मृतक भाई की हत्या को लेकर न्याय की गुहार लेकर कमिश्नरी पार्क पर प्रदर्शन करते शोषण क्रांति दल के कार्यकर्ता
मेरठ। मलियाना निवासी वंश कुशवाहा की संदिग्ध मौत के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर शोषित क्रांति दल और पीड़ित परिवार द्वारा कमिश्नरी पार्क में शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना फिलहाल सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो दोबारा अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
शुक्रवार को शोषित क्रांति दल के कार्यकर्ता और वंश कुशवाहा का परिवार कमिश्नरी पार्क में एकत्र होकर धरने पर बैठ गया। संगठन के महानगर अध्यक्ष वरुण कुमार ने बताया कि सुबह 10 बजे से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया था। धरने का उद्देश्य वंश कुशवाहा की मौत के मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करना था।
धरने की सूचना मिलते ही सीओ एलआईयू प्रदीप पालीवाल, सिविल लाइन थाना पुलिस और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में थाना जानी से एसएसआई समेत कई पुलिसकर्मी भी धरना स्थल पहुंचे और पीड़ित परिवार व संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने संगठन से धरना समाप्त करने की अपील की तथा आश्वासन दिया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने मोहर्रम के जुलूस और कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए सोमवार तक का समय मांगा।
शाम करीब चार बजे संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी एसपी संग्राम सिंह को जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक एफआईआर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई तो दोबारा अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा और आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
ज्ञापन में कहा गया है कि 28 मई 2026 को टीपी नगर क्षेत्र के मलियाना निवासी वंश कुशवाहा पुत्र अमर सिंह की कथित रूप से उसके दो दोस्तों तथा उनके दो अन्य साथियों द्वारा भोले की झाल में डुबोकर हत्या कर दी गई थी। संगठन का आरोप है कि घटना के एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मेरठ पुलिस ने अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है, जिससे पीड़ित परिवार न्याय के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है।
शोषित क्रांति दल का कहना है कि पीड़ित परिवार कई बार संबंधित अधिकारियों से मिल चुका है। परिवार एक बार जिलाधिकारी से, दो बार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से तथा कई बार सीओ सरधना से भी मिल चुका है, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
ज्ञापन में उठाए गए कई सवाल
संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में पुलिस प्रशासन से लिखित रूप में दस महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए हैं। साथ ही मांग की गई है कि पीड़ित परिवार की तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए, सभी नामजद आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष, गहन और समयबद्ध विवेचना सुनिश्चित की जाए।
संगठन का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
धरने एवं ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान उमेश प्रजापति, हेमंत जाटव, अशोक टकसालिया, रोहित बालाजी, अक्षित शर्मा, रोहित यादव, दिनेश कुमार, राहुल कुमार, केपी सिंह, आदेश गगोल, नीरज पावती, वीपी सिंह सहित बड़ी संख्या में शोषित क्रांति दल के कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।