बाबा महेंद्रसिंह टिकैत की जयंती पर आयोजित स्मृति गोष्ठी के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते भारतीय किसान आंदोलन के पदाधिकारी
भारतीय किसान आंदोलन के कैंप कार्यालय पर चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन; अध्यक्ष कुलदीप त्यागी बोले—मेरठ से देशभर के किसानों को एकजुट करने वाले बाबा टिकैत की प्रतिमा स्थापित कर किसानों की भावनाओं का सम्मान करे शासन-प्रशासन
मेरठ । किसानों के हितों के लिए संघर्ष करने वाले किसान नेता बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर मंगलवार को मेरठ में भारतीय किसान आंदोलन की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम एवं स्मृति गोष्ठी का आयोजन किया गया। गढ़ रोड स्थित 211, गली नंबर-5, पंचशील कॉलोनी में भारतीय किसान आंदोलन के कैंप कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाबा टिकैत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। स्मृति गोष्ठी में वक्ताओं ने बाबा महेंद्र सिंह टिकैत के किसान आंदोलनों और उनके संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन किसानों, गरीबों और मजदूरों की समस्याओं को उठाने तथा उनके हितों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। वक्ताओं ने कहा कि किसानों को संगठित करने और उनकी समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाने में बाबा टिकैत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
किसानों, गरीबों और मजदूरों के लिए समर्पित रहा बाबा टिकैत का जीवन
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि बाबा महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाया और किसान समाज को संगठित करने के लिए लगातार संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में हुए आंदोलनों ने किसानों की आवाज को व्यापक स्तर पर पहुंचाया। वक्ताओं ने बाबा टिकैत के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उनकी सादगी और किसान हितों के प्रति प्रतिबद्धता आज भी किसान संगठनों और कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देती है। उनकी जयंती केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि किसान हितों के लिए उनके संघर्ष और विचारों को याद करने का भी दिन है।
मेरठ में बाबा टिकैत की प्रतिमा लगाने की मांग
इस अवसर पर भारतीय किसान आंदोलन के अध्यक्ष कुलदीप त्यागी ने मेरठ में बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से प्रशासन से मेरठ में बाबा टिकैत की प्रतिमा स्थापित करने की मांग करता आ रहा है। कुलदीप त्यागी ने कहा कि मेरठ की धरती बाबा टिकैत के किसान आंदोलन की महत्वपूर्ण साक्षी रही है। उनके नेतृत्व में हुए किसान आंदोलन ने देशभर के किसानों को एकजुट करने का काम किया और मेरठ का नाम व्यापक स्तर पर चर्चित हुआ।
सार्वजनिक स्थल पर प्रतिमा स्थापित करे शासन-प्रशासन: कुलदीप त्यागी
कुलदीप त्यागी ने मांग की कि मेरठ में किसी उपयुक्त सार्वजनिक स्थल पर बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करके शासन और प्रशासन देशभर के किसानों की भावनाओं का सम्मान कर सकता है। उन्होंने कहा कि बाबा टिकैत का संघर्ष किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं था। किसानों के अधिकार और उनकी समस्याओं को लेकर उन्होंने जो आवाज उठाई, उससे बड़ी संख्या में किसान जुड़े। इसलिए आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष और योगदान से परिचित कराने के लिए मेरठ में उनकी स्मृति को स्थायी स्वरूप दिया जाना चाहिए।
बाबा टिकैत के संघर्ष को आगे बढ़ाने का आह्वान
स्मृति गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने बाबा टिकैत के किसान हितैषी विचारों और संघर्ष से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों और समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना ही बाबा टिकैत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बाबा महेंद्र सिंह टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके किसान हितों से जुड़े संघर्ष को याद किया।
गोष्ठी में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में भारतीय किसान आंदोलन के अध्यक्ष कुलदीप त्यागी के साथ मोहन सिंह नेगी एडवोकेट, सुशील गौड़, महेंद्र सिंह त्यागी, कौस्तुभ त्यागी, प्रदीप त्यागी और शौर्य वत्स सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने बाबा महेंद्र सिंह टिकैत को श्रद्धासुमन अर्पित किए और किसान हितों के लिए उनके योगदान को याद किया।