नकली नोट छापने वाले गिरोह का खुलासा करते मुजफ्फरनगर एसएसपी सूरज कुमार राय
मुजफ्फरनगर। नकली करेंसी तैयार कर बाजार में चलाने के कथित मामले में बुढ़ाना थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के पास से और दिल्ली के नरेला स्थित एक फ्लैट की तलाशी में कुल 5 लाख 26 हजार 500 रुपये कीमत के 500 रुपये के नकली नोट बरामद हुए। पुलिस ने लैपटॉप, रंगीन प्रिंटर, कॉटन पेपर और नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी जब्त की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, गिरोह का कथित सरगना शुभम नरेला स्थित फ्लैट में नकली नोट तैयार करता था। पुलिस अब आरोपियों के संपर्कों, नोटों की कथित आपूर्ति और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
मेरठ-करनाल हाईवे के पास पकड़े गए आरोपी
एसएसपी के मुताबिक, 14 अक्टूबर को बुढ़ाना थाना पुलिस को सूचना मिली कि मेरठ-करनाल हाईवे पर वाजिद होटल के पास, बुढ़ाना-कांधला मार्ग पर एक ट्यूबवेल के निकट तीन लोग नकली नोटों के साथ मौजूद हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तलाशी के दौरान 500 रुपये के नकली नोट बरामद किए। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में शुभम ने दिल्ली के नरेला स्थित अपने फ्लैट में नकली नोट तैयार किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने फ्लैट की तलाशी ली, जहां से अतिरिक्त जाली करेंसी और उसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई।
दो स्थानों से मिले 5.26 लाख रुपये के नकली नोट
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से मौके पर चार लाख रुपये के नकली नोट मिले। नरेला स्थित फ्लैट से एक लाख 26 हजार 500 रुपये की अतिरिक्त जाली करेंसी बरामद की गई। इस तरह कुल बरामदगी 5 लाख 26 हजार 500 रुपये की बताई गई है। पुलिस के अनुसार, सभी नोट 500 रुपये के हैं।
नकली नोटों के अलावा पुलिस ने एक लैपटॉप, रंगीन प्रिंटर, कॉटन और बटर पेपर, रंगीन पन्नी के रोल, पांच फर्मे, प्रिंटर की स्याही और नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली कुछ अन्य सामग्री तथा रसायन जब्त किए हैं। पुलिस इन सामानों और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है।
‘फर्जी’ वेब सीरीज देखने के बाद आया विचार: पुलिस
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शुभम ने कथित तौर पर बताया कि ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखने के बाद उसके मन में नकली नोट तैयार कर जल्दी पैसा कमाने का विचार आया। पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपियों ने नोट बनाने से जुड़ी जानकारी के लिए ऑनलाइन वीडियो देखे थे। इन बयानों की पुष्टि बरामद सामग्री और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि कॉटन पेपर महाराष्ट्र में गणेश नाम के व्यक्ति से मंगाए जाने की बात सामने आई है, जबकि अन्य सामग्री ऑनलाइन खरीदी गई थी। पुलिस संबंधित व्यक्ति, सामग्री की खरीद और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
बुढ़ाना और आसपास के क्षेत्रों में नोट चलाने का आरोप
पुलिस का दावा है कि आरोपी नकली नोट तैयार करने के बाद उन्हें आपस में बांट लेते थे और अलग-अलग शहरों में कम कीमत पर चलाने या बेचने की कोशिश करते थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दिन भी वे बुढ़ाना और आसपास के क्षेत्रों में जाली करेंसी खपाने आए थे। पुलिस जांच कर रही है कि इससे पहले किन स्थानों पर नोट पहुंचाए गए और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि संजय आहूजा निवासी देहरादून और रावड़ी उर्फ अनुराग शर्मा निवासी बरेली के नाम कथित साथियों के रूप में सामने आए हैं। उनकी भूमिका की जांच जारी है। पुलिस अभिलेख के अनुसार, महेंद्र के खिलाफ उत्तराखंड के सतपुली थाने में वर्ष 2025 का एक अन्य मामला भी दर्ज बताया गया है। तीनों गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है।
बागपत, उत्तराखंड और मेरठ के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम पुत्र रण सिंह, निवासी ग्राम सांकरौद, थाना खेकड़ा, बागपत—हाल निवासी मंशा देवी अपार्टमेंट, नरेला, दिल्ली; महेंद्र पुत्र आसाराम, निवासी ग्राम कनौठा, थाना सतपुली, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड; और टीनू पुत्र सुमित, निवासी ग्राम दौलतपुर, थाना सरधना, मेरठ के रूप में हुई है।
इस संबंध में बुढ़ाना थाने में मुकदमा संख्या 464/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, अभियोग भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 178, 179, 180, 3(5) और 61(2) के तहत दर्ज है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस टीम में ये अधिकारी-कर्मचारी रहे शामिल
कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक आशीष चौधरी, ललित कसाना, छविकांत, संदीप कुमार, सूर्यप्रताप सिंह और तेजवीर सिंह के साथ हेड कांस्टेबल पुष्पेन्द्र सिंह, अमित तेवतिया, अमरदीप, सुनील कुमार, निर्वेश कुमार, संजय कुमार और नकुल सांगवान शामिल रहे। सर्विलांस सेल, मुजफ्फरनगर के हेड कांस्टेबल विकास सिरोही ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।