पुलिस द्वारा शहर की कोचिंगों पर की गई कार्यवाही
मेरठ। लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद मेरठ में प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। गुरुवार को भी मेडा, अग्निशमन विभाग, विद्युत सुरक्षा विभाग, प्रशासन और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त टीमों ने शहरभर में कोचिंग सेंटरों पर सघन जांच अभियान चलाया। दिनभर चली कार्रवाई के दौरान 77 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया, जिनमें अधिकांश सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे।
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने 14 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया, जबकि 16 संस्थानों को आवश्यक सुरक्षा मानक पूरे होने तक अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया। इससे पहले बुधवार को भी 10 कोचिंग सेंटरों को अस्थायी रूप से बंद कराया गया था।
सुरक्षा इंतजाम नदारद, छात्रों की जान से हो रहा था खिलवाड़
निरीक्षण के दौरान अधिकांश कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम तक नहीं मिले। कई संस्थानों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) नहीं था, जबकि आग जैसी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त उपकरण और संसाधन भी उपलब्ध नहीं पाए गए। जांच अधिकारियों ने इसे छात्रों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही माना।
इन कोचिंग संस्थानों को किया गया अस्थायी रूप से बंद
अग्निशमन विभाग ने सिविल कोचिंग एकेडमी, चाणक्य आईएएस, द केड क्लासेज, सनराइज कंप्यूटर (स्टार प्लाजा), लैंडमार्क क्लासेज एवं अल इल्म लाइब्रेरी (इंद्रलोक कॉलोनी), वैक्टर इंस्टीट्यूट (हापुड़ रोड) और अजवाई इंस्टीट्यूट (करम नगर) को सुरक्षा मानकों के अभाव में अस्थायी रूप से बंद कराया।
वहीं क्षेत्रीय उच्च शिक्षा विभाग ने लॉजिक इंस्टीट्यूट, महेद एजुकेशन, राणा क्लासेज और पैरामाउंट कोचिंग सेंटर (स्टार प्लाजा) को भी मानक पूरे होने तक संचालन से रोक दिया।
मेडा ने 14 कोचिंग सेंटर किए सील
मेडा की कार्रवाई में शहर के कई चर्चित कोचिंग संस्थान भी शामिल रहे। जिन संस्थानों को सील किया गया उनमें गुप्ता क्लासेज (शिवाजी रोड), डॉ. चंचल तोमर कोचिंग सेंटर, लक्ष्य आईएएस, रोहित सहगल मैथ कोचिंग, एफईएटी द करियर इंस्टीट्यूट, गुरुजी कंप्यूटर कोचिंग, एकेएस ग्रुप एजुकेशन, गौरव एजुकेशन, विद्या विजन, ब्रिलिएंट ब्रिज, आकाश कोचिंग, फिजिक्सवाला विद्यापीठ (मोदीपुरम), सारथी क्लासेज तथा केडी क्लासेज शामिल हैं।
घरों और व्यावसायिक भवनों में चल रहे थे कोचिंग सेंटर
जांच के दौरान पल्लवपुरम क्षेत्र में कई कोचिंग सेंटर आवासीय भवनों में संचालित होते मिले, जहां सैकड़ों छात्र पढ़ाई कर रहे थे। इन संस्थानों में भी सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर पाई गई। प्रशासन ने ऐसे संस्थानों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
कोचिंग के नाम पर चलता मिला कॉल सेंटर
एसडीएम सदर दीपक माथुर के नेतृत्व में कंकरखेड़ा क्षेत्र में जांच के दौरान एग्री जंक्शन नामक संस्थान में कोचिंग के बजाय कॉल सेंटर संचालित होता मिला। अधिकारियों को मौके पर कोई वैध प्रमाणपत्र या आवश्यक अनुमति नहीं दिखाई गई। मामले को पुलिस के सुपुर्द कर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इसी जांच में स्टार प्लाजा स्थित सिविल एकेडमी की उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित पंजीकरण और एनओसी 12 मई 2025 तक ही वैध मिली। इसके अलावा अग्निशमन, मेडा और विद्युत सुरक्षा विभाग की कोई भी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
नागरिक सुरक्षा ने दिया फायर सेफ्टी प्रशिक्षण
कार्रवाई के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा संगठन द्वारा टीपी नगर प्रभाग के अंतर्गत प्लेटिनम मॉल, बागपत रोड स्थित चाणक्य लाइब्रेरी में एलिमेंट्री फायर सेफ्टी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सहायक उप नियंत्रक नवीन नारंग ने आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव के तरीके और अग्निशमन उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम में राजकुमार खत्री, संजय कुमार गर्ग, वीरेंद्र मित्तल, दीपक त्यागी सहित कई लोग मौजूद रहे।
मानकों के विपरीत भवनों पर कार्रवाई की मांग
इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता अंकित चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मेडा सचिव अर्पित गुप्ता से मुलाकात कर व्यावसायिक भवनों, बेसमेंट और कोचिंग सेंटरों में हो रहे नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मेडा सचिव ने बताया कि विभाग ऐसे सभी भवनों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।
अभियान रहेगा जारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों में अग्निशमन, भवन सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा और अन्य आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके विरुद्ध आगे भी सीलिंग, बंदी और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।