नवनिर्मित बेकरी इकाई का शुभारम्भ करते सांसद अरुण गोविल
मेरठ, 25 सितंबर 2026। मेरठ जिला कारागार में बंदियों को कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल की गई है। शुक्रवार को जिला कारागार परिसर में नवनिर्मित बेकरी इकाई का शुभारंभ माननीय सांसद श्री अरुण गोविल ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री वी.के. सिंह और वरिष्ठ जेल अधीक्षक श्री वीरेश राज शर्मा सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं विरिना फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पुष्पगुच्छ भेंट कर सांसद का किया स्वागत
बेकरी इकाई के शुभारंभ कार्यक्रम में जिला प्रशासन और जेल प्रशासन की ओर से सांसद श्री अरुण गोविल का स्वागत किया गया। जिलाधिकारी श्री वी.के. सिंह तथा वरिष्ठ जेल अधीक्षक श्री वीरेश राज शर्मा ने सांसद को पुष्पगुच्छ भेंट किया। कार्यक्रम में जेलर श्री अवनीश यादव, जेलर श्री मनीष कुमार तथा विरिना फाउंडेशन (एनजीओ) के प्रतिनिधियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
सांसद निधि से 20.21 लाख रुपये की धनराशि
जिला कारागार में बेकरी इकाई की स्थापना के लिए सांसद निधि से 20 लाख 21 हजार 250 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस धनराशि का उपयोग बेकरी इकाई के लिए आवश्यक मशीनों की व्यवस्था में किया गया है। इकाई के शुरू होने से बंदियों को बेकरी से जुड़े कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की गई है।
बेकरी उत्पाद बनाने और विपणन का मिलेगा प्रशिक्षण
नई बेकरी इकाई के माध्यम से कारागार में निरुद्ध बंदियों को बेकरी उत्पादों के निर्माण से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक कौशल सीखने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही उत्पादों के विपणन से जुड़ी जानकारी और कार्यप्रणाली से भी उन्हें परिचित कराया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों में उपयोगी कौशल विकसित करना और उन्हें भविष्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।
पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल
कारागार प्रशासन के अनुसार कौशल विकास आधारित ऐसी गतिविधियां बंदियों के पुनर्वास की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। बेकरी इकाई के माध्यम से बंदियों को रचनात्मक कार्य से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का उपयोग वे कारागार से बाहर आने के बाद रोजगार या स्वरोजगार के क्षेत्र में भी कर सकते हैं।
सुधार और पुनर्समावेशन पर जोर
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बेकरी इकाई को बंदियों के कौशल विकास, रचनात्मक गतिविधियों और स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने वाली पहल बताया। इस प्रकार की इकाइयों का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि बंदियों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए उनके पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में पुनर्समावेशन के लिए तैयार करना भी है।
जिला कारागार में बेकरी इकाई का शुभारंभ कारागार को केवल निरुद्ध रखने के स्थान के बजाय सुधार, प्रशिक्षण और पुनर्वास की गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया। इस पहल से बंदियों को व्यावहारिक कौशल हासिल करने का अवसर मिलने के साथ उनके भविष्य को सकारात्मक दिशा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।