दीक्षारंभ कार्यक्रम में लोगों ने की शिरकत
मेरठ। मेरठ कॉलेज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम के दूसरे दिन उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रवृत्ति योजनाओं और विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कॉलेज के वातावरण से परिचित कराना और उनके सर्वांगीण विकास के लिए उपलब्ध अवसरों से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. वीना चौधरी ने किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेना भी विद्यार्थियों के लिए जरूरी है। उच्च शिक्षा के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभव उनके भविष्य की दिशा तय करने में सहायक होते हैं। उन्होंने बताया कि स्नातक के शुरुआती दो वर्षों का अध्ययन विद्यार्थियों को तीसरे वर्ष में शोध कार्य के लिए तैयार करता है।
महाविद्यालय की डीन प्रो. अनीता मलिक ने छात्रवृत्ति योजनाओं और कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से इन सुविधाओं का लाभ उठाकर अपनी शैक्षणिक प्रगति सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
महिला प्रकोष्ठ और एनएसएस की गतिविधियों से कराया परिचित
महिला प्रकोष्ठ की समन्वयक प्रो. मोनिका भटनागर ने बताया कि प्रकोष्ठ का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महिला प्रकोष्ठ की ओर से समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और किसी समस्या या सहायता की आवश्यकता होने पर प्रकोष्ठ से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की समन्वयक प्रो. गार्गी पचौरी ने समाजसेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एनएसएस के अंतर्गत विभिन्न महत्वपूर्ण दिवसों पर कार्यक्रम और विशेष शिविर आयोजित किए जाते हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थी सामाजिक परिस्थितियों को समझते हैं और समस्याओं के समाधान में योगदान देना सीखते हैं। उन्होंने वरिष्ठ विद्यार्थियों से मिलने वाले सहयोग और उच्च शिक्षा एवं रोजगार में एनएसएस प्रमाणपत्र की उपयोगिता की जानकारी भी दी।
रेंजर गतिविधियों में भाग लेने के लिए किया प्रोत्साहित
रेंजर टीम की समन्वयक प्रो. पूनम सिंह ने बताया कि रेंजर गतिविधियां विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने रेंजर कार्यक्रम के विभिन्न चरणों – प्रवेश, निपुण, राज्य पुरस्कार और राष्ट्रपति पुरस्कार—की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. अर्चना सिंह, प्रो. योगेश कुमार, प्रो. पंजाब सिंह मलिक, डॉ. विनय आर्य, डॉ. पंकज कुमार भारती, डॉ. गौरव बिष्ट और डॉ. अरविंद कुमार उपस्थित रहे। दीक्षारंभ के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को कॉलेज में उपलब्ध शैक्षणिक, सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों में सहभागिता के अवसरों की जानकारी मिली।