आई जी मेरठ को ज्ञापन देने पहुंचे अंतरराष्ट्रीय जाट शक्ति मंच के कार्यकर्ता
मेरठ/बागपत। बागपत जनपद के बड़ौत क्षेत्र के लुहारी गांव में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड ने पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले में कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की, लेकिन जांच के दौरान सेवानिवृत्त शिक्षक बाबूराम ‘मास्टर जी’ की गिरफ्तारी को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय जाट शक्ति मंच के नेतृत्व में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
क्या है लुहारी तिहरा हत्याकांड?
9 जून 2026 को बड़ौत क्षेत्र के लुहारी गांव में एक विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया था। घटना के दौरान तीन लोगों की मौत हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई।
पुलिस ने विभिन्न पक्षों की तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे दर्ज किए। जांच के दौरान कई लोगों को नामजद किया गया और कुछ गिरफ्तारियां भी हुईं। इसी क्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक बाबूराम ‘मास्टर जी’ को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
हालांकि बाबूराम मास्टर जी के समर्थकों और जाट समाज के लोगों का कहना है कि उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच किए बिना कार्रवाई की गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर की गई है।
आईजी मेरठ को सौंपा गया ज्ञापन
शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय जाट शक्ति मंच के बैनर तले चौधरी नितिन बालियान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आईजी मेरठ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर कहा कि घटना अत्यंत गंभीर और दुखद है तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति को बिना पर्याप्त और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आरोपी नहीं बनाया जाना चाहिए।
ज्ञापन में बाबूराम ‘मास्टर जी’ की गिरफ्तारी पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा गया कि उनकी भूमिका की जांच मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर की जानी चाहिए।
SIT या CBCID जांच की मांग
जाट शक्ति मंच ने पूरे मामले की जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर विशेष जांच दल (SIT) अथवा सीबी-सीआईडी जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। मंच का कहना है कि इससे जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी तथा समाज में फैली आशंकाओं को दूर किया जा सकेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध हैं तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन केवल नामजदगी के आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जाना चाहिए।
वरुण की मौत की भी जांच की मांग
ज्ञापन में घटना के दौरान वरुण लुहारी की हुई मौत की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई है। जाट शक्ति मंच का कहना है कि यदि भीड़ हिंसा या मॉब लिंचिंग जैसी कोई घटना हुई है तो उसमें शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
कानून के राज और निष्पक्ष न्याय पर जोर
चौधरी नितिन बालियान ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी अपराधी का बचाव करना नहीं है, बल्कि निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और दोषी चाहे किसी भी पक्ष का हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण सुनवाई का अधिकार देता है। इसलिए इस मामले में भी सभी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का निष्पक्ष परीक्षण कराया जाना आवश्यक है।
आईजी ने दिया निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार आईजी मेरठ ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में शक्ति सिंह मलिक, सुशांत राठी, अंशु चौधरी, अनुज चौधरी, हरेंद्र राठी, अनिल डागर, जितेंद्र सिंह, प्रणव चौधरी, जतिन चौधरी, प्रतीक, वंश, संदीप पंवार, अमन, दीपांशु, केशव, अनिकेत, हिमांशु सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे।
आगे की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
लुहारी तिहरे हत्याकांड की जांच फिलहाल चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर पीड़ित पक्ष दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जाट शक्ति मंच निष्पक्ष जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग उठा रहा है। ऐसे में अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।