सुदीप जैन (राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा)
गरीब, किसान, जवान, नौजवान और व्यापारी परेशान तो फिर किस बात का जश्न?: सुदीप जैन
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा पर साधा निशाना; मेरठ में मकान-दुकान टूटने और रोजगार प्रभावित होने का मुद्दा उठाते हुए कहा—उत्सव से पहले पीड़ित परिवारों की चिंता करे सरकार
मेरठ । राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन ने देश की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को लेकर केंद्र एवं प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। मंगलवार, 7 अक्टूबर को जारी बयान में उन्होंने सवाल उठाया कि जब गरीब, किसान, जवान, नौजवान और व्यापारी सहित समाज के विभिन्न वर्ग परेशान हैं, तब आखिर जश्न किस बात का मनाया जा रहा है।
सुदीप जैन ने आरोप लगाया कि देश में गरीब व्यक्ति की आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं, जबकि सरकार की नीतियों का लाभ बड़े पूंजीपतियों को अधिक मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में आयोजित किए जा रहे उत्सवों का औचित्य क्या है। उन्होंने इसे आम जनता की समस्याओं से जोड़ते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए।
किसान से व्यापारी तक हर वर्ग की परेशानी का उठाया मुद्दा
सुदीप जैन ने अपने बयान में किसान, जवान, युवा और व्यापारी वर्ग की समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग कारणों से इन वर्गों के सामने आर्थिक और रोजगार संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं। सरकार को प्रचार और उत्सवों से अधिक आम लोगों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने रोजगार, किसानों के सामने अपनी आर्थिक स्थिति और व्यापारियों के सामने कारोबार से संबंधित समस्याएं महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए ठोस समाधान की दिशा में काम करे।
मेरठ में मकान-दुकान टूटने का मुद्दा उठाया
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मेरठ में चल रही कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मकान और दुकानें टूटने से प्रभावित लोगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई से बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार प्रभावित हुए हैं और कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हुआ है।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकान, दुकान अथवा रोजगार प्रभावित हो रहे हैं, उनकी समस्याओं और पीड़ा को गंभीरता से समझने की जरूरत है। प्रशासन और सरकार को किसी भी कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों की परिस्थितियों तथा उनकी आजीविका से जुड़े पहलुओं पर भी संवेदनशीलता से विचार करना चाहिए।
‘उत्सव से पहले प्रभावित परिवारों की चिंता करे सत्तारूढ़ दल’
सुदीप जैन ने भाजपा द्वारा किए जा रहे आयोजनों और उत्सवों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे समय में जनता के दर्द को नजरअंदाज करके जश्न मनाना उचित नहीं है। उन्होंने इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी को उत्सव और प्रचार से पहले उन परिवारों की रोजी-रोटी की चिंता करनी चाहिए, जिनका जीवन विभिन्न कार्रवाइयों से प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को अपनी उपलब्धियों के प्रचार के साथ-साथ जमीनी स्तर पर जनता के सामने मौजूद समस्याओं पर भी जवाब देना चाहिए। गरीब, किसान, जवान, नौजवान और व्यापारी की समस्याओं का समाधान ही सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।