स्वामी श्रद्धानंदजी के बलिदान की शताब्दी के अवसर पर होने वाले समारोह को लेकर बैठक करते आयोजक समिति के सदस्य
मेरठ। अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान की शताब्दी के अवसर पर मेरठ में 23 दिसंबर 2026, बुधवार को भव्य स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन आर्य प्रतिनिधि सभा जिला मेरठ तथा केंद्रीय आर्य समिति मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में जिमखाना मैदान, मेरठ में किया जाएगा। समारोह की तैयारियों को लेकर आयोजन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आर्य समाज थापरनगर में आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम को भव्य और व्यवस्थित रूप देने के लिए विभिन्न समितियों और पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
आयोजन समिति की बैठक में तैयारियों पर हुआ मंथन
बैठक का मार्गदर्शन जिला सभा के प्रधान श्री जिले सिंह आर्य तथा केंद्रीय आर्य समिति के प्रधान श्री वीरेंद्र आर्य ने किया। बैठक में समारोह की तैयारियों, व्यवस्थाओं, प्रचार-प्रसार, मंच संचालन, भोजन, पंडाल, यज्ञ और विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक श्री राजेश सेठी ने बताया कि स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान की शताब्दी को व्यापक स्तर पर मनाने की तैयारी की जा रही है। समारोह में आर्य समाज और आर्य जगत के प्रमुख विद्वानों को आमंत्रित किया गया है, ताकि स्वामी श्रद्धानंद जी के व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र एवं समाज के प्रति योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
आर्य जगत के प्रमुख विद्वानों को किया गया आमंत्रित
मुख्य संयोजक राजेश सेठी के अनुसार समारोह में स्वामी आर्यवेश जी, स्वामी सच्चिदानंद जी, डॉ. वेदपाल जी एवं डॉ. पुनीत शास्त्री सहित आर्य जगत के प्रमुख विद्वानों को आमंत्रित किया गया है। इन विद्वानों के माध्यम से स्वामी श्रद्धानंद जी के जीवन, उनके सामाजिक कार्यों, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सहभागी होंगे
आयोजन समिति के अनुसार समारोह को व्यापक जनभागीदारी वाला बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में सहभागी बनेंगे। इसके अलावा विभिन्न गुरुकुलों और संस्थानों के विद्यार्थी भी समारोह में भाग लेंगे।
बरनावा, ततारपुर, प्रभात आश्रम, गुरुकुल चोटीपुरा, गुरुकुल जबलपुर तथा गुरुकुल नजीबाबाद से ब्रह्मचारी एवं अन्य विद्यार्थी समारोह में सहभागिता करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देंगे।
विभिन्न समितियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां
समारोह को व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए आयोजन समिति की ओर से विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। सभी आर्य समाजों को कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग और जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंच संचालन की जिम्मेदारी चंद्रकांत को दी गई है, जबकि वित्त व्यवस्था के लिए श्री अशोक सुधाकर को संयोजक बनाया गया है। विद्यालय प्रतियोगिता समिति में डॉ. आरपी सिंह चौधरी एवं डॉ. हरेंद्र चौधरी को जिम्मेदारी दी गई है। पंडाल व्यवस्था का दायित्व सूरजपाल सिंह संभालेंगे।
ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में होगा व्यापक प्रचार
समारोह को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी ओमवीर पाथोली तथा जिला मंत्री श्री नगेंद्र सिंह को सौंपी गई है। वहीं नगरीय क्षेत्र में प्रचार-प्रसार का दायित्व सोहनवीर आर्य एवं मांगेराम संभालेंगे।
आयोजन समिति का उद्देश्य समारोह की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करना है।
भोजन और यज्ञ व्यवस्था की भी जिम्मेदारी तय
समारोह में आने वाले प्रतिभागियों और अतिथियों के लिए भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी मनीष शर्मा एवं आशीष सेठी को दी गई है। वहीं यज्ञ समिति की जिम्मेदारी प्रीति सेठी एवं अपर्णा अग्रवाल संभालेंगी।
बैठक में कार्यक्रम के दौरान आने वाले अतिथियों, विद्यार्थियों और अन्य सहभागियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा की गई, ताकि समारोह का आयोजन व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।
गुरुकुलों और विद्यालयों के साथ महाविद्यालयों के विद्यार्थी भी होंगे शामिल
आयोजकों के अनुसार समारोह में गुरुकुलों और विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ-साथ विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को स्वामी श्रद्धानंद जी के जीवन, उनके विचारों और समाज सुधार के कार्यों से परिचित कराना है।
आयोजन समिति का मानना है कि स्वामी श्रद्धानंद जी के जीवन और उनके आदर्शों को युवाओं तक पहुंचाने से उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी, शिक्षा, राष्ट्रसेवा और समाज सुधार के प्रति प्रेरित किया जा सकता है।
प्रकाशित किया जाएगा स्वामी श्रद्धानंद जी के जीवन पर साहित्य
समारोह के माध्यम से स्वामी श्रद्धानंद जी के महान व्यक्तित्व और कृतित्व को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए पुस्तकों एवं अन्य साहित्य का प्रकाशन किया जाएगा। समारोह में आने वाले लोगों को स्वामी श्रद्धानंद जी के जीवन, विचारों और कार्यों से संबंधित साहित्य उपलब्ध कराने की योजना है।
कार्यक्रम को सफल बनाने का लिया संकल्प
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया। आयोजन समिति के सदस्यों ने कहा कि यह आयोजन केवल एक स्मृति समारोह न होकर स्वामी श्रद्धानंद जी के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
बैठक में श्री कर्मेंद्र सिंह, यशपाल, ऋषिपाल सहित आयोजन समिति से जुड़े अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने और कार्यक्रम को भव्य एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने पर जोर दिया।
मुख्य संयोजक राजेश सेठी ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी का जीवन समाज, शिक्षा और राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी रहा है। उनके बलिदान की शताब्दी पर आयोजित होने वाला यह समारोह उनके विचारों और योगदान को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास होगा। उन्होंने सभी आर्य समाजों, संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों और समाज के लोगों से कार्यक्रम में सहभागी बनने का आह्वान किया।