मंडलीय खादी महोत्सव में कुशल कारीगरों को पुरस्कृत करते भाजपा नेता आलोक सिसोदिया
मेरठ, 18 अक्टूबर। मंडलीय खादी महोत्सव के तीसरे दिन मिट्टी की कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संगम देखने को मिला। एक ओर चाक पर घूमती मिट्टी से कारीगरों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर नृत्य प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने मंच पर रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। दिन के प्रमुख आयोजनों में माटीकला पुरस्कार समारोह, चाक कार्यशाला और नृत्य प्रतियोगिता शामिल रहे।
तीन कारीगरों को मिला माटीकला पुरस्कार
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की ओर से आयोजित मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में मेरठ के नीलू कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गाजियाबाद की सीमा सागर दूसरे और हापुड़ के रिंकू तीसरे स्थान पर रहे। विजेताओं को क्रमशः 15 हजार, 12 हजार और 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

विजेताओं को सम्मानित करते हुए परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी, मेरठ मंडल मान्या चतुर्वेदी ने कहा कि माटीकला से उपयोगी और कलात्मक उत्पाद बनाने वाले शिल्पकारों को पहचान दिलाना महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य है। ऐसे आयोजन पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने के साथ उसे आजीविका के अवसरों से जोड़ने में मदद करते हैं।
चाक कार्यशाला में लोगों ने जाना मिट्टी से उत्पाद बनाने का तरीका
महोत्सव में आयोजित चाक कार्यशाला में मेरठ के स्थानीय नागरिकों ने मिट्टी को आकार देकर विभिन्न उत्पाद बनाने की प्रक्रिया को करीब से देखा और समझा। कार्यशाला ने लोगों को पारंपरिक माटीकला से परिचित कराने के साथ कारीगरों के हुनर को भी सामने रखा।

नृत्य प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने बांधा समां
शाम छह बजे कलाकोष के तत्वावधान में नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य पूनम शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। चाक कार्यशाला और नृत्य प्रतियोगिता के माध्यम से महोत्सव में आम लोगों की भागीदारी बढ़ी और पारंपरिक कला के साथ सांस्कृतिक प्रतिभाओं को भी मंच मिला।
मुख्य अतिथि पूनम शर्मा ने कहा कि मंडलीय खादी महोत्सव का उद्देश्य खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना, स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक उद्यमों को बढ़ावा देने वाले ऐसे आयोजन कारीगरों को पहचान दिलाने और उनके हुनर को रोजगार से जोड़ने का अवसर देते हैं।
माटीकला को मिला सम्मान, चाक पर कारीगरों के हुनर का प्रदर्शन और मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने महोत्सव के तीसरे दिन को विशेष बना दिया। इस दौरान आलोक सिसौदिया, उपायुक्त उद्योग अमरेश पांडेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।