पहल एक प्रयास के स्वयंसेवकों ने विश्वविद्यालय के तपोवन में श्रमदान किया
मेरठ। सामाजिक सरोकारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को निभाते हुए ‘पहल एक प्रयास’ संस्था के स्वयंसेवकों ने अपने 659वें साप्ताहिक स्वच्छता अभियान के अंतर्गत रविवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित तपोवन में श्रमदान किया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने न केवल परिसर की सफाई की, बल्कि आम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए प्लास्टिक कचरे का उचित निस्तारण करने का संदेश भी दिया।
संस्था का मूल ध्येय वाक्य “जननी जन्मभूमि स्वर्गादपि गरीयसी” है। इसी भावना के साथ स्वयंसेवक वर्षों से निरंतर स्वच्छता और जनजागरूकता का अभियान चला रहे हैं। संस्था का मानना है कि यदि व्यक्ति स्वयं स्वच्छ रहेगा तो शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेगा और यदि आसपास का वातावरण स्वच्छ एवं सुंदर होगा तो मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने तपोवन क्षेत्र और आसपास के रास्तों पर फैले प्लास्टिक, पॉलीथिन, रैपर, बोतलें तथा अन्य कूड़े-कचरे को एकत्रित किया। एकत्र किए गए कचरे को बड़े थैलों में भरकर निर्धारित कूड़ेदान के पास रखा गया ताकि उसका उचित निस्तारण किया जा सके।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने हाथों में प्ले-कार्ड लेकर आने-जाने वाले लोगों से संवाद किया और उनसे अपील की कि वे प्लास्टिक एवं अन्य कचरा केवल कूड़ेदान में ही डालें। स्वयंसेवकों ने बताया कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास की सफाई का ध्यान रखे तो शहर और देश को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
आज का अभियान कप्तान अमोघ कायस्थ और विजय जोशी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। अभियान के दौरान संस्था के कार्यों से प्रेरित होकर कुछ नवयुवक भी स्वेच्छा से श्रमदान में शामिल हुए और सफाई अभियान में अपना सहयोग दिया। इससे यह संदेश भी गया कि सामाजिक परिवर्तन जनभागीदारी से ही संभव है।
अभियान में विशेष रूप से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के बीटेक छात्र कृष नारंग एवं सार्थक ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनके अतिरिक्त कुलदीप गुप्ता, राजीव अग्रवाल, पंकज गुप्ता, अरुण शर्मा, संग्राम सिंह, किरण चौधरी, पुष्पा चिकारा, कविता बैंबी सहित अनेक स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
अभियान का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। अंत में स्वयंसेवकों ने “स्वच्छ रहेंगे, स्वस्थ रहेंगे” तथा “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ स्वच्छ और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया।
लगातार 659 सप्ताह से बिना किसी विराम के चल रहा यह अभियान समाज में सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है।