बरामद अवैध शस्त्र की जांच करते डीआईजी कलानिधि नैथानी
मेरठ, 17 अक्टूबर 2026। मेरठ परिक्षेत्र में अवैध हथियारों और उनके इस्तेमाल के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन शस्त्र’ के तहत सितंबर माह में 208 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से 185 अवैध हथियार और 214 कारतूस बरामद किए तथा 180 मुकदमे दर्ज किए। यह कार्रवाई 1 से 30 सितंबर 2026 के बीच परिक्षेत्र के मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जिलों में की गई।
पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी के निर्देश पर वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ अवैध हथियारों तथा मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इस दौरान अंतरराज्यीय और अंतर्जनपदीय अवैध हथियार तस्करी गिरोहों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
मेरठ में सबसे अधिक बरामदगी और गिरफ्तारियां
सितंबर में मेरठ जिले में 82 मुकदमे दर्ज कर 106 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यहां से 83 अवैध हथियार और 114 कारतूस बरामद किए।
बुलंदशहर में 62 मुकदमे दर्ज हुए और 65 गिरफ्तारियां की गईं। यहां से 66 अवैध हथियार और 63 कारतूस बरामद किए गए। बागपत में 22 मुकदमों में 23 आरोपियों को गिरफ्तार कर 22 हथियार और 22 कारतूस बरामद किए गए। हापुड़ में 14 मुकदमे दर्ज कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहां से 14 अवैध हथियार और 15 कारतूस मिले।
लाइसेंसी हथियारों और कारतूसों की बिक्री की जांच
पुलिस ने बताया कि ‘ऑपरेशन शस्त्र’ के तहत शासनादेश के प्रावधानों के अनुपालन में लाइसेंस पर नए कारतूस जारी करने से पहले पहले खरीदे गए कारतूसों की खपत की प्रारंभिक जांच कराई जाएगी। प्रेस नोट के अनुसार, यह जांच एसडीएम या क्षेत्राधिकारी स्तर पर की जाएगी। नए स्वीकृत लाइसेंसों पर भी सीमित संख्या में कारतूस जारी करने और पिछले वर्षों में लाइसेंस के सापेक्ष खरीदे गए कारतूसों तथा उनके उपयोग की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
गोलीकांड में पांच पहलुओं की जांच के निर्देश
पुलिस के मुताबिक, प्रत्येक गोलीकांड की विवेचना में पांच प्रमुख पहलुओं की जांच की जाएगी: गोली किसने चलाई, हथियार किसने दिया और वह किसके नाम पर है, अवैध हथियार कहां से खरीदा गया या कहां बना, हथियार सामान्यतः कहां रखा जाता था तथा घटनास्थल तक पहुंचने के लिए किस वाहन का इस्तेमाल हुआ और उसका स्वामी कौन है। वाहन में मुख्य आरोपी के साथ कौन-कौन था, इसकी भी जांच की जाएगी।
पुलिस ने कहा है कि इन पहलुओं से जुड़े लोगों को साक्ष्यों के आधार पर विवेचना में शामिल किया जाएगा। यदि लाइसेंसी हथियार किसी अन्य व्यक्ति को दिखावे या इस्तेमाल के लिए दिया गया, तो पुलिस के अनुसार लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन के मामले में आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। लाइसेंसी हथियार के दुरुपयोग के मामलों में शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने और हथियार स्वामी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
हथियार छिपाने या आरोपियों को शरण देने पर कार्रवाई
प्रेस नोट में लोगों को सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन न करने और अवैध हथियार रखने वालों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। पुलिस ने मकान या वाहन ऐसे लोगों को इस्तेमाल के लिए देने से भी बचने को कहा है। पुलिस के अनुसार, गोलीकांड में शामिल आरोपियों को शरण देने, घर में हथियार छिपाने, लाइसेंसी हथियार दूसरे व्यक्ति को सौंपने या अपराध में मदद करने वालों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर बीएनएस की धारा 249, 3(5) और 61(2) सहित अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
डीआईजी ने पूर्व में गोलीकांड या हथियारों के दुरुपयोग की घटनाओं में शामिल रहे अपराधियों की समीक्षा के निर्देश भी दिए हैं। पुलिस ऐसे लोगों की गतिविधियों और वर्तमान स्थिति का आकलन कर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर हिस्ट्रीशीट खोलने तथा गुंडा अधिनियम, गैंगस्टर अधिनियम और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करेगी।