कानून
मेरठ, 24 सितंबर 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में गांधी जयंती के अवसर पर मेरठ जनपद में पॉक्सो विधिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और तैयारियों को लेकर प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेरठ श्रीमती प्रियंका रानी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों, गतिविधियों और विभागीय समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा करते हुए कार्ययोजना तैयार की गई।
विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून और कानूनी अधिकारों की मिलेगी जानकारी
अभियान के दौरान स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों, बच्चों के कानूनी अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के संबंध में जानकारी दी जाएगी। विद्यार्थियों को यह भी बताया जाएगा कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उन्हें किस प्रकार आवश्यक कदम उठाने चाहिए और सहायता के लिए उपलब्ध कानूनी माध्यमों का उपयोग कैसे किया जा सकता है।
कार्यक्रमों में बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में भी जागरूक किया जाएगा, ताकि वे असुरक्षित व्यवहार को पहचान सकें और आवश्यकता पड़ने पर समय रहते किसी विश्वसनीय व्यक्ति या संबंधित सहायता व्यवस्था तक पहुंच सकें।
ड्राइंग-पेंटिंग प्रतियोगिता और प्रभात फेरी से बढ़ेगी जागरूकता
जागरूकता अभियान को प्रभावी और विद्यार्थियों की सहभागिता वाला बनाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में पॉक्सो विधिक जागरूकता सभाओं के साथ विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें ड्राइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, प्रभात फेरी तथा अन्य जागरूकता कार्यक्रम शामिल होंगे।
इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को बाल संरक्षण, उनके अधिकारों और पॉक्सो कानून की जानकारी देने के साथ सुरक्षित वातावरण के महत्व के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
स्कूल-कॉलेजों में जाएंगे न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी
अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने के लिए तैयार कार्ययोजना के अनुसार न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में जाकर पॉक्सो जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए नामित किया जाएगा। अधिकारी विद्यार्थियों को कानून के प्रावधानों की जानकारी देने के साथ ही उनके सवालों और जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे उचित सहायता प्राप्त कर सकें।
स्कूल-कॉलेजों के लिए तैयार होगा गतिविधियों का रोस्टर
बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग और जिला विद्यालय निरीक्षक को अभियान के तहत स्कूल-कॉलेजों को चिन्हित एवं नामित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही वहां आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों का रोस्टर तैयार करने को कहा गया।
संबंधित अधिकारियों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करने और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए, जिससे अभियान का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
जागरूकता से बच्चों को अपने अधिकार पहचानने में मिलेगी मदद
प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि अभियान का उद्देश्य पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और बच्चों के कानूनी अधिकारों की जानकारी अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जागरूकता बच्चों को असुरक्षित परिस्थितियों को पहचानने, समय पर आवाज उठाने और आवश्यकता पड़ने पर उचित कानूनी सहायता प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही अभियान को व्यापक जन-जागरूकता का रूप देने पर जोर दिया गया।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे बैठक में मौजूद
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, मेरठ, बेसिक शिक्षा अधिकारी, मेरठ, जिला प्रोबेशन अधिकारी, मेरठ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मेरठ, जिला सूचना अधिकारी, मेरठ, अध्यक्ष/सदस्य बाल कल्याण समिति, मेरठ तथा विशेष किशोर पुलिस इकाई, मेरठ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए विभागवार जिम्मेदारियों और कार्यक्रमों के समन्वय पर चर्चा की गई। गांधी जयंती के अवसर पर प्रस्तावित यह अभियान बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करने पर केंद्रित रहेगा।