छात्र अभिनंदन एवं आचार्य वंदन कार्यक्रम में सहभागी छात्र छात्राएं
मेरठ, 05 अक्टूबर 2026। शास्त्री नगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को भारत विकास परिषद, शास्त्री नगर शाखा के तत्वावधान में छात्र अभिनंदन एवं आचार्य वंदन कार्यक्रम का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के साथ ही विद्यालय में 25 वर्षों की स्वर्णिम सेवा पूर्ण करने वाले आचार्यों का भी विशेष अभिनंदन किया गया।
मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का परिचय भारत विकास परिषद के सचिव श्री राजीव कुमार शर्मा ने कराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता ने की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों की उपस्थिति रही। आयोजन में शिक्षा के साथ संस्कार, गुरु-शिष्य परंपरा और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
प्रत्येक कक्षा के टॉपर विद्यार्थियों का हुआ अभिनंदन
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों द्वारा विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों को शील्ड एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए परिषद के पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई दी और भविष्य में भी निरंतर मेहनत एवं लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर परिश्रम आवश्यक है। इस प्रकार के सम्मान विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।
25 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले आचार्यों का विशेष सम्मान
कार्यक्रम का सबसे भावपूर्ण और विशेष अवसर उस समय आया, जब विद्यालय में 25 वर्षों की स्वर्णिम सेवा पूर्ण करने वाले आचार्यों का सम्मान किया गया। भारत विकास परिषद की ओर से इन आचार्यों को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाले आचार्यों में लोकेश कुमार शर्मा, अशोक कुमार, दिनेश कुमार, प्रदीप रस्तोगी, अदीप मिश्रा, सत्येन्द्र चौधरी, श्रीमती अंजलि अग्रवाल, श्रीमती नीता चौधरी एवं श्रीमती पूर्णिमा गोयल प्रमुख रहे।
आचार्यों ने साझा किए 25 वर्षों के अनुभव
सम्मान प्राप्त करने वाले आचार्यों ने विद्यालय में बिताए अपने 25 वर्षों के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने विद्यालय से जुड़े अपने अनुभवों और स्मृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्था उनके लिए केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि परिवार की तरह है।
आचार्यों ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और जीवन मूल्यों से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जाता है। लंबे समय तक एक ही संस्था से जुड़े रहकर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में योगदान देना उनके लिए संतोष और गौरव का विषय है।
समर्पित आचार्य किसी भी संस्था की पहचान: प्रभात कुमार गुप्ता
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी शिक्षण संस्था का वास्तविक गौरव उसके समर्पित आचार्य होते हैं। उन्होंने कहा कि एक ही संस्थान में 25 वर्षों तक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा करना अत्यंत सराहनीय उपलब्धि है।
उन्होंने सम्मानित आचार्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके अनुभव और समर्पण ने विद्यालय की शैक्षिक एवं संस्कार आधारित परंपरा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को भी भविष्य में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
भारत विकास परिषद के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में भारत विकास परिषद, शास्त्री नगर शाखा की ओर से श्रीमती रानी शर्मा, श्री रंजन करियाना, श्री वेद प्रकाश शर्मा, श्री विश्वनाथ मित्तल एवं श्री नरेश वर्मा सहित परिषद के अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। परिषद के सदस्यों ने विद्यार्थियों और आचार्यों के सम्मान को संस्था एवं समाज के लिए महत्वपूर्ण परंपरा बताया।
आर्या चौधरी ने किया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का सफल एवं गरिमामय संचालन विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती आर्या चौधरी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाते हुए अतिथियों, विद्यार्थियों और आचार्यों के सम्मान समारोह का संचालन किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता ने भारत विकास परिषद, शास्त्री नगर शाखा के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा आचार्यों के सम्मान की इस सुंदर परंपरा को आगे बढ़ाना शिक्षा और गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
कार्यक्रम का समापन सम्मानित आचार्यों एवं मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना तथा शिक्षा, संस्कार और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।