्पमाला एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने पूज्य महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके मेरठ आगमन को अपने लिए सौभाग्य बताया।
पंडित सुनील भराला ने कहा कि संतों का सानिध्य व्यक्ति को आत्मचिंतन और सकारात्मक दिशा की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि संतों के ज्ञान और मार्गदर्शन से व्यक्ति को धर्म, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने की प्रेरणा मिलती है।
संतों का मार्गदर्शन समाज को देता है नई दिशा
पंडित सुनील भराला ने कहा कि भारतीय संस्कृति में संतों और आचार्यों का विशेष स्थान रहा है। संत समाज ने विभिन्न परिस्थितियों में सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी समाज को संतों के मार्गदर्शन में सेवा, संस्कार और सामाजिक सद्भाव से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने पूज्य पंडित राजकुमार शर्मा जी से समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए अपना आशीर्वाद बनाए रखने की प्रार्थना की।
श्रद्धालुओं ने सुने प्रवचन, प्राप्त किया आशीर्वाद
कार्यक्रम में उपस्थित परिवारजनों, श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों ने पंडित राजकुमार शर्मा जी के प्रवचन को श्रद्धापूर्वक सुना। इसके बाद श्रद्धालुओं ने उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरे कार्यक्रम में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों को सनातन संस्कारों, सेवा, सदाचार, सामाजिक सद्भाव और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।