काशी टोल प्लाजा प्रकरण: अवनीश काजला के काफिले पर दर्ज मुकदमों के विरोध में कांग्रेस का ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल; कांग्रेस नेताओं ने कहा—दीपावली के बाद सड़क से न्यायालय तक उठाएंगे मामला
मेरठ । #ANN काशी टोल प्लाजा पर 1 नवंबर को हुए घटनाक्रम और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अवनीश काजला के काफिले पर दर्ज मुकदमों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताया है। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अवनीश काजला, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा और अन्य नेताओं ने घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दीपावली के बाद वे मामले को सड़क से लेकर न्यायालय तक उठाएंगे।
अवनीश काजला ने बताया कि दिल्ली में आयोजित रैली में शामिल होने के लिए काफिले के वाहनों को टोल प्लाजा से निकलने देने के संबंध में पहले ही टोल मैनेजर से अनुमति ली गई थी। उनके अनुसार, वाहनों के निकलने का रास्ता, निर्धारित लेन और गाड़ियों के नंबर भी साझा किए गए थे। काजला ने कहा कि टोल पर पहुंचने से पहले फोन पर बातचीत कर वाहनों के निकलने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई थी।
काजला का आरोप है कि इसके बावजूद काशी टोल प्लाजा पहुंचने पर पुलिस ने नाकाबंदी कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की किए जाने तथा उन्हें रैली में जाने से रोकने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब रैली में जाने के लिए टोल पर पहले से अनुमति और व्यवस्था तय थी, तो कार्यकर्ताओं को रोकने का औचित्य समझ से परे है।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि टोल कर्मचारियों को माध्यम बनाकर मुकदमे दर्ज कराए गए और पुलिस कार्रवाई के जरिए जनता की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले में अपनी बात संबंधित अधिकारियों के सामने रखेगी और जवाबदेही तय करने की मांग करेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना और रैली में शामिल होना कार्यकर्ताओं का अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि मुकदमों, दबाव या धमकी से पार्टी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की बढ़ती प्रवृत्ति का भी विरोध करने की बात कही।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, दीपावली के बाद इस प्रकरण को लेकर सड़क पर विरोध दर्ज कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का रुख किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विपक्ष के अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। पार्टी ने मेरठ पुलिस की भूमिका और कार्यशैली को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में धूम सिंह गुर्जर, सलीम खान, रीना शर्मा, बबीता गुर्जर, विनोद सोनकर, इकरामुद्दीन पार्षद, अजीम प्रधान, दीपांशु गुर्जर और राजू यादव सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि जनता की आवाज उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और वे इस मामले में अपना संघर्ष जारी रखेंगे