रिजर्व पुलिस लाइन स्थित बहुउद्देशीय हाल में आयोजित केंद्रीय शांति समिति की बैठक को संबोधित करते एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति
रिजर्व पुलिस लाइन में केंद्रीय शांति समिति की बैठक आयोजित, दुर्गा पूजा, नवरात्रि, दशहरा, दीपावली और छठ पूजा सहित आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा; जिलाधिकारी ने कहा—त्योहारों को शांतिपूर्ण संपन्न कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
मेरठ । आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित बहुउद्देशीय हॉल में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति की उपस्थिति में केंद्रीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में दुर्गा पूजा, नवरात्रि, दशहरा, वाल्मीकि जयंती, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, दीपावली और छठ पूजा सहित आगामी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रबुद्धजनों, धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समितियों के पदाधिकारियों तथा गणमान्य नागरिकों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी और एसएसपी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
त्योहारों को शांतिपूर्ण संपन्न कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी : जिलाधिकारी
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने कहा कि त्योहार हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान आपसी सौहार्द, भाईचारा और सहयोग की भावना बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए पुलिस-प्रशासन, आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों से संबंधित किसी भी समस्या की जानकारी मिलने पर उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आयोजन समितियों और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
शोभायात्रा, जुलूस और मेला स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी अपर नगर मजिस्ट्रेट (एसीएम), उपजिलाधिकारियों (एसडीएम), क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रस्तावित धार्मिक आयोजनों की तैयारियों की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि शोभायात्राओं, धार्मिक जुलूसों, मेलों और अन्य कार्यक्रमों के आयोजन स्थलों तथा उनके निर्धारित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान सड़क की स्थिति, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बिजली के तारों, यातायात प्रबंधन, पेयजल और सुरक्षा से संबंधित आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर मरम्मत या अन्य व्यवस्थाओं की आवश्यकता है, वहां संबंधित विभाग समय रहते कार्य पूरा कराएं।
नई परंपरा की नहीं मिलेगी अनुमति, पुराने निर्धारित मार्गों पर ही होंगे आयोजन
केंद्रीय शांति समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। पूर्व से चली आ रही पारंपरिक व्यवस्थाओं और निर्धारित नियमों के अनुरूप ही आयोजन संपन्न कराए जाएंगे। जिलाधिकारी ने आयोजन समितियों से अपील की कि वे अपने कार्यक्रमों के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त करने हेतु निर्धारित समय से आवेदन प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि समय पर आवेदन मिलने से संबंधित विभागों को आवश्यक जांच और औपचारिकताएं पूरी करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा तथा आयोजन की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जा सकेंगी। साथ ही अधिकारियों को धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम को साफ-सफाई, सड़क मरम्मत और मोबाइल टॉयलेट की जिम्मेदारी
बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगम को त्योहारों के दौरान साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मार्गों से शोभायात्राएं और धार्मिक जुलूस निकलेंगे, वहां विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। आयोजन स्थलों तथा उनके आसपास की सड़कों की स्थिति की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने आयोजन स्थलों पर आवश्यकता के अनुसार मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था और पेयजल सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया।
पंडालों में विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
आगामी त्योहारों के दौरान लगाए जाने वाले पंडालों और धार्मिक आयोजन स्थलों पर विद्युत सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को जुलूस, शोभायात्रा और मेला स्थलों पर बिजली के तारों, खंभों तथा विद्युत आपूर्ति की पहले से जांच कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्युत सुरक्षा विभाग पंडालों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराए। आयोजन समितियों को निर्धारित स्थलों पर ही पंडाल लगाने और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली से संबंधित संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रमुख आयोजन स्थलों पर एंबुलेंस और स्वास्थ्य सुविधाएं रहेंगी उपलब्ध
त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित उपस्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि प्रमुख आयोजन स्थलों की पहचान कर वहां आवश्यकता के अनुसार एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयोजन स्थलों पर स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था रखी जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को आयोजन समितियों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा गया।
थाना स्तर पर आयोजित होंगी पीस कमेटी की बैठकें
जिलाधिकारी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, प्रबुद्धजनों और नागरिकों के साथ संवाद स्थापित किया जाए। इन बैठकों के माध्यम से आयोजन स्थलों, शोभायात्रा मार्गों और संभावित समस्याओं के संबंध में पहले से जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थलों की पहचान कर वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
त्योहार रजिस्टर देखकर पुराने विवादों और जुलूस मार्गों की समीक्षा करें : एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बैठक में सभी थाना प्रभारियों को त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाने में उपलब्ध त्योहार रजिस्टर का अवलोकन किया जाए और पूर्व में घटित घटनाओं तथा संबंधित क्षेत्रों की परिस्थितियों की समीक्षा की जाए। एसएसपी ने निर्देश दिए कि पारंपरिक जुलूस मार्गों, शोभायात्राओं और मेला स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए तथा आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा जाए।
असामाजिक तत्वों पर रहेगी पुलिस की सतर्क निगरानी
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखी जाए और किसी भी संभावित विवाद की स्थिति में समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराना पुलिस और आयोजन समितियों दोनों की जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने तथा जुलूस और शोभायात्राओं के दौरान आवश्यक पुलिस प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश
बैठक में त्योहारों के दौरान बाजारों, प्रमुख मार्गों और धार्मिक आयोजन स्थलों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी और एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन स्थलों और जुलूस मार्गों पर यातायात प्रबंधन की आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ आम नागरिकों की आवाजाही को भी ध्यान में रखा जाए। यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
आयोजन समितियों से प्रशासन ने मांगा सहयोग
बैठक में जिलाधिकारी और एसएसपी ने विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समितियों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस दौरान आयोजन समितियों के पदाधिकारियों ने अपने क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्यक्रमों और आवश्यक सुविधाओं से संबंधित सुझाव दिए। अधिकारियों ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आयोजन समितियां प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें और किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारी को दें। उन्होंने कहा कि आपसी संवाद और सहयोग से ही त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सकता है।
आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील
बैठक के अंत में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह और एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने सभी धर्मों और समुदायों के लोगों से आगामी त्योहार आपसी सौहार्द, भाईचारे और सहयोग की भावना के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेरठ की सामाजिक एकता और शांति व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारियों ने आयोजन समितियों से निर्धारित नियमों का पालन करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या या विवाद की स्थिति में तत्काल पुलिस-प्रशासन को सूचना देने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि त्योहारों के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
बैठक में नगर आयुक्त, एसपी सिटी सहित वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
रिजर्व पुलिस लाइन स्थित बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित केंद्रीय शांति समिति की बैठक में नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, मेरठ विकास प्राधिकरण के सचिव बृजेश सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विजय वर्धन तोमर, अपर जिलाधिकारी नगर आदित्य कुमार प्रजापति और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कुंवर वीरेन्द्र मौर्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले, एसपी देहात अभिजीत कुमार, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में मेरठ के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रबुद्धजनों, धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समितियों के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया।
त्योहारों को लेकर प्रशासन की तैयारियां तेज
आगामी दुर्गा पूजा, नवरात्रि, दशहरा, वाल्मीकि जयंती, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ पूजा सहित विभिन्न त्योहारों को देखते हुए मेरठ प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अपनी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की प्राथमिकताओं में आयोजन स्थलों की सुरक्षा, पारंपरिक जुलूस मार्गों का निरीक्षण, साफ-सफाई, सड़क मरम्मत, बिजली एवं पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं और प्रभावी यातायात प्रबंधन शामिल हैं। केंद्रीय शांति समिति की बैठक के माध्यम से अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस, प्रशासन, आयोजन समितियों और नागरिकों के बीच निरंतर संवाद तथा सामूहिक सहयोग आवश्यक है।