कर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक करते मेरठ के जिलाधिकारी वी के सिंह
मेरठ। जनपद में कर-करेत्तर वसूली, राजस्व संग्रह और विभिन्न राजस्व संबंधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली, कर संग्रह और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को सक्रियता और गंभीरता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली से संबंधित मामलों में नियमित निगरानी रखी जाए तथा अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए।
कई विभागों की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान आबकारी विभाग, स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग, वाणिज्य कर विभाग, प्रवर्तन दल, खनन विभाग, परिवहन विभाग, वन विभाग, मंडी परिषद, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की राजस्व प्राप्ति एवं कर संग्रह की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने विभागवार उपलब्धियों और लंबित कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी वसूली की गति धीमी है, वहां विशेष अभियान चलाकर राजस्व संग्रह बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्राप्ति जनहित से जुड़े विकास कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बिजली विभाग को दिए विशेष निर्देश
बैठक में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में कहीं भी ढीले बिजली के तार, क्षतिग्रस्त विद्युत पोल, खराब ट्रांसफार्मर या बार-बार बिजली ट्रिपिंग जैसी समस्याएं नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए विद्युत व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराए जाएं ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम हो सके।
घटतौली करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
बाट-माप विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बाजारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए घटतौली करने वाले दुकानदारों और व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को सही मात्रा और गुणवत्ता की वस्तुएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण पर जोर
बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों के कारण आम जनता को परेशानी होती है, इसलिए ऐसे मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
नगर निकायों को साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण के निर्देश
जिलाधिकारी ने जनपद की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को निर्देशित किया कि शहरों और कस्बों में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत और पार्कों के सौंदर्यीकरण के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर शहर नागरिकों की पहचान होते हैं। इसलिए नगर निकाय यह सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई हो, स्ट्रीट लाइटें सुचारु रूप से कार्य करें और पार्कों को आकर्षक बनाया जाए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कुंवर वीरेन्द्र मौर्य, अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति नवीन चन्द्र, जनपद के विभिन्न नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
- जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा की।
- सभी विभागों को लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रह बढ़ाने के निर्देश।
- बिजली विभाग को ढीले तार, खराब पोल और ट्रांसफार्मर तत्काल दुरुस्त करने के आदेश।
- बाट-माप विभाग को घटतौली के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश।
- राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण पर जोर।
नगर निकायों को साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और पार्कों के सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश।