स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित विश्व हिंदू परिषद के मुख्य अतिथि एवं पदाधिकारी
अटल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में धर्म, संस्कृति, सेवा और संगठन के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर; पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने का लिया संकल्प
मेरठ । विश्व हिंदू परिषद, मेरठ महानगर की ओर से विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित अटल सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों, संतों, समाजसेवियों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति, सेवा और संगठन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ हिंदू समाज की संगठित शक्ति को मजबूत करने का संदेश देना रहा।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का मंच संचालन महानगर मंत्री पवन कश्यप ने किया। स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ क्षेत्रीय संगठन मंत्री मुकेश विनायक खांडेककर, महानिर्वाणी अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी शिव प्रेमानंद जी महाराज, मेरठ प्रांत मंत्री राजकुमार, वाल्मीकि देश प्रेमी चंद्रशेखर आजाद, महानगर अध्यक्ष डॉ. अक्षय जैन तथा हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. ममतेश गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस दौरान ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वक्ताओं ने संगठन के स्थापना काल से लेकर वर्तमान समय तक की गतिविधियों और सामाजिक कार्यों पर विचार रखे।
संतों के प्रयास से संगठन की स्थापना का उल्लेख
कार्यक्रम की भूमिका और स्वागत संबोधन में महामंडलेश्वर स्वामी शिव प्रेमानंद जी महाराज ने स्थापना दिवस को गौरव का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1964 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर संतों द्वारा विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की दिशा में पहल की गई थी और आज संगठन एक बड़े वटवृक्ष के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने मेरठ की धरती पर स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए धर्मप्रेमी और समाज के लोगों का स्वागत किया तथा संगठन के सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
‘हिंदू समाज की संगठित शक्ति राष्ट्र की शक्ति’
क्षेत्रीय संगठन मंत्री मुकेश विनायक खांडेककर ने अपने संबोधन में संगठन की एकजुटता को प्रमुखता देते हुए कहा कि “हिंदू समाज की संगठित शक्ति, राष्ट्र की शक्ति” है। उन्होंने “एक है तो नेक हैं” का संदेश देते हुए समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। उन्होंने अपने संबोधन में वर्ष 1947 से अब तक हिंदू समाज के सामने आई विभिन्न चुनौतियों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक समूहों के बीच समन्वय की कमी के कारण कई समस्याएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि इसी पृष्ठभूमि में हिंदू समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से संतों को साथ लाने पर विचार हुआ और 29 अगस्त 1964 को विश्व हिंदू परिषद की स्थापना हुई।
राम जन्मभूमि आंदोलन और संगठन की भूमिका का किया उल्लेख
मुकेश खांडेककर ने विश्व हिंदू परिषद की विभिन्न गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने धर्म और समाज से जुड़े विषयों पर लगातार काम किया। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन का भी उल्लेख किया और कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण लंबे समय तक चले आंदोलन और प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने संगठन की ओर से चलाए जा रहे सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में सेवा बस्तियों, एकल विद्यालयों, छात्रावासों और अस्पतालों सहित अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
सामाजिक चुनौतियों पर भी रखे विचार
अपने संबोधन में खांडेककर ने धर्मांतरण सहित विभिन्न सामाजिक चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता और संगठन की आवश्यकता आज भी बनी हुई है। उन्होंने युवाओं को संगठित रहने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने मेरठ प्रांत में संगठन के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में विश्व हिंदू परिषद और उससे जुड़े संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
हर प्रखंड में साप्ताहिक हनुमान चालीसा केंद्र बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में डॉ. ममतेश गुप्ता ने उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मेरठ के प्रत्येक प्रखंड में साप्ताहिक हनुमान चालीसा केंद्र स्थापित करने तथा प्रत्येक हिंदू परिवार तक पहुंच बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने संगठन के सामाजिक संपर्क और धार्मिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को और विस्तार देने पर जोर दिया।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रांत संगठन मंत्री अरूण पाञ्चजन्य, प्रांत कोषाध्यक्ष राजीव गर्ग, विभाग सामाजिक समरसता प्रमुख अवनीत बंसल, विभाग संयोजिका अंजली बंसल, महानगर सह मंत्री मनोज, अंकुर, महानगर संयोजक हिमांशु शर्मा, सह संयोजक हरीश गोस्वामी, रिंकू ठाकुर, महानगर संयोजिका पायल, शिप्रा सैनी, कविता, अमित प्रजापति, नमन अग्रवाल, नरेंद्र बतजेवरा, अनिल अग्रवाल, विशाल धानक सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से संगठन की ओर से धर्म, संस्कृति, सेवा और सामाजिक एकजुटता से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। समारोह का समापन उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ