पंडित सुनील भराला
मेरठ। भारतीय जनसंघ की वरिष्ठ नेत्री, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की प्रभारी रहीं राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती पर उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने उन्हें सादर नमन किया। उन्होंने राजमाता को त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि उनके विचार और आदर्श आज भी जनसेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
सुनील भराला ने कहा कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया के साथ उनके परिवार का पुराना आत्मीय और वैचारिक संबंध रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी माताजी से राजमाता के व्यक्तित्व, सिद्धांतों और जनसेवा के प्रति समर्पण से जुड़े अनेक प्रेरक प्रसंग सुनने को मिले हैं।
भराला के अनुसार, जब उनके पिता ने चुनाव लड़ा और उन्हें जनसंघ की जिम्मेदारी सौंपी गई, उस समय राजमाता विजयाराजे सिंधिया का सहयोग, समर्थन और मार्गदर्शन उनके परिवार के लिए विशेष महत्व रखता था। उनके परिवार ने उस दौर में राजमाता के विचारों और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा को करीब से महसूस किया।
जनसेवा और संगठन के प्रति समर्पण को किया याद
सुनील भराला ने कहा कि राजमाता के जीवन से त्याग, निष्ठा, संगठन के प्रति समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलती है। उनका सार्वजनिक जीवन और उनके आदर्श सदैव स्मरणीय रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि राजमाता के विचार आने वाली पीढ़ियों को भी जनसेवा और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए प्रेरित करते रहेंगे।