विश्व नदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जल संरक्षण पर लिया संकल्प
मेरठ, 24 सितंबर 2026। रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ में पुनीत सागर अभियान के अंतर्गत सितंबर के अंतिम रविवार को मनाए जाने वाले विश्व नदी दिवस के अवसर पर जागरूकता अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की एनसीसी इकाई एवं 2/22 यूपी गर्ल्स बटालियन, मेरठ द्वारा आईक्यूएसी के तत्वावधान में सोशल सर्विस एवं कम्युनिटी सर्विस विस्तार गतिविधि के रूप में किया गया।
एनसीसी कैडेट समाज के सजग प्रहरी : प्राचार्या
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी कैडेट समाज के ऐसे वर्दीधारी सजग प्रहरी हैं, जो लोगों को जागरूक करने के लिए सदैव निःस्वार्थ भाव से तत्पर रहते हैं। समाज में एनसीसी कैडेट्स की बात और उनके संदेश को गंभीरता से सुना जाता है तथा लोग स्वयं भी उसे अपनाने और अपने आसपास के लोगों को प्रेरित करने का प्रयास करते हैं।

प्राचार्या ने कहा कि जब कोई छात्रा एनसीसी कैडेट बनती है, उसी दिन से उसका परिवार भी समाज सेवा और सामुदायिक विकास से जुड़े उसके कार्यों का हिस्सा बन जाता है। महाविद्यालय की ओर से प्रत्येक वर्ष 100 से अधिक कैडेट्स को सी-सर्टिफिकेट परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है। इसके साथ ही कैडेट्स को परीक्षा के बाद भी समाज और समुदाय से जुड़े रहकर जनहित के कार्यों में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाता है।
पूर्व एनसीसी कैडेट लायबा ने नदियों के संरक्षण का बताया महत्व
कार्यक्रम में महाविद्यालय की पूर्व एनसीसी कैडेट लायबा (कैडेट, 2020-2023) ने अतिथि वक्ता के रूप में छात्राओं एवं एनसीसी कैडेट्स को संबोधित किया। उन्होंने नदियों के संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता, जल संरक्षण तथा पर्यावरण सुरक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
लायबा ने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं हैं, बल्कि वे पर्यावरण, जैव-विविधता और जीवन-व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। नदियों और अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं और एनसीसी कैडेट्स से जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, नदियों को प्रदूषण से बचाने तथा समाज में जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
छात्राओं ने लिया स्वच्छ नदी और जल संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं एवं एनसीसी कैडेट्स ने नदियों को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त रखने, जल संरक्षण करने तथा पर्यावरण के प्रति अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने जल स्रोतों के संरक्षण को वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी आवश्यक बताया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में पर्यावरणीय जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता और स्वच्छ जल स्रोतों के संरक्षण की भावना विकसित करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि जल एवं पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक संस्था या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सामूहिक दायित्व है।
एनसीसी इकाई और शिक्षिकाओं की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम का आयोजन मेजर प्रो. अंजुला राजवंशी, एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर डॉ. संगीता धामा, भूगोल विभाग ने भी सक्रिय सहभागिता की। महाविद्यालय की छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स एवं अन्य विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को “स्वच्छ नदी–स्वस्थ पर्यावरण–सुरक्षित भविष्य” के संदेश से जोड़ते हुए जल स्रोतों की स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति निरंतर जागरूक रहने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम ने छात्राओं में सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया।