जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में समीक्षा करते जिलाधिकारी डॉ वी के सिंह
विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक का आयोजन
मेरठ के विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान पिछली बैठकों की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय एवं प्रांतीय योजनाओं की बिंदुवार प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
लापरवाही पर सख्त रुख: एआरओ का वेतन रोकने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कार्यालय स्तर से नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। विभागीय कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने समस्त सहायक शोध अधिकारियों (ARO) का वेतन अग्रिम आदेशों तक बाधित (होल्ड) करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की हिदायत
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी सीएचसी, पीएचसी और उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ-सफाई, मरीजों के लिए भोजन और उपचार की गुणवत्ता जैसी मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर दुरुस्त रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों और लाभार्थियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा इस कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जननी सुरक्षा योजना और आशा कार्यकर्ताओं का समयबद्ध भुगतान
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत सभी पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य तंत्र की जमीनी कड़ी के रूप में कार्य कर रही आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर कराने पर विशेष बल दिया।
आयुष्मान भारत योजना और अस्पतालों की सूचीबद्धता
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति और शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने पर जोर दिया। उन्होंने योजना की नई गाइडलाइन के अनुसार अस्पतालों की पात्रता की जांच करते हुए शासनादेश के अनुरूप सूचीबद्धता (Empanelment) की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।
संस्थागत समीक्षा और अंगदान व नशामुक्त की शपथ
बैठक में बिल भुगतान, चिकित्सा उपकरणों की खरीद, एम्बुलेंस सेवाओं के संचालन के साथ-साथ यूनिसेफ (UNICEF), डब्ल्यूएचओ (WHO) और यूएनडीपी (UNDP) से संबंधित प्रगति रिपोर्ट की भी बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अंगदान तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए शपथ दिलाई।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रसाद, जिला क्षय रोग अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (ACMO), चिकित्सा अधीक्षक (MOIC), बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) सहित स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।