पुष्प गुच्छ देकर किया सम्मान
रठ के युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा- हर युवा के मन में ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव होना चाहिए, पिछली सरकारों से तुलना कर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाएं
मेरठ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ की क्रांतिधरा पर आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से रोजगार, तकनीक, शिक्षा, राष्ट्र निर्माण और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए सरकारी भर्तियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है और अब तक 9.50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दिए जाने का दावा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार मिशन आगे भी जारी रहेगा और मंगलवार सुबह 2500 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य भी बताया।
सुभारती विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का स्वागत किया। कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी तथा सुभारती विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
‘राष्ट्र प्रथम’ हो हर युवा का भाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक युवा के मन में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग समाज तथा राष्ट्र के विकास में करें। मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का महत्व केवल धन कमाने की क्षमता में नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना पैदा करने में भी है। उन्होंने युवाओं से कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में उनके लिए संभावनाएं मौजूद हैं। युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर का चयन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
छह महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 9.50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि रोजगार का मिशन लगातार जारी रहेगा और मंगलवार को भी 2500 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी। रोजगार और भर्ती से जुड़े ये आंकड़े मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में दिए गए दावों पर आधारित हैं।
पिछली सरकारों की भर्ती व्यवस्था पर मुख्यमंत्री का हमला
मुख्यमंत्री योगी ने पिछली सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उस समय सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने पर काम किया। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार पर भी कई आरोप लगाए और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती व्यवस्था में सिफारिश और परिवारवाद का प्रभाव था। ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक वक्तव्य का हिस्सा रहे और उन्होंने इन्हें पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में रखा।
‘पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाइए’
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करते समय पिछली सरकारों के कार्यकाल से तुलना करें और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि युवाओं को हर विषय को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा को सही दिशा और अवसर मिलें तो वह देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार की ओर से युवाओं को शिक्षा, रोजगार, तकनीक और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने कही।
मेरठ की क्रांतिकारी विरासत का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस शहर ने देश के इतिहास के कई महत्वपूर्ण दौर देखे हैं। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र करते हुए मंगल पांडेय, कोतवाल धन सिंह गुर्जर, रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब और तात्या टोपे के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मेरठ में क्रांति की चिंगारी ने व्यापक आंदोलन का रूप लिया और उत्तर प्रदेश की भूमिका स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में समाज की एकता ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष को मजबूती दी।
वाहन चोरी और कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री का दावा
मुख्यमंत्री ने मेरठ में चोरी के वाहनों की कटाई के पुराने मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 में सत्ता संभालने के बाद प्रशासन को ऐसे कारोबार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन से वाहन चोरी और उनके अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया, जिसके बाद मेरठ में चोरी के वाहन काटे जाने का काम बंद हुआ। उन्होंने मेरठ में सड़क और परिवहन सुविधाओं में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ अब एक्सप्रेसवे और नमो भारत रैपिड रेल जैसी सुविधाओं से जुड़ चुका है।
दंगा और कानून-व्यवस्था पर भी बोले सीएम
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में प्रदेश में दंगों की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। उन्होंने पुलिस को मॉकड्रिल के माध्यम से अपनी तैयारियों का प्रदर्शन करते रहने की बात भी कही, ताकि कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी स्थिति से निपटने की क्षमता बनी रहे। मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पुरानी कानून-व्यवस्था संबंधी परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब अभिभावकों को अपने बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं करनी पड़ती।
‘2017 से पहले यूपी को बीमारू कहा जाता था’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य के रूप में देखा जाता था और यहां से पलायन की स्थिति भी थी। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में प्रदेश की तस्वीर बदली है और अब लोग अपनी पसंद के अनुसार शिक्षा संस्थान तथा रोजगार के अवसर चुन सकते हैं। उन्होंने मेरठ में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल क्षेत्र में भी युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने ओडीओपी के तहत मेरठ के खेल उत्पादों की ब्रांडिंग और उन्हें नई पहचान मिलने की बात कही।
गन्ना भुगतान और किसानों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में गन्ना और चीनी उद्योग की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से 2026 के बीच 3.30 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि किसानों को भुगतान को लेकर अनिश्चितता से बाहर निकालने की दिशा में सरकार ने काम किया है। मुख्यमंत्री ने इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
डीबीटी और डिजिटल तकनीक का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी ने जनधन खातों, मोबाइल और डिजिटल लेनदेन के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने युवाओं से तकनीकी बदलावों को समझने और उनका उपयोग अपने करियर में करने की अपील की।
युवाओं से एआई, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग सीखने की अपील
मुख्यमंत्री ने युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवा तकनीक से दूरी न बनाएं, बल्कि उसे समझकर अपने कौशल के अनुरूप इस्तेमाल करें। उन्होंने क्वांटम कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार की संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने युवाओं से अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करने और लगातार अपने ज्ञान को बढ़ाने की अपील की।
ओडीओपी और एमएसएमई से रोजगार का दावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में ओडीओपी और एमएसएमई क्षेत्र के विकास का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन क्षेत्रों के माध्यम से 3.25 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा और निवेश के बेहतर वातावरण के कारण बड़े निवेश प्रस्ताव आए हैं। मुख्यमंत्री ने 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आने और 15 लाख करोड़ रुपये की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी होने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि निवेश से प्रदेश में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर बढ़े हैं।
‘एक जिला-एक माफिया’ के मुकाबले ‘एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज’ का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर प्रदेश में अपराध और माफिया की स्थिति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इसके स्थान पर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर काम किया है। उन्होंने ‘एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज’ की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के जिलों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, सड़क, रेल, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया।
‘हर काम को नकारात्मक नजरिए से देखने वाला युवा नहीं हो सकता’
मुख्यमंत्री ने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा का दृष्टिकोण स्पष्ट और सकारात्मक होना चाहिए। उनके अनुसार चुनौती को केवल समस्या मानने के बजाय उसका समाधान तलाशने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महाराणा प्रताप और गुरु गोविंद सिंह जैसे महापुरुषों का उल्लेख करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।
‘विरासत और राष्ट्रनायकों के प्रति श्रद्धा रखें युवा’
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपनी विरासत, मातृभूमि, पूर्वजों, राष्ट्रनायकों, तीर्थस्थलों और गुरुजनों के प्रति सम्मान का भाव रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह भावना युवाओं को ज्ञान और चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास दे सकती है। उन्होंने युवाओं से अपने सपनों को पूरा करने के लिए अभी से तैयारी शुरू करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा अपनी क्षमता और प्रतिभा के अनुरूप नए क्षेत्रों में अवसर तलाशें और बदलती तकनीक के साथ खुद को अपडेट करते रहें।
मेरठ की बदलती कनेक्टिविटी का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने मेरठ की परिवहन सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर अब एक्सप्रेसवे और नमो भारत रैपिड रेल से जुड़ चुका है। उन्होंने दिल्ली और लखनऊ की बेहतर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए कहा कि तेज परिवहन व्यवस्था विकास की गति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ विरासत और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
युवा संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, सुभारती विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण समेत अन्य पदाधिकारी और लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए रोजगार, शिक्षा, तकनीक, राष्ट्र निर्माण और करियर से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। मेरठ में आयोजित यह युवा संवाद कार्यक्रम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान हुआ। इसी दौरे में पार्टी की ओर से शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर चर्चा हुई।