शैंकी वर्मा, महानगर अध्यक्ष मेरठ व्यापार मंडल एवं नेता समाजवादी पार्टी
रविंद्र गुर्जर से सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देने की मांग, कहा—संघर्ष संविधान और कानून के दायरे में होना चाहिए
मेरठ । उल्देपुर में चल रहे आंदोलन को लेकर मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष एवं समाजवादी नेता शैंकी वर्मा ने रविंद्र गुर्जर के कथित बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने अधिकारियों को लेकर कथित तौर पर दी गई धमकी भरी भाषा की निंदा करते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों और आंदोलन को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उठाया जाना चाहिए।
धमकी भरी भाषा को बताया अनुचित
शैंकी वर्मा ने कहा कि आंदोलन करना और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी अधिकारी अथवा व्यक्ति के खिलाफ हिंसा की धमकी देना या कथित तौर पर “फांसी पर चढ़ा देंगे” जैसी भाषा का इस्तेमाल किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि असहमति और विरोध को संविधान एवं कानून के दायरे में ही व्यक्त किया जाना चाहिए।
रविंद्र गुर्जर से सार्वजनिक जवाब की मांग
शैंकी वर्मा ने रविंद्र गुर्जर से सवाल करते हुए कहा कि यदि उन्हें यह विश्वास है कि प्रशासन या सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकती, तो उन्हें जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनका यह विश्वास किस आधार पर है। उन्होंने पूछा कि क्या शासन या प्रशासन के किसी जिम्मेदार अधिकारी के साथ उनकी इस संबंध में कोई बातचीत हुई है या उन्हें किसी प्रकार का आश्वासन दिया गया है।
आंदोलन की मांग को लेकर भी उठाए सवाल
शैंकी वर्मा ने आंदोलन की वास्तविक मांग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रविंद्र गुर्जर सार्वजनिक मंचों और मीडिया के सामने यह कहते हैं कि वे जनप्रतिनिधियों और सरकार के बारे में कुछ नहीं बोलेंगे। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आंदोलन आखिर किसके खिलाफ है। उन्होंने कहा कि 2 तारीख को हुए आंदोलन के दौरान भी उन्हें सरकार के खिलाफ कुछ नहीं बोलने के लिए कहा गया था, जिसके कारण उन्होंने माइक तक नहीं पकड़ा था। अब सवाल यह है कि आंदोलन अधिकारियों के खिलाफ है, शासन के खिलाफ है, किसी विशेष व्यक्ति के खिलाफ है या फिर सुप्रीम कोर्ट के किसी आदेश से जुड़े विषय को लेकर है।
अधिकारियों के नाम सार्वजनिक करने की मांग
शैंकी वर्मा ने कहा कि यदि यह आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ अधिकारी सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे हैं, तो ऐसे अधिकारियों के नाम भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित अधिकारी वास्तव में सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे हैं तो सरकार के स्तर से उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जानी चाहिए।
संविधान और कानून के दायरे में संघर्ष की अपील
शैंकी वर्मा ने कहा कि जनता अपने अधिकारों और मुद्दों के लिए संघर्ष करने को तैयार है, लेकिन यह संघर्ष लोकतांत्रिक, संवैधानिक और कानूनी तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन में हिंसा या धमकी की भाषा के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सामने रखना जरूरी है।