घायल छात्रा
मेरठ। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SVPUAT) में बीटेक द्वितीय वर्ष की एक छात्रा द्वारा तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर जान देने का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। गंभीर रूप से घायल छात्रा का अस्पताल में उपचार चल रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा के दौरान हुई एक घटना के बाद छात्रा लगातार मानसिक तनाव में थी और कॉलेज प्रशासन द्वारा समय पर सुनवाई न किए जाने के कारण उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई। मामले को लेकर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
परीक्षा के दौरान हुई घटना के बाद बढ़ा तनाव
परिजनों के अनुसार, 29 जुलाई को आयोजित परीक्षा के दौरान छात्रा की उत्तर पुस्तिका का एक पन्ना गलती से फट गया था। उनका आरोप है कि परीक्षा कक्ष में मौजूद निरीक्षक ने इस घटना को नकल से जोड़ते हुए उत्तर पुस्तिका को सील कर जांच के लिए भेज दिया।
परिवार का कहना है कि छात्रा ने तुरंत अपनी बात विभाग के शिक्षकों और डीन के समक्ष रखी। उसे आश्वासन दिया गया कि पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी और अभिभावकों को बुलाकर दोनों पक्षों को सुना जाएगा। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे छात्रा लगातार मानसिक दबाव में रहने लगी।
तीसरी मंजिल से छलांग लगाने का आरोप
परिजनों का कहना है कि इसी मानसिक तनाव के चलते छात्रा ने विश्वविद्यालय परिसर की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायल छात्रा को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर, हालत खतरे से बाहर
हड्डी रोग विशेषज्ञ के अनुसार, छात्रा की रीढ़ की हड्डी की वर्टिब्रा में फ्रैक्चर हुआ है। इसके अलावा हाथ, पैर और सिर में भी चोटें आई हैं। चिकित्सकों के मुताबिक फिलहाल छात्रा की स्थिति खतरे से बाहर है, लेकिन उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
वीडियो और सुसाइड नोट मिलने का दावा
परिजनों ने दावा किया है कि घटना से पहले छात्रा ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। उनका यह भी कहना है कि छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। परिवार का आरोप है कि परीक्षा निरीक्षक और कॉलेज प्रशासन के व्यवहार के कारण छात्रा मानसिक रूप से परेशान थी। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच की मांग तेज
घटना के बाद छात्रा के परिजनों और परिचितों में आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते छात्रा की शिकायत पर उचित कार्रवाई होती और उसकी बात सुनी जाती, तो शायद यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। परिवार ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।