रोहटा रोड स्थित अवैध पटाखों के गोदाम पर पुलिस का पहरा
गौरव मोहन से संबंधित गोदामों में पुलिस की छापेमारी, भारी मात्रा में तैयार पटाखे और पटाखा निर्माण सामग्री बरामद; कई टन माल असुरक्षित तरीके से रखे जाने का आरोप
मेरठ । जिले में पटाखों एवं पटाखा निर्माण सामग्री के असुरक्षित और अनियमित भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रोहटा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने कस्बा रोहटा स्थित कुछ गोदामों की तलाशी और चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में तैयार पटाखे तथा पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है। पुलिस के मुताबिक बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में गोदामों में सामग्री का निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप भंडारण नहीं पाया गया। इसके अलावा अग्नि एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी, विद्युत व्यवस्था में अनियमितताएं तथा आवश्यक दस्तावेज और अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात सामने आई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चल रहा अभियान
मेरठ में पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की बिक्री, निर्माण और भंडारण में निर्धारित सुरक्षा मानकों तथा वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस अभियान चला रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के तहत संदिग्ध दुकानों और गोदामों की लगातार चेकिंग की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक देहात के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी सरधना के पर्यवेक्षण में थाना रोहटा पुलिस टीम ने 9 सितंबर को कस्बा रोहटा में स्थित संबंधित गोदामों की तलाशी ली।
गोदामों से भारी मात्रा में पटाखे और सामग्री बरामद
पुलिस के अनुसार चेकिंग के दौरान गोदामों में बड़ी मात्रा में तैयार पटाखे और पटाखा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री रखी मिली। बरामद सामग्री का कुल वजन कई टन बताया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोप है कि सामग्री को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थित तरीके से नहीं रखा गया था। अलग-अलग प्रकार की सामग्री और तैयार पटाखों को असुरक्षित ढंग से एकत्रित किए जाने की बात भी सामने आई है।
अग्नि सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था पर उठे सवाल
जांच के दौरान पुलिस ने गोदामों में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजामों के अभाव की बात कही है। इसके साथ ही विद्युत व्यवस्था में भी अनियमितताएं मिलने का उल्लेख पुलिस ने किया है। पुलिस के मुताबिक संबंधित गोदामों के संबंध में विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक NOC और अन्य दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। इन दस्तावेजों की वैधता और स्थिति का संबंधित विभागों से सत्यापन कराया जा रहा है।
स्टॉक रजिस्टर भी नहीं मिला
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान गोदाम में रखे माल का स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं पाया गया। पुलिस द्वारा मांग किए जाने के बावजूद मौके पर स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके अलावा कुछ सामग्री से संबंधित खरीद-बिक्री के बिल, परिवहन से जुड़े दस्तावेज और अन्य आवश्यक अभिलेख भी तत्काल उपलब्ध नहीं कराए गए। पुलिस अब इन दस्तावेजों और बरामद सामग्री के बीच संबंध की जांच कर रही है।
करीब 35 लाख रुपये की सामग्री सीज
पुलिस ने बताया कि बरामद तैयार पटाखों और पटाखा निर्माण सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये है। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की परिस्थितियों को देखते हुए बरामद सामग्री को नियमानुसार सीज कर सुरक्षित अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक बरामद सामग्री का वजन कई टन है और इसकी प्रकृति तथा उपयोग से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
नमूने परीक्षण के लिए भेजे जा रहे
बरामद सामग्री के आवश्यक नमूने परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं। परीक्षण के माध्यम से सामग्री की प्रकृति और उससे संबंधित अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही पुलिस संबंधित विभागों के माध्यम से गोदाम में अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक NOC और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन करा रही है।
खरीद-बिक्री और परिवहन की भी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद पटाखे और निर्माण सामग्री कहां से लाई गई थी। इसके अलावा इनकी खरीद-बिक्री, परिवहन, भंडारण और संभावित उपयोग से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। स्टॉक रजिस्टर और बिल-वाउचर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में पुलिस इन सभी बिंदुओं को जांच का हिस्सा बना रही है। संबंधित पक्षों से दस्तावेज और अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार मामले में बरामद सामग्री के परीक्षण और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गोदाम में सामग्री का भंडारण किन परिस्थितियों में किया गया और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले में पटाखों और पटाखा निर्माण सामग्री के असुरक्षित या अनियमित भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।