नवसाक्षरों को प्रमाण पत्र वितरित करते सरबजीत कपूर
मेरठ, 8 सितंबर 2026। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण, मेरठ के तत्वावधान में मंगलवार को सुपरटेक पब्लिक स्कूल, इंचौली, मवाना रोड, मेरठ में जन-जागरूकता, निबंध लेखन एवं नव-साक्षर प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नव-साक्षरों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा।
साक्षरता को जन-आंदोलन बनाने पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने साक्षरता को केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित न रखते हुए इसे व्यक्ति और समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उपस्थित लोगों से आह्वान किया गया कि वे अपने आसपास के ऐसे लोगों को चिह्नित करें, जो अभी तक पढ़ने-लिखने में सक्षम नहीं हैं और उन्हें साक्षर बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम पांच-पांच घरों का चयन कर वहां के असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक शिक्षित व्यक्ति कुछ लोगों को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी ले, तो निरक्षरता को दूर करने की दिशा में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है।
नव-साक्षरों को वितरित किए प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पदक से अलंकृत प्रबुद्ध समाजसेवी श्री सरबजीत सिंह कपूर रहे। उन्होंने नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत साक्षर हुए नव-साक्षरों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस दौरान मायावती, कौशल देवी, पायल, कविता, जॉनी, कीर्ति एवं प्रवेश सहित अन्य नव-साक्षरों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले नव-साक्षरों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों ने इसे उनके जीवन में शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
साक्षरता के महत्व पर किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को साक्षरता के सामाजिक और व्यक्तिगत महत्व की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ उसे सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के समग्र विकास के लिए यह आवश्यक है कि वहां प्रत्येक व्यक्ति को बुनियादी शिक्षा और पढ़ने-लिखने का अवसर मिले। इसलिए निरक्षरता को दूर करना केवल सरकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक का दायित्व भी है।
जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के निर्देशन में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन कार्यक्रम निदेशक साक्षरता, उत्तर प्रदेश, लखनऊ एवं सचिव, साक्षरता प्राधिकरण, मेरठ के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए श्री लक्ष्मण सिंह, जिला समन्वयक के मार्गदर्शन में आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। विद्यालय के प्रबंधक शाहजाद सिराज ने कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।
शिक्षकों और साक्षरता कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में सुपरटेक पब्लिक स्कूल के अध्यापकों का विशेष योगदान रहा। राहुल कुमार, नितिन कुमार, रवि कुमार, आमिर खान, सुमित उपाध्याय, स्वाति एवं मुस्कान सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
इसके अलावा समाजसेवी एवं साक्षरता मास्टर ट्रेनर श्री राजू प्रजापति ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सहयोग से साक्षरता जागरूकता से जुड़े विषयों को लोगों तक पहुंचाने और नव-साक्षरों को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए गए।
निरक्षरता दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि निरक्षरता को समाप्त करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। प्रत्येक शिक्षित व्यक्ति यदि अपने आसपास के कुछ लोगों को साक्षर बनाने का संकल्प ले, तो साक्षरता अभियान को व्यापक जनभागीदारी से मजबूती मिल सकती है।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे परिवारों और व्यक्तियों की पहचान करें, जिन्हें पढ़ने-लिखने का अवसर नहीं मिल पाया है और उन्हें शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करें। आयोजकों ने कहा कि साक्षर समाज ही जागरूक, आत्मनिर्भर और विकासशील समाज की मजबूत नींव तैयार कर सकता है।