उपसभापति कृष्णपाल सिंह व प्रबंध कमेटी के सदस्य
उपसभापति कृष्णपाल सिंह व प्रबंध कमेटी के सदस्यों ने लिया पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों का जायजा
बागपत । बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल में उपसभापति कृष्णपाल सिंह व प्रबंध कमेटी के सदस्यों ने पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों का जायजा लिया। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक प्रदीप कुमार ने कहा कि चीनी मिल प्रबंधन के लिए गन्ना किसानों का आर्थिक हित साधना ही सर्वोपरि है। पेराई सत्र 2026-27 के लिए 21 अक्टूबर को बॉयलर पूजा कराई जाएगी। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी चीनी मिल का पेराई सत्र नवंबर के प्रथम सप्ताह में शुरू कराने का लक्ष्य है।
उपसभापति कृष्णपाल सिंह व प्रबंध कमेटी के सदस्य सतीश, संदीप, नरेंद्र, भरत सिंह, रामनिवास, लक्ष्मण सिंह और आदित्य के साथ चीनी मिल पहुंचे और स्थलीय निरीक्षण किया। सर्वप्रथम उन्होंने बॉयलर का निरीक्षण किया। विगत पेराई सत्र में बॉयलर में हुई समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के संबंध में प्रधान प्रबंधक प्रदीप कुमार से वार्ता की।
प्रधान प्रबंधक प्रदीप कुमार ने बताया कि चीनी मिल के बाहर गए रोलर चीनी मिल में आ चुके हैं। सभी के द्वारा क्वाड, पैन व डोर आदि का निरीक्षण करते हुए विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई, जिसमें मरम्मत का कार्य संतोषजनक पाया गया। चीनी मिल के बॉयलरों का कार्य संतोषजनक पाया गया। चीनी गोदामों की स्थिति पर प्रधान प्रबंधक ने बताया कि बिक्री योग्य समस्त चीनी की बिक्री हो चुकी है।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि आगामी पेराई सत्र के संचालन हेतु मिल की मरम्मत एवं रखरखाव का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। निरीक्षण के दौरान मिल गेट पर एआई कैमरे संचालित किए जा रहे हैं। संघ कार्यालय लखनऊ के निर्देशानुसार चीनी मिल में उपलब्ध निष्प्रयोज्य स्क्रैप की बिक्री जेम पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
प्रधान प्रबंधक प्रदीप कुमार ने कहा कि चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना आपूर्ति नीति एवं गन्ना कैलेंडरिंग नीति जारी कर दी गई है। इसमें गन्ना किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। वहीं महिला एवं दिव्यांग गन्ना किसानों के सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
अब लघु एवं अति लघु महिला गन्ना किसानों की शत-प्रतिशत पर्चियां एक से दो पक्षों में तथा पौधों की पर्चियां सातवें से आठवें पक्ष में अंकित करते हुए अधिकतम एक माह के भीतर आपूर्ति की सुविधा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। पहली बार दिव्यांग लघु गन्ना कृषकों (सट्टाधारक 90 क्विंटल तक) को 52:48 से मुक्त रखते हुए पेड़ी की पर्चियां प्रथम पक्ष में एवं पौधों की पर्चियां आठवें पक्ष में अंकित करते हुए उनके गन्ने की आपूर्ति सामान्यतः 15 दिनों में कराई जाएगी।
सभापति कृष्णपाल सिंह ने कहा कि गन्ना महकमे की नई डिजिटल व्यवस्था के तहत गन्ना क्रय केंद्रों से लेकर चीनी मिल गेट तक गन्ने का परिवहन करने वाले सभी वाहनों की पल-पल की जीपीएस ट्रैकिंग की जाएगी। इसके लिए समर्पित केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से अधिकारी गन्ना लदे वाहनों की आवाजाही पर 24 घंटे सीधी नजर रखेंगे। इस रियल टाइम निगरानी से वाहनों के रास्ते में अनावश्यक रुकावट, अनधिकृत ठहराव या किसी भी प्रकार की हेराफेरी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
यह कदम चीनी उद्योग में गन्ना आपूर्ति में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होगा। इससे गन्ना किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और चीनी मिलों तक गन्ना पहुंचाने में सुगमता होगी।
अक्सर खेत से गन्ने की कटाई के बाद मिल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता था, जिससे धूप और हवा के कारण गन्ना सूखने लगता था। अब व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से गन्ने की कटाई के बाद 24 घंटे के भीतर चीनी मिलों तक आपूर्ति की जाएगी। समयबद्ध परिवहन की इस गारंटी से गन्ने की ताजगी और उसका प्राकृतिक वजन बरकरार रहेगा, जिससे किसानों को वजन में होने वाली कटौती और वित्तीय नुकसान से सुरक्षा मिलेगी।