अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देते भाकियू पदाधिकारी
मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने जनहित और किसान हित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के तत्काल निस्तारण की मांग को लेकर जिलाधिकारी मेरठ को ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि पूर्व में भी कई गंभीर समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन और शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन कई मामलों में अभी तक अपेक्षित और संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं होने से किसानों और आम नागरिकों में रोष बढ़ रहा है।
धन्वंतरी अस्पताल की कथित लापरवाही और आयुष्मान योजना में अनियमितता का मुद्दा
भाकियू अराजनैतिक ने धन्वंतरी अस्पताल में मरीज के उपचार से संबंधित मामले को प्रमुखता से उठाया। संगठन के अनुसार, डॉ. असलम, डॉ. अभिनव और डॉ. विशाल पर मरीज के उपचार में कथित लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में पूर्व में ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की गई थी।
संगठन ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर से हुई कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं है। इसके बाद मामला मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष भी रखा गया, लेकिन संगठन का आरोप है कि मरीज और उसके परिवार की बात को अपेक्षित रूप से नहीं सुना गया। भाकियू ने मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इसके साथ ही संगठन ने धन्वंतरी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के माध्यम से कथित अनियमितताओं की शिकायतों की भी गंभीरता से जांच कराने की मांग जिलाधिकारी से की है।
ग्राम रैली में चकरोड पर कब्जे का आरोप
ज्ञापन में ग्राम रैली की चकरोड पर कथित कब्जे का मामला भी उठाया गया है। भाकियू के अनुसार, कुछ दबंग व्यक्तियों द्वारा चकरोड को घेरकर आवागमन बाधित किया गया है। संगठन का कहना है कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक प्रभावी समाधान नहीं हुआ।
भाकियू ने मांग की है कि राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम को मौके पर भेजकर चकरोड की पैमाइश कराई जाए। इसके बाद यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो चकरोड को कब्जामुक्त कराया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर भी जताया विरोध
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर का मुद्दा भी ज्ञापन में उठाया। संगठन का कहना है कि किसान और आम उपभोक्ता स्मार्ट मीटर के बजाय साधारण मीटर की मांग कर रहे हैं।
भाकियू ने मांग की है कि उपभोक्ताओं की आपत्तियों और उनकी सहमति को ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। संगठन ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच मौजूद शिकायतों और आशंकाओं का समाधान किया जाना चाहिए।
ग्राम दवथुआ की चकबंदी का मामला उठाया
ज्ञापन में ग्राम दवथुआ में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई गई है। संगठन के अनुसार, चकबंदी को लेकर ग्रामीणों के बीच आपसी मतभेद और विवाद बढ़ रहे हैं। भाकियू ने आशंका जताई कि यदि समय रहते मामले का निष्पक्ष समाधान नहीं कराया गया तो विवाद और गंभीर हो सकता है।
संगठन ने चकबंदी से संबंधित अभिलेखों और ग्रामीणों की आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही सभी संबंधित पक्षों को सुनकर पारदर्शी तरीके से निर्णय लेने और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराने का आग्रह किया गया है।
समयबद्ध कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने जिलाधिकारी से मांग की है कि ज्ञापन में उठाए गए सभी मामलों में संबंधित विभागों और अधिकारियों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। संगठन ने प्रत्येक मामले में की गई कार्रवाई की समयबद्ध रिपोर्ट उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
भाकियू ने कहा कि यदि किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों से जुड़े इन मामलों का शीघ्र एवं संतोषजनक निस्तारण नहीं किया गया तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। संगठन ने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक), जनपद मेरठ के जिला अध्यक्ष कालू प्रधान की ओर से जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए दिया गया।