लाल जी देसाई
नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विभिन्न राज्यों के प्रभारियों और कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
तीन राज्यों के लिए नए एआईसीसी प्रभारी नियुक्त
कांग्रेस अध्यक्ष की मंजूरी के बाद पार्टी ने हरियाणा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के लिए नए एआईसीसी प्रभारियों की नियुक्ति की है।
नई नियुक्तियों के अनुसार—
- संजय दत्त को हरियाणा का एआईसीसी प्रभारी बनाया गया है।
- लालजी देसाई को ओडिशा का एआईसीसी प्रभारी नियुक्त किया गया है।
- राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का एआईसीसी प्रभारी बनाया गया है।


पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन नियुक्तियों से संबंधित राज्यों में संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों को गति मिलेगी।
पूर्व प्रभारियों के योगदान की सराहना
कांग्रेस पार्टी ने संगठन में योगदान देने वाले पूर्व महासचिवों एवं राज्य प्रभारियों के कार्यों की सराहना भी की है।
पार्टी ने जिन नेताओं के योगदान की प्रशंसा की है, उनमें शामिल हैं—
- अविनाश पांडे
- बी. के. हरिप्रसाद
- अजय कुमार लल्लू
कांग्रेस नेतृत्व ने कहा कि इन नेताओं ने अपने-अपने कार्यकाल में संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पार्टी उनके योगदान की सराहना करती है।
बी.वी. श्रीनिवास को मिली कांग्रेस सेवा दल की जिम्मेदारी
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में कांग्रेस अध्यक्ष ने बी.वी. श्रीनिवास को कांग्रेस सेवा दल का मुख्य आयोजक (Chief Organiser) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
इस पद पर पहले लालजी देसाई कार्यरत थे। पार्टी ने उनके योगदान की भी प्रशंसा करते हुए संगठन के लिए किए गए कार्यों की सराहना की है।
संगठन को मजबूत करने की रणनीति
कांग्रेस द्वारा किए गए इन बदलावों को संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्यों में संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और ओडिशा जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में नए प्रभारियों की नियुक्ति से संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। वहीं, कांग्रेस सेवा दल की जिम्मेदारी बी.वी. श्रीनिवास को सौंपे जाने को भी संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।