प्रो. नीरज कुमार (मेरठ कॉलेज के नए प्राचार्य)
प्रो. युद्धवीर सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद संभाला प्राचार्य पद का दायित्व, शिक्षण गुणवत्ता और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर रहेगा जोर
मेरठ । मेरठ कॉलेज में प्राचार्य पद पर बदलाव हुआ है। महाविद्यालय की प्रबंध समिति ने जंतु विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीरज कुमार को नया प्राचार्य नियुक्त किया है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. ओ.पी. अग्रवाल, सचिव विवेक कुमार गर्ग एवं प्रबंध कार्यकारिणी के सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रो. नीरज कुमार को प्राचार्य पद की जिम्मेदारी सौंपी। नवनियुक्त प्राचार्य प्रो. नीरज कुमार ने बुधवार को अपना पदभार ग्रहण कर लिया। वहीं निवर्तमान प्राचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह का कार्यकाल उनकी सेवानिवृत्ति के साथ समाप्त हो गया। इस अवसर पर मेरठ कॉलेज में निवर्तमान प्राचार्य के सम्मान में विदाई समारोह का भी आयोजन किया गया।
1992 से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापन का अनुभव
प्रो. नीरज कुमार का उच्च शिक्षा एवं अध्यापन के क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने वर्ष 1992 में गढ़वाल विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग से अपने अध्यापन कार्य की शुरुआत की। वर्ष 1992 से 2001 तक उन्होंने गढ़वाल विश्वविद्यालय में सेवाएं दीं। वर्ष 2001 में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा आयोग के माध्यम से उनका चयन मेरठ कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग में हुआ। इसके बाद से वह मेरठ कॉलेज में अध्यापन एवं अकादमिक गतिविधियों से जुड़े रहे और वर्तमान में जंतु विज्ञान विभाग के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे।
गोल्ड मेडल के साथ एमएससी, जापान और कनाडा में किया शोध
प्रो. नीरज कुमार ने वर्ष 1987 में गढ़वाल विश्वविद्यालय से एमएससी की उपाधि प्राप्त की और विश्वविद्यालय में गोल्ड मेडल हासिल किया। उनके शोध कार्यों और वैज्ञानिक उपलब्धियों को भी विभिन्न स्तरों पर सम्मान मिला है। वर्ष 1993 में एशियन फिशरीज सोसाइटी की ओर से उन्हें यंग साइंटिस्ट अवार्ड प्रदान किया गया। उन्होंने जापान और कनाडा में भी शोध कार्य किया है। उनके नाम 50 से अधिक शोध पत्रों के प्रकाशन का उल्लेख किया गया है। उनके निर्देशन में अब तक 10 शोधार्थी पीएचडी पूरी कर चुके हैं।
शिक्षण गुणवत्ता और विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाना प्राथमिकता
प्राचार्य पद का दायित्व संभालने के बाद प्रो. नीरज कुमार ने कहा कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में उनका प्रमुख जोर पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों की महाविद्यालय में नियमित उपस्थिति बढ़ाने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ कौशल विकास, अकादमिक गतिविधियों और उद्यमिता के बीच समन्वय बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आवश्यक कौशल और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।
कौशल विकास और उद्यमिता पर भी रहेगा फोकस
प्रो. नीरज कुमार ने महाविद्यालय में अकादमिक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के साथ विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उनका जोर ऐसे प्रयासों पर रहेगा, जिनसे विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी मिल सके। महाविद्यालय परिवार की ओर से नवनियुक्त प्राचार्य को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी गईं। वहीं निवर्तमान प्राचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह के कार्यकाल के पूर्ण होने पर उनके योगदान को याद करते हुए विदाई दी गई।