पथ संचलन करते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी
मेरठ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मेरठ महानगर की ओर से विजयादशमी के अवसर पर महानगर में 120 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। संघ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन कार्यक्रमों में करीब 10 हजार स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लिया। कार्यक्रमों में एकल गीत और गणगीत के बाद शस्त्र पूजन किया गया। इसके बाद मुख्य वक्ताओं ने संघ के विचार और कार्यपद्धति पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रमों के बाद विभिन्न क्षेत्रों में पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला। इसमें छोटे बच्चों से लेकर तरुण और वरिष्ठ स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाकर चले। अलग-अलग नगरों और मोहल्लों में क्षेत्रवासियों ने पुष्पवर्षा कर पथ संचलन का स्वागत किया।
हिंदू समाज का संगठन संघ के चिंतन का केंद्र : डॉ. नरेंद्र तनेजा
शास्त्री नगर में आयोजित कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के सहसंघचालक डॉ. नरेंद्र तनेजा ने कहा कि संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने देश की स्वतंत्रता के लिए विभिन्न क्रांतिकारियों के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि कलकत्ता में डॉक्टरी की पढ़ाई के दौरान डॉ. हेडगेवार अनुशीलन समिति की क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े और नागपुर में कांग्रेस के नेतृत्व में हुए स्वतंत्रता आंदोलनों में भी भाग लिया। डॉ. तनेजा के अनुसार, डॉ. हेडगेवार 1921 और 1930 में जेल भी गए थे।
डॉ. तनेजा ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश दोबारा गुलाम न हो, इस विचार के साथ डॉ. हेडगेवार ने हिंदू समाज की कमजोरियों और उसके संगठन पर चिंतन किया। उनके अनुसार, समाज के मतभेदों और कमियों को दूर कर उसे समरस और संगठित बनाने तथा देश, समाज और संस्कृति के लिए समर्पित कार्यकर्ता तैयार करने के उद्देश्य से शाखा पद्धति विकसित की गई।

शाखा के माध्यम से कार्यकर्ता निर्माण पर दिया जोर
डॉ. तनेजा ने कहा कि नागपुर के मोहिते बाड़ा में शुरू हुई शाखा से संघ की यात्रा आगे बढ़ी। उन्होंने बताया कि डॉ. हेडगेवार ने 36 वर्ष की आयु में अपने से कम आयु के 17 लोगों के बीच संघ की स्थापना की घोषणा की थी। उनके मुताबिक, आज देशभर में संघ के हजारों कार्यक्रम चल रहे हैं और शाखा के माध्यम से स्वयंसेवक समाजसेवा के कार्यों में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि संघ का मूल विचार स्थापना के समय भी हिंदू समाज को संगठित करना था और आज भी वही विचार बना हुआ है। डॉ. तनेजा ने मेरठ महानगर में इस वर्ष 120 स्थानों पर हुए कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले पूरे शहर में सीमित संख्या में स्वयंसेवकों का एक कार्यक्रम होता था, जबकि अब अलग-अलग क्षेत्रों में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अन्य कार्यक्रमों में भी वक्ताओं ने रखे विचार
मेरठ महानगर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रांत बौद्धिक प्रमुख कृष्ण कुमार, सह विभाग संघचालक विनोद भारतीय और विभाग कार्यवाह अवनीश कुमार ने भी बौद्धिक दिया। कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों ने शस्त्र पूजन और पथ संचलन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।