अपराध समीक्षा संगोष्ठी में एडीजी, डीआईजी एवं एसएसपी
अपराध समीक्षा गोष्ठी, लंबित विवेचनाओं और साइबर अपराधों के निस्तारण पर एडीजी ने दिए निर्देश
एडीजी मेरठ जोन की अध्यक्षता में हुई बैठक में 60/90 दिन से अधिक लंबित विवेचनाओं, महिला अपराध, साइबर अपराध और लंबित मामलों की हुई विस्तृत समीक्षा
मेरठ । जनपद में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को पुलिस लाइन्स स्थित आईसीसीसी, मेरठ में अपराध समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन, मेरठ द्वारा की गई। बैठक में पुलिस उप महानिरीक्षक, मेरठ परिक्षेत्र तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ समेत जनपद के विभिन्न पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किया प्रतिभाग
अपराध समीक्षा गोष्ठी में जनपद मेरठ के समस्त पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक अभिसूचना, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी, चौकी प्रभारी तथा अन्य संबंधित अधिकारीगण ने प्रतिभाग किया। बैठक में निर्धारित एजेंडे के अनुसार विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
60/90 दिन से अधिक लंबित विवेचनाओं पर विशेष जोर
बैठक के दौरान 60/90 दिवस से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ऐसे सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण करते हुए विवेचनाओं का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों से लंबित विवेचनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो। साथ ही विवेचनाओं की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

सेशन ट्रायल से संबंधित मामलों की भी हुई समीक्षा
गोष्ठी में सेशन ट्रायल से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यक कार्रवाई को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा विभिन्न स्तरों पर लंबित जांचों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जांच से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए उनके निस्तारण में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
साइबर अपराध की रोकथाम और प्रभावी कार्रवाई पर जोर
बैठक में वर्तमान समय में बढ़ती चुनौती साइबर अपराध की रोकथाम को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने के साथ-साथ पीड़ितों की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि साइबर अपराध के मामलों की जांच और कार्रवाई में समयबद्धता बनाए रखी जाए, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत एवं न्याय मिल सके।
महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता से कार्रवाई के निर्देश
अपराध समीक्षा गोष्ठी में महिला संबंधी अपराधों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को महिला अपराधों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि महिला अपराध से संबंधित शिकायतों और प्रकरणों में कार्रवाई समयबद्ध हो तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
थानों पर लंबित मालों के निस्तारण की भी समीक्षा
गोष्ठी में विभिन्न थानों पर लंबित मालों के नियमानुसार निस्तारण की स्थिति पर भी चर्चा की गई। संबंधित थाना प्रभारियों और अधिकारियों को नियमों के अनुरूप लंबित मालों के निस्तारण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही थानों पर लंबित अन्य मामलों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर नियमित निगरानी और समीक्षा करने के लिए कहा गया।
अपराध नियंत्रण और प्रभावी पुलिसिंग पर एडीजी का जोर
अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन द्वारा अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, प्रभावी पुलिसिंग तथा लंबित विवेचनाओं और जांचों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा कार्रवाई में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जनता से संबंधित मामलों में तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को नियमित समीक्षा के निर्देश
अपराध समीक्षा गोष्ठी के दौरान स्पष्ट किया गया कि लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया केवल बैठक तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित अधिकारी नियमित रूप से इसकी प्रगति की समीक्षा करें। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अपराध की स्थिति पर सतत नजर रखने और लंबित प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। गोष्ठी में दिए गए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस कार्यप्रणाली में प्रभावशीलता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करना रहा।