डॉ सुरेश को सम्मानित करती राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू
मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय एवं विम्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में देश के विख्यात हेमेटोलॉजिस्ट तथा हाल ही में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान “पद्मश्री” से सम्मानित डॉ. सुरेश हनगवाडी का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मेडिकल विद्यार्थियों के लिए “रोल ऑफ फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी इन ट्रीटमेंट ऑफ हीमोफीलिया” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने हीमोफीलिया जैसी दुर्लभ रक्त विकार बीमारी के उपचार और जागरूकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. सुरेश हनगवाडी, विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे, वित्त निदेशक सीए युवराज सिंह, डीन मेडिकल प्रभु एम.एच. सहित अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
राष्ट्रपति से सम्मानित होने के बाद मेरठ में पहला भव्य अभिनंदन
दो दिन पूर्व ही राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किए गए डॉ. सुरेश हनगवाडी का वेंक्टेश्वरा परिसर में जोरदार स्वागत किया गया। विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
स्वयं हीमोफीलिया से पीड़ित होकर भी हजारों मरीजों को दिया नया जीवन
अपने प्रेरणादायी संबोधन में डॉ. सुरेश हनगवाडी ने बताया कि बचपन में हीमोफीलिया से पीड़ित अपने मामा की समय पर उपचार न मिलने के कारण हुई मृत्यु ने उन्हें डॉक्टर बनने की प्रेरणा दी। बाद में उन्हें स्वयं भी हीमोफीलिया से पीड़ित होने का पता चला, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
उन्होंने एमबीबीएस और एमडी की शिक्षा पूरी करने के बाद कर्नाटक हीमोफीलिया सोसाइटी की स्थापना की और पिछले चार दशकों से हजारों हीमोफीलिया मरीजों का निःशुल्क उपचार करते हुए उन्हें नया जीवन देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लगभग 10 लाख हीमोफीलिया मरीजों के लिए फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी (क्लॉटिंग फैक्टर) किसी वरदान से कम नहीं है।
उन्होंने मेडिकल छात्रों से आह्वान किया कि वे मानवता की सेवा को अपना सर्वोच्च लक्ष्य बनाएं और दुर्लभ बीमारियों के उपचार एवं जागरूकता के लिए आगे आएं।
वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के एडवाइजरी बोर्ड में शामिल होंगे डॉ. सुरेश
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि पद्मश्री डॉ. सुरेश हनगवाडी को वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के एडवाइजरी बोर्ड में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुरेश का जीवन संघर्ष, सेवा, समर्पण और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता का अद्भुत उदाहरण है, जिससे विश्वविद्यालय के हजारों मेडिकल छात्र प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र सेवा के लिए कार्य करेंगे।
सेवा और समर्पण की मिसाल हैं डॉ. सुरेश: सुधीर गिरि
वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने कहा कि स्वयं हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझते हुए भी डॉ. सुरेश हनगवाडी ने अपना पूरा जीवन इस रोग से पीड़ित हजारों मरीजों की सेवा में समर्पित कर दिया। उनका जीवन त्याग, संघर्ष और मानव सेवा की ऐसी मिसाल है, जो करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणास्रोत है।
बड़ी संख्या में चिकित्सक और विद्यार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम में डॉ. आलोक कुमार, डॉ. गरिमा भटनागर, डॉ. कलीम खान, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. फैजल खिलानी, डॉ. शशिधरन, डॉ. श्रीरेड्डी कृष्णा, डॉ. कमर आलम, डॉ. साची अहलावत, डॉ. वीर भद्र, डॉ. एस.पी. विट्टल, डॉ. नौशाद, डॉ. शाकिब, डॉ. सेल्वा कुमार, डॉ. निपुण, डॉ. शिल्पी, डॉ. प्रवीलिका, डॉ. श्रुति, डॉ. निलीशा, डॉ. आशी, डॉ. अभिनव, डॉ. नवनीत कुमार, एस.एस. बघेल, सचिन, प्रीतपाल तथा मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, मेडिकल छात्र और विश्वविद्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।