हुनर हाट के दूसरे दिन रचनात्मकता, स्वाद और स्वावलंबन का संगम
आर.जी. पीजी कॉलेज में छात्राओं, शिक्षिकाओं और पूर्व छात्राओं ने सजाए हस्तनिर्मित उत्पादों व व्यंजनों के स्टॉल; आयोजन ने कौशल और स्वरोजगार को दिया मंच
मेरठ । #ANN रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज (आर.जी. पीजी कॉलेज) में 4 नवंबर को आयोजित हुनर हाट के दूसरे दिन परिसर में रचनात्मकता, उद्यमशीलता और उत्साह का माहौल रहा। आरपीजी इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल के स्टार्ट एक्टिविटी सेल और रवींद्रनाथ टैगोर कल्चरल क्लब के संयुक्त तत्वावधान में लगे इस आयोजन में छात्राओं, शिक्षिकाओं और पूर्व छात्राओं ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। हस्तनिर्मित वस्तुओं के स्टॉल और फूड प्लाजा के व्यंजनों ने आगंतुकों का ध्यान खींचा।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी के संरक्षण और मार्गदर्शन में आयोजित हुनर हाट का उद्देश्य छात्राओं को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने के साथ कौशल विकास, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए प्रोत्साहित करना रहा। आयोजन ने छात्राओं को अपने उत्पाद प्रस्तुत करने और व्यावहारिक अनुभव पाने का अवसर दिया। इसका संदेश रहा कि हुनर को उचित मंच मिले तो वह पहचान बनाने और आजीविका का माध्यम बनने की क्षमता रखता है।
फूड प्लाजा में पारंपरिक स्वाद और पौष्टिक व्यंजन
हुनर हाट का फूड प्लाजा दूसरे दिन विशेष आकर्षण बना रहा। विभिन्न विभागों की छात्राओं और शिक्षिकाओं ने अपने स्टॉल पर पारंपरिक और आधुनिक व्यंजन प्रस्तुत किए। राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से खीर और चना चाट परोसी गई। ड्राइंग एवं पेंटिंग विभाग ने भेलपुरी, पापड़ी चाट और पानीपुरी के स्टॉल लगाए, जबकि वाणिज्य विभाग ने पानीपुरी प्रस्तुत की।
गृह विज्ञान विभाग ने रागी के लड्डू और मिलेट्स से बने पौष्टिक व्यंजन रखे। इन उत्पादों के माध्यम से पारंपरिक खाद्य संस्कृति और स्वस्थ खानपान का संदेश दिया गया। मनोविज्ञान विभाग की मटर चाट भी आगंतुकों के बीच लोकप्रिय रही। फूड प्लाजा में स्वाद के साथ पोषण और मोटे अनाजों के महत्व को सामने रखा गया।
हस्तनिर्मित वस्तुओं में दिखी छात्राओं की कल्पनाशीलता
वाणिज्य विभाग की छात्राओं ने हस्तनिर्मित हेयर क्लिप्स, की-रिंग्स, रेजिन से बनी पूजा की प्लेटें, क्रोशिया के फूल, हैंडमेड नेल आर्ट, पर्स, दुपट्टे और सूट प्रदर्शित किए। भूगोल विभाग ने आकर्षक वॉल हैंगिंग्स प्रस्तुत कीं। गृह विज्ञान विभाग के स्टॉल पर हस्तनिर्मित स्टोल रखे गए। इनमें दीपकों से सजाया गया स्टोल और हाथ से बनाए गए रंग-बिरंगे ऊनी डिजाइन विशेष रूप से ध्यान खींचते रहे।
समाजशास्त्र विभाग की छात्राओं ने स्वयं सिले हुए सूट प्रदर्शित किए, जबकि अंग्रेजी विभाग ने आकर्षक हेयर एक्सेसरीज तैयार कीं। ड्राइंग एवं पेंटिंग विभाग की छात्राओं ने हाथ से बनी कान्हा जी की पोशाक, बंदनवार, वॉल हैंगिंग्स और मंडला आर्ट के नमूने रखे। इन कलाकृतियों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और छात्राओं की कलात्मक अभिव्यक्ति की झलक दिखाई दी।
सिलाई विभाग ने हाथ से तैयार किए गए पर्स प्रदर्शित किए। रसायन विज्ञान विभाग की छात्राओं ने पाइप क्लीनर से रंग-बिरंगे फूल और हेयर क्लिप्स बनाकर साधारण सामग्री के रचनात्मक उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत किया। बी.एड. विभाग की ओर से हस्तनिर्मित इयररिंग्स, हेयर एक्सेसरीज और सजावटी वस्तुएं रखी गईं। पी.सी.एम. विभाग ने मनोरंजक खेलों का आयोजन किया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साह से हिस्सा लिया।
पूर्व छात्रा के उत्पादों ने दिया उद्यमशीलता का संदेश
हुनर हाट में महाविद्यालय की पूर्व छात्रा डॉ. पल्लवी रस्तोगी की सहभागिता भी आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने अपने स्टॉल पर हस्तनिर्मित चॉकलेट, ब्राउनी, आम पापड़ चॉकलेट सहित विभिन्न उत्पाद प्रदर्शित किए। उनकी भागीदारी ने छात्राओं के सामने अपने कौशल को व्यवसाय और स्वरोजगार से जोड़ने का उदाहरण रखा।
आयोजन में छात्राओं ने कला, हस्तकला, सिलाई और पाक-कौशल के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई। महाविद्यालय की ओर से इसे रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास, कौशल विकास, उद्यमशीलता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने की पहल बताया गया। हुनर हाट के दूसरे दिन सजे रंगीन स्टॉल और प्रस्तुत किए गए व्यंजन परिसर को रचनात्मक उत्सव का रूप देते रहे।
महाविद्यालय की मीडिया प्रभारी प्रो. सुनीता और डॉ. पूनम लता ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य प्रत्येक छात्रा को अपने हुनर के प्रदर्शन का अवसर देना और उसे प्रोत्साहन देना है। हुनर हाट ने यह संदेश दिया कि सही मंच और मार्गदर्शन मिलने पर छात्राओं की प्रतिभा उनकी पहचान और आजीविका का आधार बन सकती है।