हिन्दी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल विद्यालय परिवार
मेरठ। शास्त्री नगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को हिंदी दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय का पूरा वातावरण हिंदीमय नजर आया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिंदी भाषा के महत्व, उसके गौरवशाली इतिहास तथा वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त किए।
मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और वंदना से हुआ शुभारंभ
हिंदी दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ किया गया। इसके बाद विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ, जिसमें हिंदी विभाग के अध्यापकों ने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के इतिहास, महत्व और वर्तमान समय में उसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और गौरव का वातावरण दिखाई दिया। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
हिंदी हमारी संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की पहचान : मनीष सोम
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता हिंदी विभाग की वरिष्ठ अध्यापिका श्रीमती मनीष सोम ने अपने संबोधन में हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय एकता की पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के प्रति गौरव की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के मानक स्वरूप को अपनाने, हिंदी साहित्य का अध्ययन करने तथा दैनिक जीवन में अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करने का आह्वान किया।
महान साहित्यकारों के योगदान को किया याद
मुख्य वक्ता ने हिंदी साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले साहित्यकारों को भी याद किया। उन्होंने मुंशी प्रेमचंद, महादेवी वर्मा और हरिवंश राय बच्चन जैसे महान साहित्यकारों के साहित्यिक योगदान का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि साहित्य भाषा को समृद्ध बनाने के साथ-साथ समाज और संस्कृति को समझने का माध्यम भी है। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी भाषा और साहित्य से निरंतर जुड़ाव बनाए रखना चाहिए।
विद्यार्थियों ने ओजस्वी कविताओं से बांधा समां
कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्राओं आरोही, दीक्षा, परिधि और तन्वी तथा छात्रों कुणाल और तेजस ने हिंदी की ओजस्वी कविताओं का सस्वर पाठ कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कविताओं में देशप्रेम, मातृभाषा के प्रति सम्मान और हिंदी के गौरव की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों की विद्यालय के अध्यापकों ने जमकर सराहना की। इसके अलावा विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के महत्व पर अपने विचार भी व्यक्त किए।
नीता चौधरी ने किया कार्यक्रम का कुशल संचालन
कार्यक्रम का सफल एवं गरिमामय संचालन श्रीमती नीता चौधरी ने किया। उन्होंने अपने कुशल संचालन के माध्यम से पूरे कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह बनाए रखा। कार्यक्रम में विभिन्न प्रस्तुतियों और वक्ताओं के विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
हिंदी स्वाभिमान की भाषा : प्रभात कुमार गुप्ता
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। उन्होंने समस्त विद्यालय परिवार, अध्यापकों और विद्यार्थियों को हिंदी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
प्रधानाचार्य ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी ज्ञान की भाषा हो सकती है, लेकिन हिंदी हमारे स्वाभिमान की भाषा है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि तकनीक के इस दौर में भी हिंदी का महत्व लगातार बढ़ रहा है और हमें हिंदी को वैश्विक मंच तक ले जाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
तकनीक के दौर में हिंदी का महत्व लगातार बढ़ रहा
प्रधानाचार्य ने कहा कि डिजिटल और तकनीकी युग में हिंदी के प्रयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इंटरनेट, सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल माध्यमों पर हिंदी का व्यापक उपयोग हो रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे हिंदी का सम्मान करते हुए इसके समृद्ध स्वरूप को आगे बढ़ाएं।
उन्होंने हिंदी विभाग के सभी अध्यापकों और कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य श्री कृष्ण कुमार शर्मा, सभी आचार्यगण, कर्मचारी वर्ग और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और गौरव की भावना के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। अंत में राष्ट्रगान के साथ हिंदी दिवस समारोह का विधिवत समापन हुआ।