प्रधानमन्त्री को शैंकी वर्मा द्वारा लिखा गया खूनी खत
मेरठ। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर मेरठ के शैंकी वर्मा ने प्रधानमंत्री के नाम अपने रक्त से पत्र लिखकर शहर में चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री से मेरठ में चल रही कार्रवाई और उससे प्रभावित परिवारों एवं व्यापारियों की स्थिति की केंद्र स्तर पर जानकारी लेने की अपील की।
मेरठ के शास्त्रीनगर और सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में हाल के दिनों में अवैध निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कार्रवाई की रिपोर्ट भी सामने आई है और शहर के जोन-1 में 16,726 अवैध निर्माणों को सील करने तथा आगे कार्रवाई के निर्देश की खबरें प्रकाशित हुई हैं।
‘मेरठ की जनता की पीड़ा प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का प्रयास’
शैंकी वर्मा ने कहा कि भगत सिंह ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन न्योछावर किया था। उनके अनुसार, भगत सिंह की जयंती पर रक्त से पत्र लिखना किसी राजनीतिक प्रदर्शन के बजाय मेरठ के लोगों की चिंता और पीड़ा को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का प्रतीक है।

उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि मेरठ को केवल एक शहर के रूप में नहीं, बल्कि लाखों लोगों के घर, रोजगार और जीवन से जुड़ी पहचान के रूप में देखा जाए। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण और अन्य कार्रवाई से प्रभावित लोगों की समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए।
कानून और न्यायिक आदेशों के सम्मान के साथ समाधान की अपील
शैंकी वर्मा ने अपने पत्र में कहा कि कानून और न्यायिक आदेशों का सम्मान जरूरी है। साथ ही उन्होंने प्रभावित परिवारों और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए मानवीय एवं संवैधानिक रास्ता निकालने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई से प्रभावित लोगों की आजीविका और भविष्य से जुड़े सवालों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। हाल में प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास को लेकर योजना की चर्चा भी सामने आई है, जिसमें लगभग 650 दुकानों के आवंटन की बात कही गई थी।
‘मेरठ को बचाइए, मेरठ के लोगों की पीड़ा सुनिए’
शैंकी वर्मा ने कहा कि उनका रक्त-पत्र मेरठ की आवाज प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मेरठ के लोगों की समस्याओं को सुनने और प्रभावित परिवारों एवं व्यापारियों के हित में समाधान तलाशने की अपील की।
उन्होंने कहा कि उनका यह प्रयास मेरठ की जनता की चिंता को सामने रखने के उद्देश्य से किया गया है और वे चाहते हैं कि शहर के विकास, कानून और प्रभावित लोगों के हितों के बीच संतुलन बनाते हुए समाधान निकाला जाए।
शैंकी वर्मा ने कहा, “भगत सिंह की जयंती पर मेरा यह रक्त-पत्र प्रधानमंत्री जी तक मेरठ की आवाज पहुंचाने का प्रयास है—मेरठ को बचाइए, मेरठ के लोगों की पीड़ा सुनिए।”